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PNB की ग्रेटर नोएडा शाखा में करोड़ों के गबन का आरोप, पूरी ब्रांच सस्पेंड; पीड़ितों ने की पुलिस शिकायत

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PNB की ग्रेटर नोएडा शाखा में करोड़ों के गबन का आरोप, पूरी ब्रांच सस्पेंड; पीड़ितों ने की पुलिस शिकायत

सारांश

ग्रेटर नोएडा की PNB शाखा में कथित करोड़ों रुपए की अनधिकृत निकासी का चौंकाने वाला मामला — एक खाते में 88 लाख की जगह मात्र ₹1,290 बचे। पूरी ब्रांच सस्पेंड, पुलिस शिकायत दर्ज, और बैंक की चुप्पी से पीड़ित परिवारों की मुश्किलें बढ़ी हैं।

मुख्य बातें

PNB की ग्रेटर नोएडा, सेक्टर पाई-1 शाखा के कर्मचारियों पर खाताधारकों ने करोड़ों रुपए के गबन का आरोप लगाया है।
खाताधारक सोनू सागर के पिता के खाते में 88 लाख रुपए जमा थे, लेकिन स्टेटमेंट में शेष राशि मात्र ₹1,290 पाई गई।
6 जून 2025 को एक खाते से 25 लाख , 20 लाख , 5 लाख और 21 लाख रुपए की अलग-अलग निकासी का दावा।
ब्रांच मैनेजर निशा तिरकी के अनुसार 26 अक्टूबर 2026 को पूरी शाखा को सस्पेंड कर दिया गया।
पीड़ितों ने PNB कर्मचारियों के विरुद्ध पुलिस में शिकायत दर्ज कराई; बैंक की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं।

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की ग्रेटर नोएडा स्थित सेक्टर पाई-1 शाखा के कर्मचारियों पर कई खाताधारकों ने करोड़ों रुपए की अनधिकृत निकासी का गंभीर आरोप लगाया है। खाताधारकों का दावा है कि उनकी जानकारी या अनुमति के बिना उनके खातों से बड़ी रकम निकाल ली गई, और गड़बड़ी उजागर होने के बाद बैंक ने शाखा का पूरा स्टाफ बदल दिया। बैंक की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

खाताधारक सोनू ने बताया कि उनके खाते से करीब 90 लाख रुपए गायब हो गए हैं। उन्होंने कहा कि बैंक ने धनराशि गायब होने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया, लेकिन पैसा जल्द वापस करने का आश्वासन दिया है।

एक अन्य खाताधारक राहुल ने बताया कि उनकी माता जी के खाते से करीब 51 लाख रुपए की अनधिकृत निकासी हुई है। उन्होंने कहा कि खाते से मोबाइल नंबर न जुड़ा होने के कारण अवैध लेनदेन की सूचना समय पर नहीं मिल सकी।

सोनू सागर ने दावा किया कि उनके पिता के खाते में करीब 88 लाख रुपए जमा थे, लेकिन जब हाल ही में बैंक स्टेटमेंट निकाला गया तो शेष राशि मात्र ₹1,290 रह गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह गबन कोई नई बात नहीं, बल्कि कई वर्षों से जारी है। उनके अनुसार, 6 जून 2025 को उनके पिता के खाते से 25 लाख, 20 लाख, 5 लाख और 21 लाख रुपए की अलग-अलग निकासी हुई, इसके अलावा अन्य लेनदेन भी हुए।

बैंक की प्रतिक्रिया और आंतरिक कार्रवाई

एक खाताधारक के अनुसार, जब उन्हें गड़बड़ी का पता चला और वे बैंक पहुँचे तो शाखा में कोई संबंधित अधिकारी मौजूद नहीं था और सामान्य बैंकिंग कार्य भी प्रभावित था। ब्रांच मैनेजर निशा तिरकी ने 26 अक्टूबर 2026 को खाताधारकों को बताया कि पूरी शाखा को सस्पेंड कर दिया गया है।

हालाँकि, PNB की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है। बैंक की चुप्पी ने पीड़ित खाताधारकों की चिंता और बढ़ा दी है।

पुलिस शिकायत

इस कथित धोखाधड़ी को लेकर पीड़ित खाताधारकों ने PNB के कर्मचारियों के विरुद्ध पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में खातों से बिना अनुमति हुई बड़ी निकासियों का विवरण दिया गया है। पुलिस ने मामले की जाँच शुरू की है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।

आम जनता पर असर

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब बैंकिंग धोखाधड़ी को लेकर देशभर में चिंता बढ़ रही है। गौरतलब है कि PNB पहले भी नीरव मोदी घोटाले जैसे बड़े वित्तीय घोटालों के केंद्र में रह चुका है। इस बार छोटी शाखा स्तर पर कथित गबन का यह मामला यह सवाल उठाता है कि आंतरिक ऑडिट और निगरानी तंत्र कितने प्रभावी हैं।

पीड़ितों का कहना है कि बैंक उन्हें केवल आश्वासन दे रहा है, लेकिन धनराशि की वापसी अभी तक नहीं हुई। जब तक PNB आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं देता और पुलिस जाँच आगे नहीं बढ़ती, प्रभावित परिवारों की मुश्किलें बनी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की आंतरिक ऑडिट प्रणाली पर बड़ा सवाल है। बैंक ने स्टाफ बदलकर और शाखा सस्पेंड करके त्वरित कार्रवाई का आभास दिया, लेकिन पीड़ितों के करोड़ों रुपए अभी भी अधर में हैं और आधिकारिक चुप्पी चिंताजनक है। गौरतलब है कि PNB पहले भी बड़े घोटालों में फँस चुका है — सवाल यह है कि वर्षों तक चली कथित अनधिकृत निकासियाँ बैंक के निगरानी तंत्र की नज़र से कैसे बचती रहीं। बिना पारदर्शी जाँच और समयबद्ध धनवापसी के, यह मामला आम जमाकर्ताओं के बैंकिंग विश्वास को गहरी चोट पहुँचा सकता है।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PNB ग्रेटर नोएडा शाखा में गबन का मामला क्या है?
यह मामला ग्रेटर नोएडा की PNB सेक्टर पाई-1 शाखा से जुड़ा है, जहाँ कई खाताधारकों ने आरोप लगाया है कि उनकी अनुमति के बिना उनके खातों से करोड़ों रुपए निकाल लिए गए। एक खाते में 88 लाख रुपए की जगह केवल ₹1,290 की शेष राशि पाई गई, जबकि अन्य खातों से भी बड़ी रकम गायब होने का दावा है।
PNB ने इस गड़बड़ी पर क्या कार्रवाई की है?
ब्रांच मैनेजर निशा तिरकी ने 26 अक्टूबर 2026 को खाताधारकों को बताया कि पूरी शाखा को सस्पेंड कर दिया गया है। हालाँकि, PNB की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है और धनराशि वापसी को लेकर केवल मौखिक आश्वासन दिया जा रहा है।
क्या पीड़ित खाताधारकों ने पुलिस में शिकायत की है?
हाँ, पीड़ित खाताधारकों ने PNB कर्मचारियों के विरुद्ध पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में खातों से हुई अनधिकृत निकासियों का विस्तृत विवरण दिया गया है, जिसमें 6 जून 2025 की बड़ी निकासियाँ भी शामिल हैं।
क्या यह गबन हाल ही का है या पुराना मामला है?
खाताधारक सोनू सागर का दावा है कि यह गबन कई वर्षों से चला आ रहा है। उनके अनुसार केवल 6 जून 2025 को ही उनके पिता के खाते से 71 लाख रुपए से अधिक की अलग-अलग निकासियाँ हुईं, और इसके अलावा भी अन्य लेनदेन हुए हैं।
PNB के खाताधारकों को क्या करना चाहिए यदि उन्हें संदिग्ध लेनदेन दिखे?
यदि कोई खाताधारक अपने खाते में अनधिकृत लेनदेन पाता है तो तुरंत संबंधित बैंक शाखा और बैंकिंग लोकपाल (Banking Ombudsman) को लिखित शिकायत दें। साथ ही स्थानीय पुलिस में FIR दर्ज कराएँ और भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के शिकायत पोर्टल पर भी मामला दर्ज करें।
राष्ट्र प्रेस
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