राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव का भाजपा पर बड़ा हमला, SIR से वोटों की चोरी और ज्ञानेश कुमार को हटाने की माँग
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने 28 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष देश के लोकतंत्र को मजबूत करने की लड़ाई लड़ रहा है, जबकि भाजपा ने संवैधानिक संस्थाओं को सत्ता की मशीनरी में बदल दिया है। बिहार के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में हुए चुनावों के नतीजों के बीच यह बयान राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बिहार चुनाव परिणामों पर राजद का रुख
शक्ति सिंह यादव ने बताया कि बिहार में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की आठ सीटों पर हुए चुनावों के सभी परिणाम अभी घोषित नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि दरभंगा के परिणाम का अभी इंतजार है, जबकि कोसी में एक निर्दलीय प्रत्याशी से मुकाबला जारी है। छपरा में निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत दर्ज की है।
यादव ने बताया कि पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में राजद ने जीत हासिल की है, वहीं पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मतगणना जारी है। उन्होंने कहा कि इस बार पार्टी ने उन सीटों पर भी उम्मीदवार उतारे, जहाँ वह परंपरागत रूप से चुनाव नहीं लड़ती थी, और इसके अच्छे परिणाम मिले हैं।
SIR पर विपक्ष की एकजुट आपत्ति
राजद प्रवक्ता ने विशेष नामावली पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि SIR की आड़ में मतदाताओं के वोटों के साथ छेड़छाड़ की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और उन्हें संरक्षण देने वालों के खिलाफ देशभर में गहरा रोष है।
यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल चुनाव आयोग की स्वायत्तता और पारदर्शिता पर लगातार सवाल उठाते रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि नामावली संशोधन की प्रक्रिया में कमज़ोर वर्गों के मतदाताओं के नाम काटे जाने की आशंका है।
भाजपा पर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप
शक्ति सिंह यादव ने कहा कि भाजपा ने संवैधानिक संस्थाओं को सरकार बनाने की मशीनरी में तब्दील कर दिया है। उनका कहना था कि यदि मतदाताओं के वोटों को प्रभावित करने के आरोपों से घिरा कोई व्यक्ति संवैधानिक पद पर बना रहता है, तो लोकतंत्र की नींव पर प्रतिकूल असर पड़ता है। राजद प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि जब तक ज्ञानेश कुमार को पद से नहीं हटाया जाता, तब तक इंडी गठबंधन अपना विरोध जारी रखेगा।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब विपक्ष ने चुनाव आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाए हों। सर्वोच्च न्यायालय की संविधान पीठ भी इस विषय पर पहले अहम टिप्पणी कर चुकी है।
इंडी गठबंधन की 1 नवंबर रैली और भाजपा की प्रतिक्रिया
राजद प्रवक्ता ने जानकारी दी कि इंडी गठबंधन ने 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली आयोजित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने भी उसी दिन अपना कार्यक्रम रखा है, जो उनके अनुसार विपक्ष की एकजुटता से सत्ताधारी दल की घबराहट को उजागर करता है।
यादव ने कहा कि लोकतंत्र में सभी राजनीतिक दलों को अपने कार्यक्रम आयोजित करने का अधिकार है, लेकिन विपक्ष की आवाज दबाने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
आगे की राह
राजद समेत पूरा इंडी गठबंधन मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है। 1 नवंबर की रैली विपक्ष की एकजुटता का अगला बड़ा परीक्षण होगी, और बिहार चुनाव परिणामों का अंतिम आँकड़ा भी आने वाले दिनों में राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।