हेगसेथ: दक्षिण कोरिया को OPCON हस्तांतरण में अमेरिकी भूमिका का सम्मान जरूरी, 2028 की समयसीमा पर मतभेद
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने 30 मई 2026 को सिंगापुर में आयोजित शांगरी-ला डायलॉग (एशिया सिक्योरिटी समिट) में स्पष्ट किया कि दक्षिण कोरिया को युद्धकालीन ऑपरेशनल कंट्रोल (OPCON) सौंपने की प्रक्रिया में ऐसा संतुलन अनिवार्य है, जिसमें दशकों से निभाई जा रही अमेरिकी सैन्य जिम्मेदारियों और भूमिका का पूरा सम्मान हो। यह बयान ऐसे समय आया है जब सोल और वाशिंगटन के बीच इस हस्तांतरण की समयसीमा और प्रक्रिया को लेकर मतभेद की आशंकाएँ सतह पर आ रही हैं।
हेगसेथ का रुख: स्वागत, लेकिन शर्तों के साथ
हेगसेथ ने शांगरी-ला डायलॉग में कहा, 'अमेरिका युद्धकालीन नियंत्रण वापस लेने की दक्षिण कोरिया की इच्छा का स्वागत करता है, लेकिन यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि सैन्य योजनाओं और जिम्मेदारियों के बीच उचित संतुलन बना रहे।' उनका यह बयान अमेरिकी नीति की उस परंपरागत सतर्कता को दर्शाता है, जिसके तहत वाशिंगटन किसी भी सुरक्षा हस्तांतरण को 'क्षमता-आधारित' शर्तों से जोड़ता रहा है।
2028 की समयसीमा और सोल-वाशिंगटन मतभेद
रिपोर्टों के अनुसार, दक्षिण कोरिया की सरकार 2028 तक अमेरिका से OPCON वापस लेने की योजना बना रही है, ताकि यह प्रक्रिया राष्ट्रपति ली जे म्युंग के कार्यकाल के भीतर पूरी हो सके। हालाँकि, इस समयसीमा को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद की आशंकाएँ भी सामने आई हैं। गौरतलब है कि OPCON हस्तांतरण का मुद्दा दशकों से अमेरिका-दक्षिण कोरिया गठबंधन के केंद्र में रहा है और कई बार इसकी समयसीमा टाली जा चुकी है।
जनरल ब्रूनसन की चेतावनी
यूएस फोर्सेज कोरिया के कमांडर जनरल जेवियर ब्रूनसन ने भी इस विषय पर सतर्क रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि OPCON हस्तांतरण से पहले आवश्यक सैन्य क्षमताओं और तैयारी को सुनिश्चित करना बेहद महत्वपूर्ण है — 'सही क्षमता, सही स्थान और सही समय' को ध्यान में रखते हुए ही यह बदलाव किया जाना चाहिए। इस बयान ने 2028 की समयसीमा को लेकर अनिश्चितता और गहरी कर दी है।
रक्षा खर्च और पनडुब्बी कार्यक्रम पर सराहना
हेगसेथ ने दक्षिण कोरिया की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की पहलों की सराहना करते हुए कहा, 'राष्ट्रपति ली का रक्षा खर्च को जीडीपी के 3.5 प्रतिशत तक बढ़ाने का फैसला व्यावहारिक और दूरदर्शी है।' उन्होंने अन्य सहयोगी देशों को भी इसी राह पर चलने का आह्वान किया। इसके साथ ही, उन्होंने दक्षिण कोरिया के परमाणु ऊर्जा संचालित पनडुब्बी कार्यक्रम के प्रति अमेरिकी समर्थन दोहराया और कहा कि सहयोगी देशों की समुद्री युद्ध क्षमता में वृद्धि क्षेत्रीय स्थिरता और प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करेगी।
आगे क्या
शांगरी-ला डायलॉग में हेगसेथ के बयान से यह स्पष्ट है कि अमेरिका OPCON हस्तांतरण को सैद्धांतिक रूप से समर्थन देता है, किंतु इसकी गति और शर्तें वाशिंगटन की सैन्य तैयारी-संबंधी अपेक्षाओं पर निर्भर रहेंगी। अब सोल और वाशिंगटन के बीच अगली उच्चस्तरीय वार्ता में यह तय होगा कि 2028 की समयसीमा व्यावहारिक है या इसे फिर से स्थगित किया जाएगा।