कर्नाटक में 1 नवंबर से दूध ₹8 प्रति लीटर महंगा, किसानों को मिलेंगे ₹47 प्रति लीटर
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक सरकार ने 29 अक्टूबर 2026 को दूध की कीमतों में ₹8 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की, जो 1 नवंबर 2026 से प्रभावी होगी। इस वृद्धि में से ₹7 प्रति लीटर सीधे दूध उत्पादक किसानों को मिलेगा, जबकि शेष ₹1 प्रति लीटर दुग्ध संघों के हिस्से में आएगा। सरकार की ₹5 प्रति लीटर की मौजूदा सब्सिडी जोड़ने पर किसानों की कुल प्राप्ति ₹35 से बढ़कर ₹47 प्रति लीटर हो जाएगी।
मूल्य वृद्धि का ढाँचा
फिलहाल किसानों को दूध के लिए ₹35 प्रति लीटर मिलते हैं। नई व्यवस्था के तहत यह राशि ₹42 प्रति लीटर हो जाएगी। इसमें सरकार की ₹5 प्रति लीटर की मौजूदा सब्सिडी जोड़ने पर कुल भुगतान ₹47 प्रति लीटर तक पहुँचेगा। उपभोक्ताओं की जेब पर ₹8 प्रति लीटर का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, जबकि दुग्ध संघों को संचालन व्यय के लिए ₹1 प्रति लीटर अलग से मिलेगा।
सरकार का पक्ष
जल संसाधन मंत्री एन. चेलुवरयास्वामी ने विधान सौधा, बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए इस निर्णय का बचाव किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है कि बढ़ोतरी का लाभ किसानों तक सीधे पहुँचे। मंत्री ने भावनात्मक अपील करते हुए कहा, 'मेरे पिता भी एक किसान हैं। अगर उन्हें ₹7 ज़्यादा मिलते हैं, तो हम जैसे शहरी उपभोक्ताओं के लिए दूध खरीदते समय ₹1 अतिरिक्त देने में क्या हर्ज है?' उन्होंने इस फैसले को किसानों की आर्थिक सुरक्षा से जोड़ा।
सिद्धारमैया के कथित फर्जी वीडियो पर प्रतिक्रिया
इसी प्रेस वार्ता में मंत्री चेलुवरयास्वामी ने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से जुड़े एक कथित फर्जी वीडियो के मामले पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यह वीडियो बनाने और सोशल मीडिया पर फैलाने वालों की जाँच जारी है। उनके अनुसार, इस मामले में जनता दल (सेकुलर) — JDS के सोशल मीडिया विंग से जुड़े कुछ व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कुछ अन्य कथित तौर पर फरार बताए जा रहे हैं।
मंत्री ने कहा, 'जिन्होंने यह फर्जी वीडियो बनाया, वे दोषी हैं, और जिन्होंने इसे आगे फैलाया, वे भी उतने ही जिम्मेदार हैं।' उन्होंने यह भी बताया कि जाँच से यह स्पष्ट होगा कि दिल्ली में वीडियो जारी करने के पीछे कौन था, और किस मोबाइल से यह फुटेज सोशल मीडिया पर फैलाई गई। गृह मंत्री जी. परमेश्वर जाँच की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करेंगे।
गन्ने के एमएसपी पर केंद्र से अपील
गन्ने के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि की माँग पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पहले ही इस मामले में हस्तक्षेप कर चुके हैं और राज्य सरकार ने केंद्र पर दबाव भी डाला है। मंत्री ने कहा, 'केंद्र को अब हमारे किसानों के साथ खड़ा होना चाहिए।'
आम उपभोक्ता और किसान पर असर
यह मूल्य वृद्धि ऐसे समय में आई है जब देशभर में खाद्य महँगाई का दबाव पहले से महसूस किया जा रहा है। कर्नाटक के लाखों दूध उत्पादक किसानों के लिए यह राहत की खबर है, लेकिन शहरी और ग्रामीण उपभोक्ताओं की घरेलू बजट पर इसका सीधा असर पड़ेगा। गौरतलब है कि दूध की कीमतों में यह बढ़ोतरी कर्नाटक राज्य स्थापना दिवस — 1 नवंबर से लागू होगी, जिसे राज्य सरकार किसान-हितैषी फैसले के रूप में प्रस्तुत कर रही है। आने वाले दिनों में दुग्ध संघों द्वारा खुदरा मूल्यों की नई सूची जारी होने की उम्मीद है।