क्या दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री ने संयुक्त कमान का दौरा किया और सैन्य तैयारियों पर जोर दिया?
सारांश
Key Takeaways
- दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच मजबूत सैन्य सहयोग की आवश्यकता है।
- 2030 तक युद्धकालीन ऑपरेशनल कमान के हस्तांतरण का लक्ष्य।
- संयुक्त बल कमान का दौरा सुरक्षा सहयोग को बढ़ाने का एक कदम है।
सियोल, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री आहन ग्यू-बैक ने मंगलवार को दक्षिण कोरिया-अमेरिका संयुक्त बल कमान (कंबाइंड फोर्सेज कमांड/सीएफसी) का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बदलते सुरक्षा परिदृश्य के बीच मजबूत और अडिग संयुक्त सैन्य तैयारियों की आवश्यकता पर जोर दिया। रक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी दी।
प्योंगटेक स्थित कैंप हम्फ्रीज़ में मौजूद सीएफसी के दौरे के दौरान, रक्षा मंत्री ने अमेरिका की कोरिया में तैनात सेनाओं के कमांडर जनरल जेवियर ब्रुनसन से भी मुलाकात की, जो सीएफसी के कमांडर की जिम्मेदारी भी संभालते हैं।
बैठक के दौरान, आहन ग्यू-बैक ने कहा कि यह वर्ष की उनकी पहली ऑन-साइट निरीक्षण यात्रा है, जो सहयोगी देशों की संयुक्त रक्षा मुद्रा के महत्व को दर्शाती है। उन्होंने अक्टूबर में हुए शिखर सम्मेलन और उसके बाद नवंबर में रक्षा मंत्रियों की वार्षिक सुरक्षा बैठक में हुए समझौतों को तेजी से लागू करने के लिए प्रयास तेज करने का आह्वान किया।
नवंबर में आयोजित सुरक्षा परामर्श बैठक (एससीएम) में दोनों देशों के रक्षा प्रमुखों ने वॉशिंगटन से सियोल को युद्धकालीन ऑपरेशनल कमान (ओपीकॉन) के हस्तांतरण की शर्तों को शीघ्र पूरा करने के लिए एक रोडमैप तैयार करने पर सहमति जताई थी। दक्षिण कोरिया का लक्ष्य वर्ष 2030 तक यह प्रक्रिया पूरी करना है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, आहन ने सीएफसी को दक्षिण कोरिया-अमेरिका गठबंधन का “हृदय” बताते हुए तेजी से बदलते सुरक्षा माहौल में अटूट युद्धक तैयारियों की जरूरत पर बल दिया।
उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि वर्ष 2026 में सीएफसी दक्षिण कोरिया और अमेरिका की संयुक्त रक्षा क्षमता को मजबूत करने तथा कोरियाई प्रायद्वीप में शांति और स्थिरता बनाए रखने में केंद्रीय भूमिका निभाएगा।”
इस अवसर पर, रक्षा मंत्री ने दक्षिण कोरियाई और अमेरिकी सैनिकों को नववर्ष का संदेश भी दिया और कोरियाई प्रायद्वीप में शांति व स्थिरता बनाए रखने में उनके योगदान के लिए आभार जताया।