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मानसा में नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या पर पंजाब बंद, कई जिलों में कामकाज ठप

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मानसा में नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या पर पंजाब बंद, कई जिलों में कामकाज ठप

सारांश

मानसा में नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की दिनदहाड़े हत्या — और वह भी लाइव-स्ट्रीम के दौरान — ने पंजाब को हिला दिया है। परिवार ने अंतिम संस्कार से इनकार किया, CBI जाँच और CM के इस्तीफे की माँग है, और राज्यभर में बंद ने यह साफ कर दिया कि नशे की लड़ाई लड़ने वालों की सुरक्षा अब एक राजनीतिक सवाल बन चुकी है।

मुख्य बातें

नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की मंगलवार को मानसा, पंजाब में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या; घटना लाइव-स्ट्रीम के दौरान वीडियो में कैद हुई।
परिवार ने CBI जाँच , मुख्यमंत्री भगवंत मान व डीजीपी गौरव यादव के इस्तीफे और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की माँग की।
परिवार ने न्याय की माँगें पूरी होने तक अंतिम संस्कार करने से इनकार किया।
पुलिस ने बुधवार को राजस्थान से मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया; साजिश में शामिल अन्य लोगों की जाँच जारी।
बंद को कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल, BJP, 'वारिस पंजाब दे', किसान यूनियनों और कर्मचारी संगठनों का समर्थन मिला।
मुख्यमंत्री मान ने कड़ी सजा का वादा किया, लेकिन CBI जाँच की माँग पर अभी तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं।

नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की मानसा, पंजाब में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या के बाद उनके परिवार और न्याय की माँग करने वाले संगठनों के आह्वान पर 15 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) को राज्यभर में बंद रखा गया। हल्की बारिश के बावजूद पंजाब के कई इलाकों में बाज़ार, व्यापारिक प्रतिष्ठान और कामकाज सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक बंद रहे। विपक्षी दलों, किसान संगठनों, व्यापारियों और सामाजिक समूहों ने इस विरोध प्रदर्शन में अपना समर्थन दिया।

हत्या का घटनाक्रम

मंगलवार को मानसा में परविंदर सिंह झोटा एक मेडिकल स्टोर मालिक अश्वनी कुमार के साथ नशीली दवाओं की कथित अवैध बिक्री को लेकर हुई बहस को लाइव-स्ट्रीम कर रहे थे, तभी उन्हें गोली मार दी गई। पूरी घटना वीडियो में कैद हो गई, जिसके बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। पुलिस ने झोटा के पिता भीम सिंह की शिकायत पर मामला दर्ज किया और बुधवार को राजस्थान से मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जाँचकर्ताओं के अनुसार, इस कथित साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी जाँच की जाएगी।

झोटा इस इलाके में केमिस्ट की दुकानों के ज़रिए होने वाली नशीली दवाओं की कथित अवैध बिक्री के खिलाफ चल रहे अभियान का एक प्रमुख चेहरा बन गए थे। उनकी हत्या ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग, लत लगाने वाली दवाओं की उपलब्धता और नशा बेचने वालों का विरोध करने वाले लोगों के सामने मौजूद खतरों को लेकर फिर से गंभीर चिंताएँ खड़ी कर दी हैं।

परिवार की माँगें और विरोध की स्थिति

झोटा के पिता भीम सिंह ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और पुलिस महानिदेशक गौरव यादव के इस्तीफे की माँग की है। इसके अलावा, उन्होंने जिले में नशा-नियंत्रण और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की माँग की है। परिवार ने तब तक झोटा का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है, जब तक न्याय की माँगें पूरी नहीं हो जातीं।

प्रदर्शनकारी इस हत्या की केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) से जाँच कराने की माँग कर रहे हैं। साथ ही वे राज्य प्रशासन से नशीले पदार्थों की कथित अवैध बिक्री के लिए जवाबदेही तय करने और नशा-विरोधी अभियान चलाने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की माँग कर रहे हैं।

राजनीतिक दलों और संगठनों का समर्थन

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस), शिरोमणि अकाली दल, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और 'वारिस पंजाब दे' जैसे राजनीतिक दलों ने इस बंद का समर्थन किया। किसान यूनियनों, कर्मचारी संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन में अपनी आवाज़ मिलाई। अमृतसर के गोल्डन गेट पर किसानों और विभिन्न संगठनों के सदस्यों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और सरकार को बर्खास्त करने की माँग की। भारी बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान का पुतला फूँका; इस प्रदर्शन का नेतृत्व किसान मजदूर संघर्ष समिति ने किया।

मानसा में तनाव और प्रशासनिक कार्रवाई

बुधवार को मानसा में स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब प्रदर्शनकारियों ने आरोपी के मेडिकल स्टोर को तोड़कर उसमें आग लगा दी। प्रशासन ने भी आरोपी के घर के एक हिस्से को अवैध निर्माण का हवाला देते हुए गिरा दिया। यह घटनाक्रम दर्शाता है कि जन आक्रोश किस हद तक पहुँच गया है।

सरकार की प्रतिक्रिया और आगे की राह

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दोषियों को कड़ी सजा दिलाने का वादा किया है और पंजाब पुलिस को मामले की गहन जाँच का निर्देश दिया है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और भरोसा दिलाया कि साजिश में शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पंजाब में नशे की समस्या से निपटने को लेकर राज्य सरकार पहले से ही आलोचनाओं के घेरे में है। CBI जाँच की माँग और परिवार के अंतिम संस्कार से इनकार से यह स्पष्ट है कि सरकार के लिए यह मामला जल्द थमने वाला नहीं है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ज़मीनी स्तर पर केमिस्ट दुकानों से नशीली दवाओं की कथित बिक्री रुकी नहीं है — यह विरोधाभास अब सार्वजनिक बहस के केंद्र में है। CBI जाँच की माँग यह भी संकेत देती है कि जनता राज्य पुलिस की निष्पक्षता पर भरोसा खो चुकी है। जब तक सरकार जवाबदेही के ठोस ढाँचे के साथ नहीं आती, ऐसे बंद और आक्रोश भविष्य में और तीव्र होने का जोखिम है।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

परविंदर सिंह झोटा कौन थे और उनकी हत्या कैसे हुई?
परविंदर सिंह झोटा पंजाब के मानसा में नशा-विरोधी कार्यकर्ता थे, जो केमिस्ट दुकानों के ज़रिए नशीली दवाओं की कथित अवैध बिक्री के खिलाफ अभियान चला रहे थे। मंगलवार को वह एक मेडिकल स्टोर मालिक अश्वनी कुमार के साथ नशीली दवाओं की बिक्री को लेकर हुई बहस को लाइव-स्ट्रीम कर रहे थे, तभी उन्हें गोली मारकर हत्या कर दी गई।
पंजाब बंद की माँगें क्या हैं?
प्रदर्शनकारी झोटा की हत्या की CBI से जाँच, मुख्यमंत्री भगवंत मान और डीजीपी गौरव यादव के इस्तीफे, तथा नशा-नियंत्रण की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। परिवार ने माँगें पूरी होने तक अंतिम संस्कार से भी इनकार किया है।
मुख्य आरोपी को कब और कहाँ से गिरफ्तार किया गया?
पुलिस ने झोटा के पिता भीम सिंह की शिकायत पर मामला दर्ज किया और बुधवार को राजस्थान से मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जाँचकर्ताओं के अनुसार, इस कथित साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जाँच की जा रही है।
किन राजनीतिक दलों ने पंजाब बंद का समर्थन किया?
कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और 'वारिस पंजाब दे' ने इस बंद का समर्थन किया। किसान यूनियनों, कर्मचारी संगठनों और 'किसान मजदूर संघर्ष समिति' ने भी राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन में अपनी भागीदारी दर्ज कराई।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मामले पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दोषियों को कड़ी सजा दिलाने का वादा किया है और पंजाब पुलिस को मामले की गहन जाँच का निर्देश दिया है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की, हालाँकि CBI जाँच की माँग पर उनकी ओर से अभी तक कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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