PNB की ग्रेटर नोएडा शाखा में करोड़ों के गबन का आरोप, पूरी ब्रांच सस्पेंड; पीड़ितों ने की पुलिस शिकायत
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की ग्रेटर नोएडा स्थित सेक्टर पाई-1 शाखा के कर्मचारियों पर कई खाताधारकों ने करोड़ों रुपए की अनधिकृत निकासी का गंभीर आरोप लगाया है। खाताधारकों का दावा है कि उनकी जानकारी या अनुमति के बिना उनके खातों से बड़ी रकम निकाल ली गई, और गड़बड़ी उजागर होने के बाद बैंक ने शाखा का पूरा स्टाफ बदल दिया। बैंक की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
खाताधारक सोनू ने बताया कि उनके खाते से करीब 90 लाख रुपए गायब हो गए हैं। उन्होंने कहा कि बैंक ने धनराशि गायब होने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया, लेकिन पैसा जल्द वापस करने का आश्वासन दिया है।
एक अन्य खाताधारक राहुल ने बताया कि उनकी माता जी के खाते से करीब 51 लाख रुपए की अनधिकृत निकासी हुई है। उन्होंने कहा कि खाते से मोबाइल नंबर न जुड़ा होने के कारण अवैध लेनदेन की सूचना समय पर नहीं मिल सकी।
सोनू सागर ने दावा किया कि उनके पिता के खाते में करीब 88 लाख रुपए जमा थे, लेकिन जब हाल ही में बैंक स्टेटमेंट निकाला गया तो शेष राशि मात्र ₹1,290 रह गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह गबन कोई नई बात नहीं, बल्कि कई वर्षों से जारी है। उनके अनुसार, 6 जून 2025 को उनके पिता के खाते से 25 लाख, 20 लाख, 5 लाख और 21 लाख रुपए की अलग-अलग निकासी हुई, इसके अलावा अन्य लेनदेन भी हुए।
बैंक की प्रतिक्रिया और आंतरिक कार्रवाई
एक खाताधारक के अनुसार, जब उन्हें गड़बड़ी का पता चला और वे बैंक पहुँचे तो शाखा में कोई संबंधित अधिकारी मौजूद नहीं था और सामान्य बैंकिंग कार्य भी प्रभावित था। ब्रांच मैनेजर निशा तिरकी ने 26 अक्टूबर 2026 को खाताधारकों को बताया कि पूरी शाखा को सस्पेंड कर दिया गया है।
हालाँकि, PNB की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है। बैंक की चुप्पी ने पीड़ित खाताधारकों की चिंता और बढ़ा दी है।
पुलिस शिकायत
इस कथित धोखाधड़ी को लेकर पीड़ित खाताधारकों ने PNB के कर्मचारियों के विरुद्ध पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में खातों से बिना अनुमति हुई बड़ी निकासियों का विवरण दिया गया है। पुलिस ने मामले की जाँच शुरू की है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
आम जनता पर असर
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब बैंकिंग धोखाधड़ी को लेकर देशभर में चिंता बढ़ रही है। गौरतलब है कि PNB पहले भी नीरव मोदी घोटाले जैसे बड़े वित्तीय घोटालों के केंद्र में रह चुका है। इस बार छोटी शाखा स्तर पर कथित गबन का यह मामला यह सवाल उठाता है कि आंतरिक ऑडिट और निगरानी तंत्र कितने प्रभावी हैं।
पीड़ितों का कहना है कि बैंक उन्हें केवल आश्वासन दे रहा है, लेकिन धनराशि की वापसी अभी तक नहीं हुई। जब तक PNB आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं देता और पुलिस जाँच आगे नहीं बढ़ती, प्रभावित परिवारों की मुश्किलें बनी रहेंगी।