मुंबई में निवेश के नाम पर 1 करोड़ की धोखाधड़ी, बंधक बनाकर वसूले 2.25 करोड़
सारांश
Key Takeaways
- धोखाधड़ी और रंगदारी की बढ़ती घटनाएं
- बिजनेस में निवेश करते समय सतर्क रहना आवश्यक है
- पुलिस की कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी की आवश्यकता
- एनजीओ के खातों का संभावित दुरुपयोग
- समाज में सुरक्षा की जरूरत पर ध्यान देना
मुंबई, 21 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। विले पार्ले पूर्व में करोड़ों रुपये की ठगी और रंगदारी वसूली का मामला सामने आया है, जो बेहद चौंकाने वाला है। आरोपियों ने पहले एक व्यवसायी को बड़े निवेश में मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 1 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा लिए। जब पीड़ित ने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपियों ने उसे और उसकी कंपनी के जनरल मैनेजर को बंधक बनाकर पिस्तौल के बल पर जान से मारने की धमकी दी और 2.25 करोड़ रुपये और वसूल किए। इस प्रकार, आरोपियों ने साजिश के तहत कुल 3.25 करोड़ रुपये हड़प लिए। एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन में 10 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी गई है।
पीड़ित आयुष नाकरा की शिकायत के अनुसार, यह साजिश 15 जुलाई 2025 से 28 अगस्त 2025 के बीच रची गई। चार ब्रोकरों—लक्ष्मीनारायण अग्रवाल, देवकुमार रॉय, सुशीलकुमार यादव, और चेतन संघवी—ने संपर्क किया। उन्होंने खुद को बड़े कारोबारी निवेश नेटवर्क का हिस्सा बताते हुए पीड़ित को आर्कशिप ग्रुप कंपनी में निवेश करने का भरोसा दिलाया और कहा कि उसकी रकम जल्द ही कई गुना हो जाएगी। धीरे-धीरे आरोपियों ने व्यवसायी का विश्वास जीत लिया।
शिकायत के मुताबिक, 22 अगस्त 2025 को आरोपियों ने पीड़ित की कंपनी के बैंक खाते से मानव धर्मयोग एनजीओ के खाते में 1 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा लिए। जब पीड़ित ने अपने पैसे और मुनाफे के बारे में सवाल पूछना शुरू किया, तो आरोपियों का व्यवहार बदल गया।
आरोप है कि 28 अगस्त 2025 को उमेश कुमार सुमन उर्फ सुबोध रंजन अपने 15 साथियों के साथ पीड़ित व्यवसायी और जनरल मैनेजर पंकज रावत के पास पहुंचा। वहां दोनों के साथ बेरहमी से मारपीट की गई, लात-घूंसों से हमला किया गया और पिस्तौल तानकर धमकी दी गई। डरे-सहमे व्यवसायी ने अपनी जान बचाने के लिए आरोपियों की शर्त मान ली और अपनी कंपनी के बैंक खाते से नई जीवन ज्योति फाउंडेशन के खाते में 2.25 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए।
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने 18 अप्रैल 2026 को रामाशिश कुमार गुप्ता उर्फ कुमार सर, उमेश कुमार सुमन उर्फ सुबोध रंजन, लक्ष्मीनारायण अग्रवाल, देवकुमार रॉय, सुशीलकुमार यादव, चेतन संघवी, सुरेंद्र कुमार, साक्षी कुमारी उर्फ वर्षा, स्वाती और गोयल समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश तेज कर दी है। पुलिस बैंक खातों, ट्रांजेक्शन डिटेल्स और आरोपियों के नेटवर्क की जांच कर रही है। साथ ही, यह भी खंगाला जा रहा है कि एनजीओ खातों का इस्तेमाल किसी बड़े फर्जी निवेश रैकेट के लिए तो नहीं किया जा रहा था।