14 अक्टूबर 2026
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पंजाब में नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर झोटा की हत्या पर सुनील जाखड़ का AAP सरकार पर हमला

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पंजाब में नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर झोटा की हत्या पर सुनील जाखड़ का AAP सरकार पर हमला

सारांश

BJP नेता सुनील जाखड़ ने नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर झोटा की हत्या को आधार बनाकर पंजाब में AAP सरकार को कटघरे में खड़ा किया — कहा, नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले भी सुरक्षित नहीं। साथ ही SIR विवाद पर पंजाब कांग्रेस की स्वतंत्रता पर भी सवाल उठाए।

मुख्य बातें

BJP नेता सुनील जाखड़ ने 14 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या का उल्लेख करते हुए पंजाब AAP सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
जाखड़ के अनुसार, पंजाब में नशे के खिलाफ बोलने के कारण मारे गए लोगों की संख्या नशे की ओवरडोज़ से मरने वालों से भी अधिक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में पुलिसकर्मियों की जानें भी जा रही हैं और कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है।
भगवंत मान के OSD के खिलाफ कार्रवाई का हवाला देते हुए जाखड़ ने 100 दिनों में अन्य जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही का संकेत दिया।
SIR विवाद पर जाखड़ ने कहा कि पंजाब कांग्रेस दिल्ली नेतृत्व के निर्देश पर काम कर रही है और उसकी राजनीतिक स्वतंत्रता प्रभावित हुई है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता सुनील जाखड़ ने 14 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बात करते हुए पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या का उल्लेख करते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। जाखड़ ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है और नशे के खिलाफ बोलने वालों की जान तक सुरक्षित नहीं है।

परविंदर झोटा की हत्या — मुख्य घटनाक्रम

जाखड़ के अनुसार, परविंदर सिंह झोटा ने फार्मास्युटिकल ड्रग्स के बढ़ते कारोबार के खिलाफ सक्रिय रूप से आवाज उठाई थी, और इसके परिणामस्वरूप उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ी। उन्होंने कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है — इससे पहले भी नशा-विरोधी अभियान चलाने वाले कई लोगों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़े हैं।

'पंजाब में नशे के खिलाफ बोलने के कारण लोगों की हत्या की जा रही है, उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है और आत्महत्या के लिए मजबूर किया जा रहा है,' जाखड़ ने आरोप लगाया। उनके अनुसार, ऐसी घटनाओं में जान गंवाने वालों की संख्या नशे की ओवरडोज़ से मरने वालों से भी अधिक हो चुकी है।

कानून-व्यवस्था पर AAP सरकार पर निशाना

जाखड़ ने आरोप लगाया कि पंजाब में पुलिसकर्मियों की जान भी लगातार जा रही है, जो राज्य में शासन की विफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल की प्राथमिकताएँ प्रशासन पर हावी हैं और राज्य की संपत्ति के कथित दोहन की ओर उन्होंने ध्यान दिलाया।

जाखड़ ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के विशेष कार्याधिकारी (OSD) के खिलाफ हुई कार्रवाई का भी उल्लेख किया और कहा कि अगले 100 दिनों में अन्य अधिकारियों और राजनीतिक पदाधिकारियों की भी जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।

कांग्रेस पर SIR विवाद में हमला

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जाखड़ ने पंजाब कांग्रेस को भी घेरा। उन्होंने कहा कि जहाँ देश के अन्य हिस्सों में कांग्रेस और विपक्षी दल SIR प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं, वहीं पंजाब कांग्रेस नेताओं ने अंतिम मतदाता सूची जारी होने पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) को बधाई दे दी।

जाखड़ के अनुसार यह दिखाता है कि पंजाब कांग्रेस दिल्ली नेतृत्व के निर्देशों पर चल रही है और उसकी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान कमज़ोर हो चुकी है। उल्लेखनीय है कि ये सभी आरोप जाखड़ ने एक राजनीतिक बयान के दौरान लगाए हैं।

जवाबदेही और आगे की राह

जाखड़ ने चेतावनी देते हुए कहा कि 'कोई भाग सकता है, लेकिन छिप नहीं सकता।' उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब में कथित संसाधनों के दोहन और प्रशासनिक अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों से जवाब माँगा जाएगा।

यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में नशे का मुद्दा लगातार राजनीतिक बहस के केंद्र में बना हुआ है और 2027 के विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र विपक्ष राज्य सरकार पर दबाव बढ़ा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो जवाबदेही सरकार से माँगी जानी चाहिए, विपक्ष से नहीं। SIR मुद्दे पर कांग्रेस की घरेलू कलह भी बताती है कि राज्य में विपक्ष भी एकजुट नहीं है, जो अंततः जनता के हित में नहीं।
RashtraPress
14 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

परविंदर सिंह झोटा कौन थे और उनकी हत्या क्यों हुई?
परविंदर सिंह झोटा पंजाब में फार्मास्युटिकल ड्रग्स के खिलाफ सक्रिय रूप से अभियान चलाने वाले नशा-विरोधी कार्यकर्ता थे। BJP नेता सुनील जाखड़ के अनुसार, उन्हें नशे के खिलाफ आवाज उठाने के कारण जान से हाथ धोना पड़ा, हालांकि मामले की विस्तृत जाँच जारी है।
सुनील जाखड़ ने पंजाब सरकार पर क्या आरोप लगाए?
जाखड़ ने आरोप लगाया कि पंजाब में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है, नशा-विरोधी कार्यकर्ताओं की हत्याएँ हो रही हैं, पुलिसकर्मियों की जानें जा रही हैं और AAP सरकार प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में विफल रही है। ये आरोप उन्होंने एक राजनीतिक बयान के दौरान लगाए।
पंजाब में मतदाता सूची SIR विवाद क्या है?
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) एक प्रक्रिया है जिसके तहत मतदाता सूचियों की समीक्षा की जाती है। जाखड़ ने कहा कि जहाँ देश में कांग्रेस और विपक्ष SIR का विरोध कर रहे हैं, वहीं पंजाब कांग्रेस के नेताओं ने CEO को बधाई दी, जिससे पार्टी की स्वतंत्रता पर सवाल उठे।
जाखड़ ने '100 दिन' की बात क्यों कही?
जाखड़ ने संकेत दिया कि अगले 100 दिनों में पंजाब में कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और राजनीतिक पदाधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान के OSD के खिलाफ हुई कार्रवाई का उदाहरण दिया।
पंजाब में नशे की समस्या कितनी गंभीर है?
जाखड़ के अनुसार, पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने के कारण हत्याओं, प्रताड़ना और आत्महत्या की घटनाओं में जान गंवाने वालों की संख्या नशे की ओवरडोज़ से मरने वालों से अधिक हो चुकी है। ये आरोप राजनीतिक हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
राष्ट्र प्रेस
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