27 अक्टूबर 2026
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एसआईआर विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई स्थगित की, राहुल गांधी समेत विपक्ष को ईसीआई के हलफनामे पर 10 दिन में जवाब देना होगा

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एसआईआर विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई स्थगित की, राहुल गांधी समेत विपक्ष को ईसीआई के हलफनामे पर 10 दिन में जवाब देना होगा

सारांश

सर्वोच्च न्यायालय ने SIR विवाद पर सुनवाई दिवाली के बाद तक टाली। राहुल गांधी समेत 13 विपक्षी नेताओं को ECI के हलफनामे पर 10 दिन में जवाब देना होगा। इसी बीच संजय राउत और पत्रकार निखिल वागले को CJI की टिप्पणियों पर अवमानना नोटिस — मामला कई मोर्चों पर एक साथ गरमाया।

मुख्य बातें

सर्वोच्च न्यायालय ने 27 अक्टूबर 2026 को SIR विवाद पर सुनवाई स्थगित कर दी; अगली तारीख दिवाली के बाद।
राहुल गांधी और 12 अन्य इंडिया ब्लॉक नेताओं को ECI के हलफनामे पर 10 दिनों के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश।
याचिका में मतदाता सूची संशोधन में बड़े पैमाने पर नाम हटाने और अनियमितताओं का आरोप।
प्रतिवादियों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार , सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी शामिल।
SCBA की अवमानना याचिका पर संजय राउत और निखिल वागले को 16 अक्टूबर को नोटिस जारी।

सर्वोच्च न्यायालय ने 27 अक्टूबर 2026 को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और इंडिया ब्लॉक के 12 अन्य नेताओं द्वारा भारतीय चुनाव आयोग (ECI) की मतदाता सूची संशोधन (Special Intensive Revision — SIR) प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी। अदालत ने याचिकाकर्ताओं को ECI के हलफनामे पर 10 दिनों के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

पीठ का निर्देश और अगली सुनवाई

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग को भी, यदि आवश्यक हो, उसी 10 दिन की अवधि में अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करने की छूट होगी। इस मामले पर अगली सुनवाई दिवाली की छुट्टियों के बाद निर्धारित की गई है।

गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय ने 15 अक्टूबर 2026 को ECI को नोटिस जारी कर इस याचिका को विभिन्न राज्यों में SIR प्रक्रिया को चुनौती देने वाली अन्य लंबित याचिकाओं के साथ जोड़ने का निर्देश दिया था।

याचिका में क्या आरोप हैं

राहुल गांधी और विपक्ष के 12 अन्य नेताओं द्वारा दायर याचिका में मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर मतदाता नामों को हटाने और गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। याचिकाकर्ताओं ने SIR के तरीके की वैधता को सीधे चुनौती दी है।

इस मामले में प्रतिवादियों में चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और चुनाव आयुक्त विवेक जोशी शामिल हैं।

संजय राउत के आचरण पर अदालत का रुख

मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने संकेत दिया था कि वह अगली सुनवाई में एक याचिकाकर्ता के आचरण की जाँच करेगी। बाद में स्पष्ट किया गया कि शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत की ओर से दायर याचिका को उनके आचरण का स्पष्टीकरण मिलने के बाद ही अस्थायी रूप से स्वीकार किया जाएगा।

यह स्थिति मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के बारे में राउत की कथित टिप्पणियों पर हुए विवाद के बाद उत्पन्न हुई। उल्लेखनीय है कि मुख्य न्यायाधीश ने राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से SIR प्रक्रिया पर ज्ञापन लेने के लिए मिलने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा था कि लंबित मामलों पर चर्चा के लिए बैठक करना शक्तियों के पृथक्करण के संवैधानिक सिद्धांत के विपरीत होगा।

अवमानना याचिका और नोटिस

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने मुख्य न्यायाधीश के विरुद्ध कथित टिप्पणियों को लेकर संजय राउत और पत्रकार निखिल वागले के खिलाफ आपराधिक अवमानना याचिका दायर की है। सर्वोच्च न्यायालय ने 16 अक्टूबर 2026 को दोनों को नोटिस जारी कर कारण बताने को कहा है कि उनके विरुद्ध अवमानना कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्यों में SIR प्रक्रिया की वैधता को लेकर न्यायिक और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। दिवाली के बाद होने वाली सुनवाई में यह स्पष्ट होगा कि अदालत ECI के हलफनामे और विपक्ष की आपत्तियों के बीच की खाई को किस दिशा में देखती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी तरफ न्यायपालिका की गरिमा पर उठे विवाद ने मुख्य मुद्दे को पृष्ठभूमि में धकेलने का काम किया। राउत का आचरण-विवाद विपक्ष के लिए खुद एक कमज़ोर कड़ी बन गया है — अदालत को यह स्पष्ट करना पड़ा कि न्यायिक प्रक्रिया और राजनीतिक दबाव के बीच रेखा कहाँ खिंचती है। बड़ा सवाल यह है कि क्या दिवाली के बाद की सुनवाई SIR के वास्तविक तकनीकी और कानूनी पहलुओं पर केंद्रित हो पाएगी, या राजनीतिक शोर उस बहस को फिर एक बार ढक लेगा।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

SIR (मतदाता सूची संशोधन) विवाद क्या है?
SIR यानी Special Intensive Revision वह प्रक्रिया है जिसके तहत चुनाव आयोग मतदाता सूचियों को अद्यतन करता है। राहुल गांधी और 12 अन्य विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया है कि इस प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर मतदाता नाम अनियमित तरीके से हटाए गए, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई क्यों स्थगित की?
अदालत ने याचिकाकर्ताओं को ECI के हलफनामे पर जवाब दाखिल करने के लिए 10 दिन का समय दिया है। चूँकि दिवाली की छुट्टियाँ निकट हैं, अगली सुनवाई उसके बाद तय की गई है।
संजय राउत को अवमानना नोटिस क्यों मिला?
शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के बारे में कथित तौर पर विवादास्पद टिप्पणियाँ कीं। SCBA ने इन टिप्पणियों को आपराधिक अवमानना मानते हुए याचिका दायर की, जिस पर सर्वोच्च न्यायालय ने 16 अक्टूबर 2026 को राउत और पत्रकार निखिल वागले को नोटिस जारी किया।
इस मामले में चुनाव आयोग की भूमिका क्या है?
चुनाव आयोग इस मामले में प्रमुख प्रतिवादी है। ECI ने पहले ही अपना हलफनामा दाखिल किया है और उसे, आवश्यकता पड़ने पर, 10 दिनों के भीतर अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करने की भी छूट दी गई है।
इस मामले की सुनवाई आगे कब होगी?
दिवाली की छुट्टियों के बाद इस मामले की अगली सुनवाई निर्धारित है। तब तक याचिकाकर्ताओं को ECI के हलफनामे पर 10 दिनों के भीतर अपना जवाब दाखिल करना होगा।
राष्ट्र प्रेस
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