3 अगस्त 2026
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पुणे ₹2 करोड़ गबन मामला: फरार आरोपी साइमन पीटर नासिक के होटल से गिरफ्तार

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पुणे ₹2 करोड़ गबन मामला: फरार आरोपी साइमन पीटर नासिक के होटल से गिरफ्तार

सारांश

पुणे के 'गंगा फर्नहिल' प्रोजेक्ट में 32 ग्राहकों से जमा ₹2 करोड़ फर्जी बैंक खाते में ट्रांसफर करने के आरोपी साइमन रॉनी पीटर को नासिक के होटल ट्रीबो सफायर से गिरफ्तार कर लिया गया। 9 जून को मामला दर्ज होते ही फरार हुए पीटर को गंगापुर पुलिस की टीम ने पकड़ा।

मुख्य बातें

साइमन रॉनी पीटर को नासिक के होटल ट्रीबो सफायर , कमरा नंबर 301 से गिरफ्तार किया गया।
आरोप है कि पीटर ने 'गंगा फर्नहिल' प्रोजेक्ट के 32 ग्राहकों से जमा ₹2 करोड़ फर्जी बैंक खाते में ट्रांसफर किए।
9 जून 2026 को पुणे के कालेपडल पुलिस स्टेशन में बीएनएस 2023 के तहत मामला दर्ज हुआ था।
आरोपी ने फरार होने के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए मोबाइल फोन भी बंद कर लिया था।
ऑपरेशन गंगापुर पुलिस स्टेशन के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर अशोक शर्माले की अगुवाई में पूरा हुआ।

महाराष्ट्र के पुणे में ₹2 करोड़ के गबन मामले में फरार चल रहे आरोपी साइमन रॉनी पीटर को नासिक के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया गया। पुणे पुलिस ने 16 जून 2026 को यह जानकारी दी। पीटर पर आरोप है कि उसने 32 ग्राहकों से फ्लैट बिक्री के नाम पर जमा की गई रकम को कंपनी खाते में न डालकर एक फर्जी बैंक खाते में स्थानांतरित कर दिया।

मामले की पृष्ठभूमि

38 वर्षीय किरण दादासाहेब शिंदे की शिकायत के अनुसार, 'गंगा फर्नहिल' प्रोजेक्ट की चार इमारतों में फ्लैट बेचने की जिम्मेदारी सीनियर सेल्स मैनेजर साइमन रॉनी पीटर को सौंपी गई थी। आरोप है कि पीटर ने 32 ग्राहकों से इकट्ठा किए गए लगभग ₹2 करोड़ को कंपनी के खाते में जमा करने के बजाय अपने सहयोगी बी. चंद्रशेखर के एक फर्जी निजी बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया। इस प्रकार कथित तौर पर करोड़ों रुपए का गबन किया गया।

मामला दर्ज और फरारी

शिकायत के आधार पर 9 जून 2026 को पुणे के कालेपडल पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। मामला दर्ज होते ही पीटर फरार हो गया और गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपना मोबाइल फोन भी बंद कर लिया। गौरतलब है कि आरोपी ने जानबूझकर संचार साधन बंद कर जाँच को जटिल बनाने की कोशिश की।

नासिक में सफल ऑपरेशन

जाँच के दौरान पुणे पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी नासिक में छिपा हुआ है। कालेपडल पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने गंगापुर पुलिस स्टेशन के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर अशोक शर्माले से संपर्क कर सहयोग माँगा। विश्वसनीय सूत्रों से पता चला कि पीटर कार से नासिक आया था और गंगापुर रोड स्थित कालेनगर में होटल ट्रीबो सफायर के कमरा नंबर 301 में ठहरा हुआ था।

इस सूचना पर क्राइम इन्वेस्टिगेशन टीम के अधिकारी घनश्याम भोये और उनकी टीम को तत्काल मौके पर भेजा गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया और आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए उसे पुणे पुलिस को सौंप दिया।

ऑपरेशन में शामिल टीम

यह ऑपरेशन गंगापुर पुलिस स्टेशन के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर अशोक शर्माले की अगुवाई में सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। टीम में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर तुषार देवरे और पुलिस हेड कॉन्स्टेबल रवींद्र मोहिते, गिरीश महाले, भागवत थाविल, घनश्याम भोये, प्रवीण केदारे, गोरख सालुंखे, सुजीत जाधव और तुलसीदास चौधरी शामिल रहे।

आगे की कार्रवाई

आरोपी साइमन रॉनी पीटर को अब पुणे पुलिस की हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। मामले में सह-आरोपी बी. चंद्रशेखर की भूमिका की भी जाँच जारी है, जिसके फर्जी बैंक खाते में कथित तौर पर गबन की रकम ट्रांसफर की गई थी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ एक सीनियर सेल्स मैनेजर दशकों तक ग्राहकों की रकम फर्जी खातों में भेजता रहा। 32 ग्राहकों के साथ हुई इस कथित धोखाधड़ी में सवाल यह है कि कंपनी की आंतरिक ऑडिट प्रक्रिया इतने लंबे समय तक इसे पकड़ने में क्यों विफल रही। दो पुलिस स्टेशनों के बीच त्वरित समन्वय सराहनीय है, लेकिन सह-आरोपी बी. चंद्रशेखर की गिरफ्तारी और फर्जी बैंक खाते की जाँच के बिना मामला अधूरा रहेगा।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुणे ₹2 करोड़ गबन मामला क्या है?
'गंगा फर्नहिल' प्रोजेक्ट के सीनियर सेल्स मैनेजर साइमन रॉनी पीटर पर आरोप है कि उसने 32 ग्राहकों से फ्लैट बिक्री के नाम पर जमा ₹2 करोड़ कंपनी खाते में न डालकर सहयोगी बी. चंद्रशेखर के फर्जी बैंक खाते में ट्रांसफर किए। पुणे के कालेपडल पुलिस स्टेशन में 9 जून 2026 को बीएनएस 2023 के तहत मामला दर्ज किया गया।
आरोपी साइमन पीटर को कहाँ से और कैसे गिरफ्तार किया गया?
पुणे पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी नासिक के गंगापुर रोड स्थित होटल ट्रीबो सफायर के कमरा नंबर 301 में ठहरा है। गंगापुर पुलिस स्टेशन की क्राइम इन्वेस्टिगेशन टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में लेकर पुणे पुलिस को सौंप दिया।
इस मामले में और कौन आरोपी है?
शिकायत के अनुसार साइमन रॉनी पीटर के सहयोगी बी. चंद्रशेखर का नाम भी सामने आया है, जिसके फर्जी निजी बैंक खाते में कथित तौर पर गबन की रकम ट्रांसफर की गई थी। उसकी भूमिका की जाँच जारी है।
मामला दर्ज होने के बाद आरोपी ने क्या किया?
9 जून 2026 को मामला दर्ज होते ही साइमन रॉनी पीटर फरार हो गया और गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपना मोबाइल फोन भी बंद कर लिया। इसके बावजूद पुलिस ने उसे नासिक में ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया।
इस ऑपरेशन में कौन-से पुलिस अधिकारी शामिल थे?
ऑपरेशन गंगापुर पुलिस स्टेशन के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर अशोक शर्माले की अगुवाई में हुआ। टीम में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर तुषार देवरे और हेड कॉन्स्टेबल रवींद्र मोहिते, गिरीश महाले, भागवत थाविल, घनश्याम भोये, प्रवीण केदारे, गोरख सालुंखे, सुजीत जाधव और तुलसीदास चौधरी शामिल रहे।
राष्ट्र प्रेस
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