मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या, मां बोलीं— 'भगवंत मान सरकार ने सब बर्बाद कर दिया'
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के मानसा में नशा-विरोधी अभियान चलाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर 2026 को दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस वारदात का वीडियो लाइव रिकॉर्डिंग में कैद होने की बात सामने आई है। हत्या के बाद राज्यभर में राजनीतिक घमासान मच गया है और परविंदर की माँ ने रोते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार पर सीधे निशाना साधा है।
माँ की दर्दभरी गवाही
परविंदर सिंह की माँ ने कहा, 'मेरा बेटा मुझे कहता था — माँ, ये मुझे मार देंगे।' उन्होंने बताया कि जाने से पहले बेटे ने उनके पैर छूकर कहा था, 'माँ, मेरा खाना तैयार रखना।' माँ ने आरोप लगाते हुए कहा, 'उन्होंने मेरा अनमोल बेटा छीन लिया। भगवंत मान सरकार ने सब बर्बाद कर दिया है।'
परिवार के अनुसार, परविंदर ने हाल ही में मानसा में एक केमिस्ट की दुकान पर नशा बिकने का लाइव वीडियो बनाकर पर्दाफाश किया था, जिसमें ग्राहकों ने कैमरे पर माना था कि उन्होंने नशा खरीदा था।
भाजपा की प्रतिक्रिया और इस्तीफे की माँग
भाजपा पंजाब अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने चंडीगढ़ में कहा कि हर सुबह हत्याओं की खबर सुनना दिलदहला देने वाला है। उन्होंने कहा, 'परविंदर मानसा में नशा रोकने के लिए मेहनत कर रहा था, उसे दिनदहाड़े गोली मार दी गई। यह सरकार पूरी तरह फेल हो गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।'
भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय सांपला ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार नशा तस्करों के साथ मिली हुई है। उनका कहना था कि जो भी नशे के खिलाफ आवाज उठाता है, पुलिस उसकी पिटाई कर देती है।
अकाली दल और कांग्रेस का रुख
शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि सरकार ने चार महीने में नशा खत्म करने और बड़ी मछलियों को पकड़ने का वादा किया था, लेकिन पाँच साल बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा, 'नशा हर घर तक पहुँच रहा है और माताओं को आँसू बहाने पर मजबूर कर रहा है।'
अमृतसर में अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने याद दिलाया कि मानसा वही जिला है जहाँ इससे पहले गायक सिद्धू मूसेवाला की भी दिनदहाड़े हत्या हुई थी। उन्होंने कहा कि परविंदर ने मुख्यमंत्री के सामने बार-बार नशे का मुद्दा उठाया था, लेकिन न उन्हें बुलाया गया और न उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की गई।
कांग्रेस नेता अर्शदीप গগोवাল ने कहा कि परविंदर पिछले चार-पाँच वर्षों से लोगों के लिए लड़ रहा था और अपनी उसी लड़ाई में उसने जान गँवाई। उन्होंने प्रशासन से हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी और पूछताछ की अपील की।
पुलिस की प्रतिक्रिया
एसएसपी वैभव चौधरी ने बताया कि पुलिस का पूरा ध्यान अभी आरोपी की गिरफ्तारी पर केंद्रित है। उन्होंने कहा, 'हम उस पर काम कर रहे हैं और बाकी सभी सवालों का जवाब जाँच के दौरान दिया जाएगा।'
आगे क्या होगा
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पंजाब में नशे की समस्या लगातार चर्चा में रहती है और विपक्षी दल राज्य सरकार पर निष्क्रियता का आरोप लगाते आए हैं। परविंदर सिंह झोटा के परिवार ने न्याय की माँग की है। राजनीतिक दबाव बढ़ने के साथ, इस मामले में पुलिस जाँच की दिशा और गिरफ्तारी की रफ्तार आने वाले दिनों में अहम होगी।