अदाणी पोर्ट्स Q2 नतीजे: आय 24% बढ़कर ₹11,340 करोड़, FY27 EBITDA गाइडेंस ₹1,000 करोड़ बढ़ाई
सारांश
मुख्य बातें
अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के नतीजे जारी किए, जिनमें कंसोलिडेटेड आय सालाना आधार पर 24 प्रतिशत बढ़कर ₹11,340 करोड़ पहुँच गई — पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह ₹9,167 करोड़ थी। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों पोर्ट परिचालनों में तेज़ वृद्धि के दम पर कंपनी ने पूरे वित्त वर्ष के लिए अपनी गाइडेंस भी ऊपर कर दी है।
मुख्य वित्तीय प्रदर्शन
सितंबर तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 18 प्रतिशत बढ़कर ₹3,682 करोड़ हो गया, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह ₹3,120 करोड़ था। EBITDA भी 23 प्रतिशत की छलांग लगाकर ₹6,807 करोड़ पर पहुँचा, जो पिछले साल ₹5,550 करोड़ था।
वित्त वर्ष 27 की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर 2026) में कंपनी की कुल आय 21 प्रतिशत बढ़कर ₹22,161 करोड़ रही — पिछले वर्ष की समान अवधि में यह ₹18,294 करोड़ थी। इसी अवधि में शुद्ध लाभ 14 प्रतिशत बढ़कर ₹7,332 करोड़ और EBITDA 21 प्रतिशत बढ़कर ₹13,347 करोड़ हो गया।
गाइडेंस में उल्लेखनीय बढ़ोतरी
मजबूत अर्धवार्षिक प्रदर्शन के मद्देनज़र APSEZ ने पूरे वित्त वर्ष 27 के लिए आय गाइडेंस को ₹1,000 करोड़ बढ़ाकर ₹44,000-46,000 करोड़ कर दिया है। इसी तरह, EBITDA गाइडेंस भी ₹1,000 करोड़ बढ़ाकर ₹26,000-27,000 करोड़ की गई है। यह संशोधन इस बात का संकेत है कि प्रबंधन को शेष वित्त वर्ष में भी गति बनाए रखने का भरोसा है।
घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पोर्ट्स का योगदान
कंपनी के घरेलू पोर्ट्स की आय सालाना आधार पर 13 प्रतिशत बढ़ी और EBITDA मार्जिन 72.5 प्रतिशत पर बना रहा, जो परिचालन दक्षता को दर्शाता है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय पोर्ट्स से आय में उल्लेखनीय 71 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई, हालाँकि EBITDA मार्जिन 47.7 प्रतिशत पर रहा — जो घरेलू कारोबार की तुलना में कम है, लेकिन वृद्धि की रफ्तार तेज़ है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक बंदरगाह कारोबार भू-राजनीतिक व्यापार बाधाओं और शिपिंग मार्गों के पुनर्गठन से जूझ रहा है।
प्रबंधन की प्रतिक्रिया
नतीजों पर APSEZ के पूर्णकालिक निदेशक और सीईओ अश्विनी गुप्ता ने कहा, 'वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही शानदार रही। हमारे घरेलू पोर्ट्स हमारी कमाई का मुख्य आधार बने हुए हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय पोर्ट्स, लॉजिस्टिक्स और मरीन कारोबार विकास के मजबूत इंजन के रूप में उभर रहे हैं।'
गुप्ता ने पूँजीगत अनुशासन पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में कंपनी ने ₹30,346 करोड़ का पूंजीगत व्यय किया है और नेट डेट-टू-EBITDA अनुपात 1.8 गुना पर बनाए रखा है। उन्होंने इसे कंपनी के 'एम्बिशन 2031' विस्तार लक्ष्यों की दिशा में किए जा रहे निवेश का हिस्सा बताया।
आगे की राह
गौरतलब है कि APSEZ देश के सबसे बड़े निजी बंदरगाह ऑपरेटर के रूप में भारत के बढ़ते निर्यात और आयात बुनियादी ढाँचे में केंद्रीय भूमिका निभाता है। अंतरराष्ट्रीय पोर्ट्स से 71 प्रतिशत की आय वृद्धि यह संकेत देती है कि कंपनी की वैश्विक विस्तार रणनीति रंग ला रही है। आने वाली तिमाहियों में 'एम्बिशन 2031' के तहत नए निवेशों और क्षमता विस्तार के परिणामों पर निवेशकों की नज़र रहेगी।