नेपाल के रोल्पा में जीप 700 मीटर खाई में गिरी, 20 की मौत; बैसाख पूर्णिमा उत्सव जा रहे थे यात्री
सारांश
Key Takeaways
पश्चिमी नेपाल के रोल्पा जिले की थवांग ग्रामीण नगरपालिका में 30 अप्रैल 2026 को एक जीप दुर्घटना में 20 लोगों की मौत हो गई, जबकि दो घायलों का एक स्थानीय अस्पताल में इलाज जारी है। रोल्पा के जिला प्रशासन कार्यालय ने इस दुखद घटना की पुष्टि की है।
मुख्य घटनाक्रम
22 यात्रियों को ले जा रही एक निजी जीप गुरुवार शाम बारिश के दौरान कीचड़ भरी सड़क से फिसलकर 700 मीटर गहरी खाई में जा गिरी, जिससे उसमें सवार अधिकांश लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, यह जीप स्थानीय लोगों ने किराए पर ली थी, जो शुक्रवार को जिले के जलजला इलाके में बैसाख पूर्णिमा उत्सव में शामिल होने जा रहे थे।
रोल्पा के मुख्य जिला अधिकारी गंगा बहादुर छेत्री ने राष्ट्र प्रेस को बताया कि अब तक 20 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। छेत्री ने यह भी कहा कि हादसे की सटीक वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है और जाँच जारी है।
हादसे की परिस्थितियाँ
यह घटना गुरुवार शाम उस समय हुई जब इलाके में बारिश हो रही थी और सड़क पर कीचड़ जमा था। कथित तौर पर फिसलन भरी सड़क की स्थिति इस हादसे की प्रमुख वजह मानी जा रही है, हालाँकि अधिकारियों ने अभी तक आधिकारिक कारण घोषित नहीं किया है।
नेपाल में सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती चिंता
यह हादसा ऐसे समय में आया है जब नेपाल में सड़क दुर्घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में देश में 7,669 सड़क दुर्घटनाएँ और 190 मौतें दर्ज की गईं, जिनमें से 278 को गंभीर श्रेणी में रखा गया। गौरतलब है कि एक दशक पहले यह संख्या 4,999 थी, यानी दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव
नेपाल में विश्व बैंक के एक अध्ययन में पाया गया कि सड़क यातायात से होने वाली चोटों की आर्थिक लागत 2007 के बाद से तीन गुना बढ़ गई है और अब यह देश के सकल राष्ट्रीय उत्पाद का 1.5 प्रतिशत है। विश्व बैंक के अनुसार, नेपाल में सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले 70 प्रतिशत से अधिक लोग पैदल चलने वाले, साइकिल चलाने वाले और मोटरसाइकिल सवार हैं — यानी वे लोग जो सड़क पर सबसे अधिक असुरक्षित होते हैं।
आगे क्या होगा
जिला प्रशासन ने घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य जारी रखा है। हादसे की विस्तृत जाँच के आदेश दिए गए हैं। यह दुर्घटना एक बार फिर नेपाल में पहाड़ी सड़कों की दशा और यात्री सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।