मानसा में दलजीत सिंह की मौत पर विवाद: परिवार का आरोप — बिना सहमति पोस्टमार्टम, जांच की मांग
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के मानसा जिले के भम्मे कलां गांव में कथित तौर पर नशीले पदार्थ की ओवरडोज से हुई दलजीत सिंह की मौत का मामला 28 अक्टूबर 2026 को विवादास्पद रूप लेता दिख रहा है। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस शव को परिवार की सहमति के बिना अपने कब्जे में ले गई और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी। परिवार ने इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच और इलाके में नशीले पदार्थों की आपूर्ति के स्रोत का पता लगाने की माँग की है।
परिवार के मुख्य आरोप
दलजीत सिंह के परिवार के एक सदस्य ने आरोप लगाया कि पुलिस अब इस मामले को हत्या का रूप देने की कोशिश कर रही है। उनके अनुसार, पुलिस उनके पिता को अपने साथ हिरासत में ले गई और परिवार के किसी भी सदस्य की सहमति के बिना शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
परिजनों ने यह भी दावा किया कि पुलिसकर्मी उनके घर आए और दस्तावेजों पर जबरन हस्ताक्षर कराने का प्रयास किया। परिवार ने स्पष्ट किया कि यदि उनसे हस्ताक्षर लिए गए हैं, तो पुलिस को उन दस्तावेजों के प्रमाण सार्वजनिक करने चाहिए।
पुलिस प्रक्रिया पर सवाल
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि शव को परिवार से दूर ले जाते समय पुलिस ने वाहनों को रोककर परिवार के सदस्यों को परेशान किया। उनका कहना है कि यदि पुलिस को कानून-व्यवस्था की चिंता थी तो भी परिवार के सदस्यों को हिरासत में रखना उचित नहीं ठहराया जा सकता।
परिवार ने माँग की कि यदि पुलिस को पूछताछ करनी है, तो मृतक की पत्नी, माँ और बहन सहित सभी संबंधित सदस्यों के बयान एक साथ, निष्पक्ष रूप से दर्ज किए जाएं। परिजनों को आशंका है कि सदस्यों को अलग-अलग करके भ्रमित करने की कोशिश की जा सकती है।
नशे की सप्लाई की जांच की मांग
परिवार की प्राथमिक मांग यह है कि मानसा और भम्मे कलां क्षेत्र में चिट्टे (हेरोइन) सहित अन्य नशीले पदार्थों की आपूर्ति के स्रोत की पड़ताल की जाए। परिजनों का कहना है कि वे पिछले 10 वर्षों से कठिन परिस्थितियों में संघर्ष कर रहे हैं और उनकी इच्छा है कि कोई अन्य परिवार इस तरह की पीड़ा न झेले। उन्होंने पाँच साल की एक बच्ची का उल्लेख करते हुए कहा कि यह तकलीफ किसी और पर न आए।
गौरतलब है कि पंजाब में नशे की समस्या वर्षों से राजनीतिक और सामाजिक विमर्श का केंद्र रही है। मानसा जिला विशेष रूप से नशीले पदार्थों से जुड़ी मौतों के मामलों में चर्चा में आता रहा है।
पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की अपील
परिवार ने स्पष्ट किया कि उनका कोई निजी एजेंडा नहीं है और वे किसी व्यक्ति विशेष से व्यक्तिगत शिकायत नहीं रखते। उनकी एकमात्र माँग है कि दलजीत सिंह की मौत की परिस्थितियों की पारदर्शी जांच हो और वास्तविक तथ्य सामने आएं।
परिजनों ने कहा कि यदि पुलिस को हत्या का संदेह है, तो जांच सबूतों के आधार पर होनी चाहिए, न कि परिवार पर दबाव बनाकर। यह मामला अब पंजाब में पुलिस की कार्यशैली और नशे के खिलाफ प्रशासनिक जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।