ओपकॉन हस्तांतरण पर अमेरिका-दक्षिण कोरिया के रक्षा प्रमुखों की सेबू में अहम बैठक
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण कोरियाई रक्षा मंत्री कांग शिन-चुल और अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने 29 अक्टूबर 2026 को फिलीपींस के सेबू में एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की, जिसका केंद्र युद्धकालीन सैन्य अभियान की कमान (ओपकॉन) के हस्तांतरण की समयसीमा और दोनों देशों के बीच उभरे मतभेदों को सुलझाना था। यह बैठक 'एसोसिएशन ऑफ साउथईस्ट एशियन नेशंस' (आसियान) के नेतृत्व वाली आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक (एडीएमएम) प्लस के आयोजन के अवसर पर हुई।
मुख्य घटनाक्रम
दक्षिण कोरियाई रक्षा मंत्रालय के अनुसार, कांग शिन-चुल के सितंबर 2026 में पदभार संभालने के बाद दोनों रक्षा प्रमुखों के बीच यह पहली आमने-सामने की बैठक थी। बैठक का विस्तृत विवरण बाद में जारी किए जाने की जानकारी है। इस मुलाकात ने उस समय सबका ध्यान खींचा है जब दोनों सहयोगी देशों के बीच ओपकॉन हस्तांतरण की गति और शर्तों को लेकर तनाव उभरता दिख रहा है।
ओपकॉन विवाद की पृष्ठभूमि
वर्तमान में युद्ध की स्थिति में दक्षिण कोरिया और अमेरिका की संयुक्त सेनाओं का परिचालन नियंत्रण अमेरिकी नेतृत्व वाली संयुक्त कमान के पास है। दक्षिण कोरिया ने शांतिकालीन परिचालन नियंत्रण 1994 में वापस हासिल कर लिया था, किंतु युद्धकालीन कमान अब भी अमेरिका के पास बनी हुई है। दोनों देशों ने वर्ष 2015 में शर्तों पर आधारित कमान हस्तांतरण की योजना पर सहमति बनाई थी, जिसके तहत तीन चरणों में दक्षिण कोरिया की सैन्य क्षमता का आकलन होना है।
गौरतलब है कि फिलहाल दोनों देश पूर्ण परिचालन क्षमता (एफओसी) के प्रमाणन से जुड़े दूसरे चरण पर कार्य कर रहे हैं। इस आकलन के नतीजे हस्तांतरण का लक्ष्य वर्ष तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
मतभेद और नई चिंताएँ
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग का प्रशासन चाहता है कि उनके पाँच वर्षीय कार्यकाल के 2030 में समाप्त होने से पहले ही ओपकॉन वापस मिल जाए। हालांकि, अमेरिकी पक्ष राजनीतिक समयसीमा के आधार पर इस प्रक्रिया को जल्दबाजी में पूरा करने के प्रति सतर्क नजर आ रहा है। अमेरिकी प्रशासन का स्पष्ट मत है कि ओपकॉन तभी सौंपा जाएगा जब दोनों देशों के बीच तय शर्तें पूरी हो जाएंगी, और इस नीति में कोई बदलाव नहीं है।
दक्षिण कोरिया में तैनात अमेरिकी सेना के कमांडर जनरल जेवियर ब्रनसन ने हाल ही में कहा था कि कमान हस्तांतरण की परिस्थितियाँ बदल गई हैं। उनकी इस टिप्पणी के बाद सोल में यह चिंता जताई जाने लगी कि क्या मौजूदा शर्तों के अलावा नए मानक भी लागू किए जा सकते हैं।
सुरक्षा परामर्श बैठक में देरी
हस्तांतरण को लेकर दिख रहे मतभेदों के कारण अगली सुरक्षा परामर्श बैठक (एससीएम) के 2027 की शुरुआत तक टलने की अटकलें लगाई जा रही हैं। इस साल की एससीएम, जो आमतौर पर अक्टूबर के अंत या नवंबर की शुरुआत में होती है, पहले ही दिसंबर तक के लिए स्थगित की जा चुकी है। दक्षिण कोरिया चाहता है कि आगामी एससीएम में एफओसी प्रमाणन प्रक्रिया आगे बढ़े और हस्तांतरण के लिए एक निश्चित वर्ष तय हो।
आगे क्या होगा
दोनों देशों के रक्षा प्रमुखों की दिसंबर में वाशिंगटन में होने वाली बैठक में ओपकॉन के साथ-साथ व्यापक रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा की उम्मीद है। एफओसी प्रमाणन के दूसरे चरण के नतीजे यह तय करने में अहम होंगे कि हस्तांतरण कब और किस रूप में संभव होगा।