पुणे ₹2 करोड़ गबन मामला: फरार आरोपी साइमन पीटर नासिक के होटल से गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के पुणे में ₹2 करोड़ के गबन मामले में फरार चल रहे आरोपी साइमन रॉनी पीटर को नासिक के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया गया। पुणे पुलिस ने 16 जून 2026 को यह जानकारी दी। पीटर पर आरोप है कि उसने 32 ग्राहकों से फ्लैट बिक्री के नाम पर जमा की गई रकम को कंपनी खाते में न डालकर एक फर्जी बैंक खाते में स्थानांतरित कर दिया।
मामले की पृष्ठभूमि
38 वर्षीय किरण दादासाहेब शिंदे की शिकायत के अनुसार, 'गंगा फर्नहिल' प्रोजेक्ट की चार इमारतों में फ्लैट बेचने की जिम्मेदारी सीनियर सेल्स मैनेजर साइमन रॉनी पीटर को सौंपी गई थी। आरोप है कि पीटर ने 32 ग्राहकों से इकट्ठा किए गए लगभग ₹2 करोड़ को कंपनी के खाते में जमा करने के बजाय अपने सहयोगी बी. चंद्रशेखर के एक फर्जी निजी बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया। इस प्रकार कथित तौर पर करोड़ों रुपए का गबन किया गया।
मामला दर्ज और फरारी
शिकायत के आधार पर 9 जून 2026 को पुणे के कालेपडल पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। मामला दर्ज होते ही पीटर फरार हो गया और गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपना मोबाइल फोन भी बंद कर लिया। गौरतलब है कि आरोपी ने जानबूझकर संचार साधन बंद कर जाँच को जटिल बनाने की कोशिश की।
नासिक में सफल ऑपरेशन
जाँच के दौरान पुणे पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी नासिक में छिपा हुआ है। कालेपडल पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने गंगापुर पुलिस स्टेशन के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर अशोक शर्माले से संपर्क कर सहयोग माँगा। विश्वसनीय सूत्रों से पता चला कि पीटर कार से नासिक आया था और गंगापुर रोड स्थित कालेनगर में होटल ट्रीबो सफायर के कमरा नंबर 301 में ठहरा हुआ था।
इस सूचना पर क्राइम इन्वेस्टिगेशन टीम के अधिकारी घनश्याम भोये और उनकी टीम को तत्काल मौके पर भेजा गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया और आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए उसे पुणे पुलिस को सौंप दिया।
ऑपरेशन में शामिल टीम
यह ऑपरेशन गंगापुर पुलिस स्टेशन के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर अशोक शर्माले की अगुवाई में सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। टीम में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर तुषार देवरे और पुलिस हेड कॉन्स्टेबल रवींद्र मोहिते, गिरीश महाले, भागवत थाविल, घनश्याम भोये, प्रवीण केदारे, गोरख सालुंखे, सुजीत जाधव और तुलसीदास चौधरी शामिल रहे।
आगे की कार्रवाई
आरोपी साइमन रॉनी पीटर को अब पुणे पुलिस की हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। मामले में सह-आरोपी बी. चंद्रशेखर की भूमिका की भी जाँच जारी है, जिसके फर्जी बैंक खाते में कथित तौर पर गबन की रकम ट्रांसफर की गई थी।