मानसा झोटा हत्याकांड: अकाली दल ने AAP सरकार को घेरा, पंजाब बंद का समर्थन
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के मानसा जिले में नशे के विरुद्ध आवाज़ बुलंद करने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद 14 अक्टूबर 2026 को राज्य की राजनीति तेज़ हो गई है। शिरोमणी अकाली दल ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए पंजाब बंद का पूर्ण समर्थन घोषित किया। अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने एक्स पर पोस्ट कर मुख्यमंत्री भगवंत मान को 'गुरु-दोखी' तक कहा।
मजीठिया के आरोप और सरकार पर हमला
मजीठिया ने एक्स पर दो अलग-अलग पोस्ट कीं। पहली पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'गुरु-दोखी भगवंत की गलत नीतियों के कारण मानसा के दो हीरे इस दुनिया से चले गए—सिद्धू मूसेवाला और परविंदर सिंह झोटा।' उन्होंने आरोप लगाया कि झोटा बार-बार चेताता रहा कि नशा सरेआम बिक रहा है, लेकिन सरकार की इंटेलिजेंस 'सोई पड़ी थी।'
मजीठिया के अनुसार, जिले में एक 'लाडला एसएसपी' तैनात था, इसीलिए चेतावनियों पर कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हत्या के बाद सरकार ने 'ध्यान भटकाने' के लिए आरोपी का मकान और दुकान तोड़ी, ताकि धरनाप्रदर्शन और घटना से लोगों का ध्यान हटाया जा सके।
एंटी-ड्रोन सिस्टम पर भी सवाल
मजीठिया ने बॉर्डर पर लगाए गए एंटी-ड्रोन सिस्टम को लेकर भी सरकार को घेरा। उनका कहना था कि इस सिस्टम का 'बड़ा ड्रामा' किया गया, लेकिन जो इसे चलाने के लिए जिम्मेदार था, वह खुद तस्करों से मिला हुआ था। उन्होंने इसे सरकार की नशा-विरोधी नीति की बड़ी विफलता बताया।
नशे की मौतों का सिलसिला और अन्य मामले
मजीठिया की दूसरी पोस्ट में पंजाब में नशे से हो रही मौतों की पीड़ा दर्ज की गई। उन्होंने अजनाला के सुल्तान महल गाँव के प्रभजोत का उदाहरण दिया, जो कथित तौर पर नशे की भेंट चढ़ गया। प्रभजोत के चाचा ने आरोप लगाया कि विधायक कुलदीप धालीवाल नशा तस्करों का खुलकर समर्थन करते हैं और उन्हें क्षेत्र में नशा बेचने में मदद करते हैं — हालाँकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
मजीठिया ने परविंदर झोटा की हत्या, गुलजार सिंह की खुदकुशी, मोहनजीत शेरों पर कथित हमले और प्रभजोत की मौत को एक ही श्रृंखला में रखते हुए कहा कि 'पंजाब का यह दुखांत जारी है।'
अकाली दल का पंजाब बंद को समर्थन
मजीठिया ने अपनी पोस्ट के अंत में घोषणा की कि शिरोमणी अकाली दल गुरुवार को आयोजित पंजाब बंद का पूर्ण समर्थन करता है। यह बंद झोटा हत्याकांड के विरोध में बुलाया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब मानसा की सड़कों पर आम जनता का आक्रोश भी देखा जा रहा है।
आगे क्या होगा
मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने मजीठिया के आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। पंजाब बंद और बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच सरकार पर जाँच में पारदर्शिता और नशा-तस्करी पर ठोस कार्रवाई की माँग तेज़ होती दिख रही है। झोटा हत्याकांड में पुलिस की जाँच जारी है और अगले कुछ दिन राज्य की राजनीति के लिए निर्णायक माने जा रहे हैं।