पंजाब पुलिस ने साइबर फ्रॉड में 63,749 बैंक खाते फ्रीज किए, ₹64 करोड़ पीड़ितों को लौटाए
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब पुलिस स्टेट साइबर क्राइम डिवीजन ने पिछले एक वर्ष में साइबर धोखाधड़ी से जुड़े 63,749 बैंक खाते फ्रीज किए हैं, जिनमें कुल ₹540.34 करोड़ का संदिग्ध लेनदेन दर्ज किया गया था। यह जानकारी पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने 26 जून 2025 को चंडीगढ़ में साझा की। इस कार्रवाई के तहत 2024 से अब तक लगभग ₹64 करोड़ की राशि पीड़ितों को वापस की जा चुकी है।
मुख्य घटनाक्रम
डिवीजन ने 1 जनवरी 2025 से अब तक अकेले ₹38.42 करोड़ रिकवर किए हैं। इस अवधि में राज्य भर में साइबर अपराध के 62,253 मामले दर्ज किए गए। वित्तीय रिकवरी की दर पिछले वित्तीय वर्ष में 16.13% से बढ़कर 23.43% हो गई है, जो प्रणालीगत सुधार का संकेत देती है।
डीजीपी यादव ने कहा, 'साइबर फ्रॉड करने वाले गैंग्स के खिलाफ बड़े पैमाने पर की गई कार्रवाई से न केवल पंजाब पुलिस हजारों फ्रॉड वाले बैंक अकाउंट फ्रीज करने और ठगी गई रकम रिकवर करने में कामयाब रही है, बल्कि इससे देश भर में चल रहे संगठित साइबर अपराध नेटवर्क का पर्दाफाश करने में भी मदद मिली है।'
जिलावार प्रदर्शन
जिलों में जालंधर कमिश्नरेट सबसे आगे रहा, जहाँ 16,032 खाते फ्रीज किए गए और ₹6,81,00,323 रिकवर हुए। कपूरथला में 7,344 खाते फ्रीज कर ₹2,56,00,037 वापस दिलाए गए। होशियारपुर में 7,201 खाते फ्रीज हुए और ₹3,96,29,152 रिकवर किए गए, जबकि फिरोजपुर में 6,930 खाते फ्रीज कर ₹93,16,954 की राशि बरामद की गई।
कनाडा से जुड़े उगाही मामले का भंडाफोड़
साइबर क्राइम डिवीजन ने कनाडा में रहने वाले एक पंजाबी व्यक्ति से जुड़े साइबर उगाही के मामले को भी सुलझाया। आरोपियों ने सोशल मीडिया के ज़रिए पीड़ित से संपर्क किया और ऑनलाइन 'अरदास' के बहाने निजी समस्याएँ हल करने का झाँसा दिया। पीड़ित को एक वीडियो साझा करने के लिए राज़ी किया गया और बाद में उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया गया।
शिकायत मिलते ही डिवीजन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और ₹3,49,100 तथा 500 अमेरिकी डॉलर बरामद किए।
जन-जागरूकता अभियान
स्पेशल डीजीपी (साइबर क्राइम) वी. नीरजा ने बताया कि डिवीजन अपराध रोकने के साथ-साथ नागरिकों को साइबर ठगों के तरीकों से सावधान करने पर भी ध्यान दे रहा है। उन्होंने कहा, 'पुलिस युवाओं को फेक ऑनलाइन ग्रूमिंग, साइबर बुलिंग, उगाही, फेक दोस्ती और गेमिंग प्लेटफॉर्म के बारे में जागरूक करने पर ध्यान दे रही है, क्योंकि इनसे संवेदनशील निजी जानकारी साझा होने का खतरा हो सकता है।'
नीरजा के अनुसार, लगातार जारी कार्रवाई और व्यापक जन-जागरूकता अभियान पंजाब पुलिस की बहुआयामी रणनीति का हिस्सा हैं, जिसका लक्ष्य नागरिकों की बचत सुरक्षित करना और राज्य में डिजिटल लेनदेन पर भरोसा मज़बूत करना है। यह ऐसे समय में आया है जब पूरे देश में साइबर अपराध की घटनाएँ तेज़ी से बढ़ रही हैं और केंद्र सरकार भी इस दिशा में अलग-अलग एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने पर ज़ोर दे रही है।