17 अक्टूबर 2026
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झोटा हत्याकांड: सचिन पायलट और गुरजीत औजला का मान सरकार पर हमला, पंजाब में कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल

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झोटा हत्याकांड: सचिन पायलट और गुरजीत औजला का मान सरकार पर हमला, पंजाब में कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल

सारांश

मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता झोटा की हत्या ने पंजाब की सियासत में भूचाल ला दिया है। कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री की नैतिक जवाबदेही पर सवाल उठाए, जबकि सांसद औजला ने सरकार पर अपराधियों की मदद करने का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या पर सियासी विवाद तेज।
पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट ने कहा — मुख्यमंत्री को नैतिकता के आधार पर पद छोड़ना चाहिए।
कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने भगवंत मान सरकार पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया।
झोटा की माँ ने 13 अक्टूबर को भावुक बयान में बताया — बेटे को अपनी हत्या का पहले से अंदेशा था।
कांग्रेस ने उच्च स्तरीय जाँच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की माँग की।

पंजाब के मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर तीखा सियासी विवाद खड़ा कर दिया है। 17 अक्टूबर 2026 को पंजाब कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट और कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार को सीधे निशाने पर लेते हुए नैतिक जवाबदेही की माँग की। दोनों नेताओं ने दावा किया कि नशे के खिलाफ बोलने वाले कार्यकर्ताओं को खुलेआम निशाना बनाया जा रहा है।

पायलट का सरकार पर सीधा प्रहार

सचिन पायलट ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'हम कुछ दिन पहले जैसी घटनाएं देख रहे हैं, जहां किसी को दिनदहाड़े खुलेआम गोली मार दी गई। पंजाब में जो भी व्यक्ति नशे के खिलाफ बोलता है, या सरकार की पोल खोलने का काम करता है, उसे खुलेआम निशाना बनाया जाता है और अपनी जान गंवानी पड़ती है। इससे बड़ी कानून-व्यवस्था की नाकामी और कुछ नहीं हो सकती।' उन्होंने मुख्यमंत्री पर प्रत्यक्ष हमला करते हुए कहा कि जो सरकार अपने नागरिकों को सुरक्षित नहीं रख सकती और रोज़ाना हो रहे गोलीकांडों को रोक नहीं सकती, उस मुख्यमंत्री को नैतिकता के आधार पर पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है।

औजला बोले — सरकार अपराधियों की मदद कर रही है

कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने झोटा को श्रद्धांजलि देने के बाद कहा, 'पंजाब इस समय एक अंधेरे दौर से गुजर रहा है। लोगों के खिलाफ बहुत बड़ा अपराध किया जा रहा है, उन पर अत्याचार हो रहा है और उन्हें खुलेआम मारा जा रहा है।' औजला ने आरोप लगाया कि सरकार अपराध करने वालों की मदद करती है, जिससे आम जनता कानून को अपने हाथ में लेने पर मजबूर होती है। उन्होंने माँग की कि मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और प्रशासन को तत्काल ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।

माँ की मार्मिक गवाही

इस मामले में सबसे दर्दनाक बयान परविंदर सिंह झोटा की माँ का था, जिन्होंने 13 अक्टूबर को भावुक होकर बताया था, 'मेरा बेटा मुझे कहता था, मां, ये मुझे मार देंगे। जाने से पहले मेरे पैर छूकर बोला, मां, मेरा खाना तैयार रखना। उन्होंने मेरा अनमोल बेटा छीन लिया।' उन्होंने भगवंत मान सरकार पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि इस सरकार ने सब बर्बाद कर दिया है।

पंजाब में बढ़ती हिंसा का संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में नशा विरोधी आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं पर हमलों की संख्या में कथित तौर पर इज़ाफा हो रहा है। गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने सत्ता में आने के बाद नशामुक्ति को अपना प्रमुख एजेंडा बताया था, लेकिन आलोचकों का कहना है कि ज़मीनी हालात में अपेक्षित सुधार नहीं आया। झोटा प्रकरण इसी व्यापक विमर्श का हिस्सा बनता जा रहा है।

आगे क्या होगा

कांग्रेस के आरोपों के बाद मान सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतज़ार है। विपक्ष ने इस मामले में उच्च स्तरीय जाँच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की माँग की है। आने वाले दिनों में यह मसला पंजाब विधानसभा और सड़क — दोनों स्तरों पर गर्म रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और अब उसी एजेंडे से जुड़े कार्यकर्ता की हत्या पर विपक्ष का हमला दोहरी विडंबना को उजागर करता है। कांग्रेस के आरोप राजनीतिक हैं, लेकिन इस मामले में जो सवाल उठ रहे हैं — कि क्या नशा विरोधी आवाजें व्यवस्थित रूप से दबाई जा रही हैं — वे जवाब माँगते हैं जो केवल जाँच की पारदर्शिता से मिल सकते हैं।
RashtraPress
17 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

परविंदर सिंह झोटा कौन थे और उनकी हत्या कब हुई?
परविंदर सिंह झोटा पंजाब के मानसा जिले के एक नशा विरोधी कार्यकर्ता थे। उनकी हत्या अक्टूबर 2026 में हुई, जिसके बाद राज्य में सियासी हंगामा मच गया।
सचिन पायलट ने भगवंत मान सरकार पर क्या आरोप लगाए?
पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट ने कहा कि पंजाब में नशे के खिलाफ बोलने वालों को खुलेआम निशाना बनाया जा रहा है और यह कानून-व्यवस्था की सबसे बड़ी नाकामी है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर नैतिकता के आधार पर पद छोड़ने का दबाव बनाया।
गुरजीत सिंह औजला ने इस मामले में क्या कहा?
कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने आरोप लगाया कि मान सरकार अपराध करने वालों की मदद कर रही है, जिससे आम जनता कानून अपने हाथ में लेने पर मजबूर हो रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री और गृह मंत्री से तत्काल ठोस कार्रवाई की माँग की।
झोटा की माँ ने क्या बयान दिया था?
झोटा की माँ ने 13 अक्टूबर को भावुक होकर बताया था कि उनका बेटा उन्हें पहले से कहता था कि उसे मार दिया जाएगा। घर से निकलने से पहले उसने माँ के पैर छुए और खाना तैयार रखने को कहा — जो उनसे उसकी आखिरी बात बनी।
इस हत्याकांड के बाद आगे क्या होने की संभावना है?
कांग्रेस ने उच्च स्तरीय जाँच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की माँग की है। मान सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतज़ार है और यह मसला पंजाब की राजनीति में आने वाले दिनों तक गर्म रहने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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