परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड: मुख्य आरोपी राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार, हथियार भी बरामद
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब पुलिस ने 14 अक्टूबर 2026 को मानसा के एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है — हत्याकांड के मुख्य आरोपी और कथित शूटर को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया हथियार भी बरामद किया है। अब आरोपी से गहन पूछताछ जारी है।
मुख्य घटनाक्रम
13 अक्टूबर 2026 को मानसा में परविंदर सिंह झोटा को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया था और स्थानीय लोगों में गहरा रोष उत्पन्न हुआ। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की और मात्र एक दिन के भीतर मुख्य आरोपी को राजस्थान के सालासर से धर दबोचा।
परविंदर सिंह झोटा कौन थे
परविंदर सिंह झोटा मानसा और आसपास के क्षेत्रों में नशे के विरुद्ध सक्रिय अभियान चलाने के लिए जाने जाते थे। वह मेडिकल स्टोरों पर प्रतिबंधित एवं नशे की लत लगाने वाली दवाओं की कथित अवैध बिक्री के खिलाफ लगातार आवाज़ उठाते थे। सोशल मीडिया पर 'झोटा' के नाम से मशहूर यह एक्टिविस्ट एंटी-ड्रग टास्क फोर्स से भी जुड़े हुए थे। उनके प्रयासों के चलते कई ग्राम पंचायतों ने नशे के विरुद्ध प्रस्ताव पारित किए थे।
हत्या से पहले का विवाद
जानकारी के अनुसार, हत्या से पहले परविंदर सिंह झोटा की एक मेडिकल स्टोर संचालक से नशीली दवाओं की कथित बिक्री को लेकर बहस हुई थी। फेसबुक लाइव पर सामने आए एक वीडियो में उन्हें एक केमिस्ट की दुकान के बाहर संचालक से इस संबंध में सवाल करते देखा गया था। हालांकि, पुलिस के अनुसार इस विवाद की हत्या में सटीक भूमिका और वारदात के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
जांच की स्थिति
पुलिस ने मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और हथियार की बरामदगी को जांच में अहम उपलब्धि बताया है। अधिकारी अब आरोपी से पूछताछ के ज़रिए हत्या के मकसद, वारदात की परिस्थितियों और इसमें संभावित अन्य संलिप्त लोगों की पहचान करने में जुटे हैं। गौरतलब है कि पंजाब में नशा तस्करी के विरुद्ध अभियान चलाने वाले व्यक्तियों पर हमले की यह घटना राज्य में ड्रग माफिया के बढ़ते खतरे को उजागर करती है।
आगे क्या होगा
स्थानीय लोगों में एक्टिविस्ट की हत्या को लेकर आक्रोश बना हुआ है। आरोपी की गिरफ्तारी से मामले में जल्द न्याय की उम्मीद जगी है। पुलिस की जांच यह तय करेगी कि क्या यह हत्या किसी संगठित नेटवर्क की साज़िश थी या कोई व्यक्तिगत विवाद — इसका उत्तर पूछताछ के बाद ही सामने आएगा।