मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या, पंजाब में सुरक्षा पर सवाल
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के मानसा में 13 अक्टूबर 2026 की सुबह नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, नशा विरोधी गतिविधियों को लेकर हुए विवाद के बाद एक मेडिकल स्टोर मालिक ने झोटा पर गोलियाँ चलाईं। इस हत्या ने पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएँ खड़ी कर दी हैं।
घटना का विवरण
मानसा सिविल अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. गुरमेल सिंह ने बताया कि झोटा को तीन गोलियाँ लगी थीं। उन्होंने कहा, 'एक गोली परविंदर के लिवर में लगी, जिससे उनकी मौत हो गई।' रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें करीब से कई गोलियाँ मारी गईं। हालाँकि गोलीबारी के सभी कारणों, आरोपी की पूरी पहचान और पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र रूप से अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है।
परविंदर सिंह झोटा: कौन थे ये कार्यकर्ता
परविंदर सिंह झोटा एक एंटी-ड्रग टास्क फोर्स से जुड़े हुए थे और सोशल मीडिया पर 'झोटा' नाम से जाने जाते थे। वे मानसा और आसपास के इलाकों में मेडिकल स्टोर्स पर प्रतिबंधित कैप्सूल की बिक्री के खिलाफ अभियान चलाने के लिए प्रसिद्ध थे। उनकी कोशिशों के चलते कई ग्राम पंचायतों ने नशे के खिलाफ प्रस्ताव पारित किए थे। नशे से जुड़ी गतिविधियों के आरोपियों से उनकी टकराव की खबरें भी विवादों में रही थीं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
पंजाब के पूर्व कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने इस हत्या पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'परविंदर सिंह झोटा की दिनदहाड़े हत्या भगवंत मान सरकार की विफल कानून-व्यवस्था और विफल युद्ध नशे के विरुद्ध का सीधा नतीजा है।' वड़िंग ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'परविंदर पंजाब में नशे के खिलाफ खड़े हुए लेकिन उनकी पहल को कभी भी आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने समर्थन नहीं दिया। उनकी दिनदहाड़े हत्या आप सरकार की गंभीर विफलताओं को उजागर करती है।' वड़िंग ने यह भी जोड़ा कि वे 2023 में परविंदर के पिता और परिवार से तब मिले थे जब उन पर कथित तौर पर झूठा आरोप लगाकर उन्हें गिरफ्तार किया गया था।
मानसा में तनाव का माहौल
इस हत्या के बाद मानसा शहर में तनाव का माहौल बताया जा रहा है। गौरतलब है कि पंजाब पहले से ही नशे की गंभीर समस्या से जूझ रहा है और राज्य सरकार ने 'युद्ध नशे के विरुद्ध' अभियान चला रखा है। ऐसे में एक नशा विरोधी कार्यकर्ता की हत्या इस लड़ाई के लिए गंभीर झटका मानी जा रही है।
आगे क्या होगा
पुलिस मामले की जाँच कर रही है, लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी और मामले की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। विपक्ष ने राज्य सरकार से तत्काल कार्रवाई और नशा विरोधी कार्यकर्ताओं को सुरक्षा प्रदान करने की माँग की है। यह देखना होगा कि पंजाब सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और क्या अन्य कार्यकर्ताओं की सुरक्षा के लिए कोई व्यवस्था की जाती है।