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PNB ग्रेटर नोएडा शाखा में ₹35 करोड़ के कथित गबन से खाताधारक परेशान, बैंक का भरोसा — 'पैसा सुरक्षित है'

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PNB ग्रेटर नोएडा शाखा में ₹35 करोड़ के कथित गबन से खाताधारक परेशान, बैंक का भरोसा — 'पैसा सुरक्षित है'

सारांश

ग्रेटर नोएडा की PNB शाखा में ₹35 करोड़ से अधिक के कथित गबन ने खाताधारकों की नींद उड़ा दी है — एफडी गायब, बैलेंस शून्य। बैंक 'सब मिलेगा' कह रहा है, लेकिन पीड़ितों के सवालों का जवाब अभी भी अधूरा है।

मुख्य बातें

पंजाब नेशनल बैंक की ग्रेटर नोएडा, पाई-1 सेक्टर शाखा में ₹35 करोड़ से अधिक की कथित वित्तीय अनियमितता की आशंका जताई जा रही है।
खाताधारक अमरपाल की ₹80 लाख की तीन एफडी और बृजेश कुमार के ₹1.18 करोड़ खाते से गायब होने का आरोप।
चीफ मैनेजर राजेश निगम ने भरोसा दिलाया कि सभी की जमा राशि मिलेगी; मामला केवल इसी शाखा तक सीमित बताया।
पीड़ितों ने थाने में तहरीर दी, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं; केंद्र और राज्य सरकार से जल्द कार्रवाई की माँग।
बैंक प्रबंधन आंतरिक जाँच कर रहा है; खाताधारकों से आवेदन लिखवाए जा रहे हैं।

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की ग्रेटर नोएडा के पाई-1 सेक्टर स्थित शाखा में ₹35 करोड़ से अधिक की कथित वित्तीय अनियमितता सामने आने के बाद 28 अक्टूबर 2026 को खाताधारकों में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एफडी और बचत खातों से रकम गायब होने की शिकायतें मिल रही हैं, जिसके बाद बड़ी संख्या में ग्राहक शाखा पर पहुँच गए। बैंक प्रबंधन ने भरोसा दिलाया है कि सभी खाताधारकों की जमा राशि सुरक्षित है और जाँच जारी है।

मुख्य घटनाक्रम

खबर फैलते ही पाई-1 सेक्टर की इस शाखा के बाहर खाताधारकों की भीड़ जमा हो गई। कई ग्राहकों ने दावा किया कि उनके खातों में अचानक शून्य बैलेंस दिखाई दे रहा है या एफडी बिना उनकी जानकारी के बंद कर दी गई है। प्रारंभिक जाँच में ₹35 करोड़ से अधिक की अनियमितता की आशंका जताई जा रही है, हालाँकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

खाताधारकों की परेशानी

अमरपाल नाम के एक खाताधारक ने बताया कि उनकी ₹80 लाख की तीन एफडी थीं। उन्होंने आरोप लगाया, 'मेरा पूरा एफडी क्लोजर करके खा गए और पता अब चल रहा है।' उन्होंने यह भी कहा कि थाने में तहरीर दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

एक अन्य खाताधारक बृजेश कुमार ने बताया कि उनके खाते में ₹1.18 करोड़ थे, लेकिन जब वे रकम निकालने आए तो पाया कि बैलेंस शून्य हो चुका था। उन्होंने कहा, 'मैनेजर ने कहा है कि दीवाली से पहले तक पैसा मिल जाएगा, लेकिन हमें कोई उम्मीद नहीं लग रही।' महिला खाताधारक बीना ने भी अपना दुख साझा करते हुए कहा कि सरकारी बैंक समझकर रकम जमा की थी, लेकिन अब बैंक केवल आवेदन लिखने की बात कह रहा है और पैसे कब मिलेंगे, इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं है।

बैंक की प्रतिक्रिया

पंजाब नेशनल बैंक के चीफ मैनेजर राजेश निगम ने खाताधारकों को आश्वस्त करते हुए कहा, 'जिसका भी पैसा बैंक में है, मिलेगा। बैंक में चेकिंग चल रही है और पैसा सबको मिल रहा है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह मामला केवल इसी शाखा तक सीमित है और अन्य शाखाएँ इससे अप्रभावित हैं।

हालाँकि, मामले के विवरण के बारे में निगम ने जानकारी देने से इनकार करते हुए कहा, 'इस बारे में मैं कुछ बता नहीं सकता। मुझे कुछ समय दीजिए।' उन्होंने यह भी कहा कि PNB एक बड़ा बैंक है और किसी को कोई नुकसान नहीं होगा।

आम जनता पर असर

गौरतलब है कि अधिकतर पीड़ित खाताधारकों ने सरकारी बैंक होने के कारण PNB में जमा राशि को सुरक्षित माना था। उनका कहना है कि बैंक अधिकारी उन्हें '10-15 दिन' की प्रतीक्षा कराते रहे, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। खाताधारक अमरपाल ने केंद्र और राज्य सरकार से अपील की है कि उनकी रकम जल्द से जल्द खातों में वापस की जाए।

क्या होगा आगे

फिलहाल बैंक प्रबंधन मामले की आंतरिक जाँच कर रहा है और जाँच पूरी होने के बाद स्थिति स्पष्ट होने की बात कही जा रही है। खाताधारकों से आवेदन लिखवाए जा रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब सरकारी बैंकों की विश्वसनीयता और आंतरिक निगरानी तंत्र पहले से ही सवालों के घेरे में है। जाँच के नतीजे और प्रशासनिक कार्रवाई आने वाले दिनों में तस्वीर स्पष्ट करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब तक कि स्वतंत्र जाँच, समयबद्ध वापसी और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की स्पष्ट रूपरेखा सामने न आए। नियामकीय तंत्र की परीक्षा यहीं है।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PNB ग्रेटर नोएडा शाखा में क्या हुआ है?
ग्रेटर नोएडा के पाई-1 सेक्टर स्थित पंजाब नेशनल बैंक शाखा में ₹35 करोड़ से अधिक की कथित वित्तीय अनियमितता की आशंका जताई जा रही है। खाताधारकों का आरोप है कि उनकी एफडी और बचत खातों से रकम बिना जानकारी के गायब हो गई है।
क्या खाताधारकों का पैसा वापस मिलेगा?
बैंक के चीफ मैनेजर राजेश निगम ने स्पष्ट कहा है कि सभी का पैसा मिलेगा और जाँच जारी है। हालाँकि, खाताधारकों को अभी तक कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई गई है और उनसे केवल आवेदन लिखवाए जा रहे हैं।
क्या अन्य PNB शाखाएँ भी इस मामले से प्रभावित हैं?
बैंक प्रबंधन के अनुसार यह मामला केवल पाई-1 सेक्टर, ग्रेटर नोएडा की एक शाखा तक सीमित है। अन्य शाखाओं के प्रभावित होने की कोई जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है।
पीड़ित खाताधारकों ने क्या कदम उठाए हैं?
कई खाताधारकों ने स्थानीय थाने में तहरीर दी है, हालाँकि उनका कहना है कि अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। कुछ खाताधारकों ने केंद्र और राज्य सरकार से भी जल्द हस्तक्षेप की माँग की है।
इस तरह के बैंक गबन के मामले में जमाकर्ताओं की सुरक्षा के क्या प्रावधान हैं?
भारत में डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन (DICGC) के तहत प्रति खाताधारक ₹5 लाख तक की जमा राशि बीमित होती है। इससे अधिक राशि की वसूली बैंक की आंतरिक जाँच, नियामकीय कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करती है।
राष्ट्र प्रेस
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