राहुल गांधी की चुनाव आयोग याचिका में 14 कमियाँ, सुप्रीम कोर्ट ने 14 अक्टूबर की सूची से बाहर किया
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और इंडिया ब्लॉक के 11 नेताओं द्वारा भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के खिलाफ दायर संयुक्त याचिका पर 14 अक्टूबर 2026 को सुनवाई नहीं होगी, क्योंकि सर्वोच्च न्यायालय की रजिस्ट्री ने याचिका में 14 तकनीकी और दस्तावेजी कमियाँ चिह्नित की हैं। 13 अक्टूबर को जारी सप्लीमेंट्री लिस्ट में यह मामला शामिल नहीं किया गया है, जिससे सुनवाई की तारीख अनिश्चित हो गई है। रजिस्ट्री के अनुसार, इन कमियों को दूर करने के बाद ही प्रकरण को सूचीबद्ध किया जाएगा।
याचिका में क्या-क्या खामियाँ मिलीं
सर्वोच्च न्यायालय की रजिस्ट्री ने याचिका में कुल 14 कमियाँ दर्ज की हैं। इनमें प्रमुख हैं — चुनाव आयोग के अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से नाम से प्रतिवादी बनाया जाना, संबंधित पुराने फैसले की प्रति संलग्न न होना, तथा 9 याचिकाकर्ताओं का वकालतनामा (पावर ऑफ अटॉर्नी) न लगाया जाना।
इसके अतिरिक्त, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आईडी कार्ड की धुंधली प्रति संलग्न की गई और कोर्ट को देय ₹220 की कोर्ट फीस कम जमा हुई। रजिस्ट्री ने स्पष्ट किया है कि इन सभी खामियों के निराकरण के बाद ही प्रकरण सुनवाई योग्य माना जाएगा।
याचिका कब और किसने दाखिल की
यह याचिका 12 अक्टूबर 2026 को शाम 4 बजकर 37 मिनट पर सर्वोच्च न्यायालय की रजिस्ट्री में दाखिल की गई थी। याचिका अकेले राहुल गांधी की नहीं, बल्कि इंडिया गठबंधन के 11 वरिष्ठ नेताओं की ओर से संयुक्त रूप से दाखिल की गई थी।
याचिकाकर्ताओं में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, सौगत रॉय, अखिलेश यादव, तेजस्वी प्रसाद यादव, संजय राउत, एम.ए. बेबी, डी. राजा, महुआ माजी, सुप्रिया सुले और ई.टी. मोहम्मद बशीर शामिल हैं। इनकी पैरवी की जिम्मेदारी अधिवक्ता प्रसन्ना एस. को सौंपी गई है।
किसे बनाया गया है प्रतिवादी
याचिका में कुल चार प्रतिवादी हैं — पहले प्रतिवादी के रूप में भारतीय चुनाव आयोग (ECI) को नामित किया गया है। शेष तीन प्रतिवादी चुनाव आयोग के अधिकारी ज्ञानेश कुमार, सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी हैं।
गौरतलब है कि अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से प्रतिवादी बनाए जाने को रजिस्ट्री ने एक प्रमुख तकनीकी कमी के रूप में रेखांकित किया है, जिसे कानूनी टीम को संशोधित करना होगा।
आगे की रणनीति पर इंडिया गठबंधन की बैठक
सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने 14 अक्टूबर को लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों को अपने आवास पर चाय पर बुलाया है। उससे पहले दोपहर में इंडिया गठबंधन के नेताओं की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित होने की संभावना है।
माना जा रहा है कि इस बैठक में चुनाव आयोग के खिलाफ आगे की कानूनी और राजनीतिक रणनीति पर विचार-विमर्श किया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है।
याचिका में दर्ज कमियाँ जल्द दूर होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि सर्वोच्च न्यायालय इस मामले को कब सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करता है।