29 अक्टूबर 2026
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कर्नाटक में 1 नवंबर से दूध ₹8 प्रति लीटर महंगा, किसानों को मिलेंगे ₹47 प्रति लीटर

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कर्नाटक में 1 नवंबर से दूध ₹8 प्रति लीटर महंगा, किसानों को मिलेंगे ₹47 प्रति लीटर

सारांश

कर्नाटक सरकार ने 1 नवंबर से दूध ₹8 प्रति लीटर महंगा कर दिया है — लेकिन असली मकसद उपभोक्ता नहीं, किसान हैं। ₹7 की बढ़ोतरी और ₹5 की पुरानी सब्सिडी मिलाकर किसानों को अब ₹47 प्रति लीटर मिलेंगे। यह राज्य सरकार का किसान-केंद्रित दांव है, ठीक राज्य स्थापना दिवस पर।

मुख्य बातें

कर्नाटक सरकार ने 29 अक्टूबर 2026 को दूध की कीमतों में ₹8 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की, जो 1 नवंबर 2026 से प्रभावी होगी।
बढ़ोतरी में ₹7 प्रति लीटर किसानों को और ₹1 प्रति लीटर दुग्ध संघों को मिलेगा।
किसानों को मिलने वाली कीमत ₹35 से बढ़कर ₹42 प्रति लीटर होगी; सरकार की ₹5 सब्सिडी जोड़ने पर कुल ₹47 प्रति लीटर मिलेंगे।
जल संसाधन मंत्री एन.
चेलुवरयास्वामी ने विधान सौधा में इस फैसले का बचाव किया और इसे किसानों के हित में ऐतिहासिक निर्णय बताया।
पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के कथित फर्जी वीडियो मामले में JDS के सोशल मीडिया विंग से जुड़े कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
गन्ने के MSP पर मंत्री ने कहा कि यह केंद्र का विषय है; राज्य सरकार ने केंद्र पर दबाव डाला है।

कर्नाटक सरकार ने 29 अक्टूबर 2026 को दूध की कीमतों में ₹8 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की, जो 1 नवंबर 2026 से प्रभावी होगी। इस वृद्धि में से ₹7 प्रति लीटर सीधे दूध उत्पादक किसानों को मिलेगा, जबकि शेष ₹1 प्रति लीटर दुग्ध संघों के हिस्से में आएगा। सरकार की ₹5 प्रति लीटर की मौजूदा सब्सिडी जोड़ने पर किसानों की कुल प्राप्ति ₹35 से बढ़कर ₹47 प्रति लीटर हो जाएगी।

मूल्य वृद्धि का ढाँचा

फिलहाल किसानों को दूध के लिए ₹35 प्रति लीटर मिलते हैं। नई व्यवस्था के तहत यह राशि ₹42 प्रति लीटर हो जाएगी। इसमें सरकार की ₹5 प्रति लीटर की मौजूदा सब्सिडी जोड़ने पर कुल भुगतान ₹47 प्रति लीटर तक पहुँचेगा। उपभोक्ताओं की जेब पर ₹8 प्रति लीटर का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, जबकि दुग्ध संघों को संचालन व्यय के लिए ₹1 प्रति लीटर अलग से मिलेगा।

सरकार का पक्ष

जल संसाधन मंत्री एन. चेलुवरयास्वामी ने विधान सौधा, बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए इस निर्णय का बचाव किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है कि बढ़ोतरी का लाभ किसानों तक सीधे पहुँचे। मंत्री ने भावनात्मक अपील करते हुए कहा, 'मेरे पिता भी एक किसान हैं। अगर उन्हें ₹7 ज़्यादा मिलते हैं, तो हम जैसे शहरी उपभोक्ताओं के लिए दूध खरीदते समय ₹1 अतिरिक्त देने में क्या हर्ज है?' उन्होंने इस फैसले को किसानों की आर्थिक सुरक्षा से जोड़ा।

सिद्धारमैया के कथित फर्जी वीडियो पर प्रतिक्रिया

इसी प्रेस वार्ता में मंत्री चेलुवरयास्वामी ने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से जुड़े एक कथित फर्जी वीडियो के मामले पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यह वीडियो बनाने और सोशल मीडिया पर फैलाने वालों की जाँच जारी है। उनके अनुसार, इस मामले में जनता दल (सेकुलर) — JDS के सोशल मीडिया विंग से जुड़े कुछ व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कुछ अन्य कथित तौर पर फरार बताए जा रहे हैं।

मंत्री ने कहा, 'जिन्होंने यह फर्जी वीडियो बनाया, वे दोषी हैं, और जिन्होंने इसे आगे फैलाया, वे भी उतने ही जिम्मेदार हैं।' उन्होंने यह भी बताया कि जाँच से यह स्पष्ट होगा कि दिल्ली में वीडियो जारी करने के पीछे कौन था, और किस मोबाइल से यह फुटेज सोशल मीडिया पर फैलाई गई। गृह मंत्री जी. परमेश्वर जाँच की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करेंगे।

गन्ने के एमएसपी पर केंद्र से अपील

गन्ने के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि की माँग पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पहले ही इस मामले में हस्तक्षेप कर चुके हैं और राज्य सरकार ने केंद्र पर दबाव भी डाला है। मंत्री ने कहा, 'केंद्र को अब हमारे किसानों के साथ खड़ा होना चाहिए।'

आम उपभोक्ता और किसान पर असर

यह मूल्य वृद्धि ऐसे समय में आई है जब देशभर में खाद्य महँगाई का दबाव पहले से महसूस किया जा रहा है। कर्नाटक के लाखों दूध उत्पादक किसानों के लिए यह राहत की खबर है, लेकिन शहरी और ग्रामीण उपभोक्ताओं की घरेलू बजट पर इसका सीधा असर पड़ेगा। गौरतलब है कि दूध की कीमतों में यह बढ़ोतरी कर्नाटक राज्य स्थापना दिवस — 1 नवंबर से लागू होगी, जिसे राज्य सरकार किसान-हितैषी फैसले के रूप में प्रस्तुत कर रही है। आने वाले दिनों में दुग्ध संघों द्वारा खुदरा मूल्यों की नई सूची जारी होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब राज्य में राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है और सिद्धारमैया सरकार विभिन्न विवादों से घिरी है। ₹7 की वृद्धि से किसानों को वास्तविक राहत मिलेगी, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह सब्सिडी ढाँचा दीर्घकालिक रूप से टिकाऊ है या चुनावी मौसम में राहत का अल्पकालिक दांव। शहरी उपभोक्ताओं पर ₹8 का बोझ ऐसे वक्त पड़ रहा है जब खाद्य महँगाई पहले से घरेलू बजट को प्रभावित कर रही है — इस पहलू पर सरकारी बयान में कोई स्वीकृति नहीं दिखती।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक में दूध कब और कितना महंगा होगा?
कर्नाटक में दूध की कीमतें 1 नवंबर 2026 से ₹8 प्रति लीटर बढ़ जाएंगी। यह घोषणा राज्य सरकार ने 29 अक्टूबर को की है।
किसानों को दूध की कीमत बढ़ने से कितना फायदा होगा?
किसानों को मिलने वाली कीमत ₹35 से बढ़कर ₹42 प्रति लीटर होगी। सरकार की मौजूदा ₹5 प्रति लीटर सब्सिडी मिलाने पर कुल प्राप्ति ₹47 प्रति लीटर होगी।
दूध की बढ़ी कीमत का पैसा कहाँ जाएगा?
₹8 की कुल बढ़ोतरी में से ₹7 प्रति लीटर किसानों को और ₹1 प्रति लीटर दुग्ध संघों को दिया जाएगा। दुग्ध संघों को यह राशि संचालन व्यय के लिए दी जाएगी।
सिद्धारमैया के कथित फर्जी वीडियो मामले में अब तक क्या हुआ है?
जल संसाधन मंत्री एन. चेलुवरयास्वामी के अनुसार, इस मामले में JDS के सोशल मीडिया विंग से जुड़े कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कुछ अन्य कथित तौर पर फरार हैं। गृह मंत्री जी. परमेश्वर जाँच की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करेंगे।
गन्ने के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कर्नाटक सरकार का क्या रुख है?
मंत्री चेलुवरयास्वामी ने स्पष्ट किया कि गन्ने का MSP तय करने का अधिकार केंद्र सरकार के पास है। राज्य सरकार ने केंद्र पर दबाव डाला है और मुख्यमंत्री ने इस मामले में पहले ही हस्तक्षेप किया है।
राष्ट्र प्रेस
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