परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड: पंजाब बंद से कई जिले प्रभावित, हाईवे जाम, CM से इस्तीफे की माँग
सारांश
मुख्य बातें
नशा-विरोधी एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद 15 अक्टूबर 2026 को पंजाब बंद का आह्वान किया गया, जिसके समर्थन में चंडीगढ़, जालंधर, अमृतसर, मोहाली और मानसा सहित राज्य के कई जिलों में व्यापक प्रदर्शन हुए। किसान संगठनों और सरकारी कर्मचारियों ने सड़कों पर उतरकर झोटा की हत्या के दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई तथा मुख्यमंत्री भगवंत मान से नैतिक आधार पर इस्तीफे की माँग की। मामले में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
मुख्य घटनाक्रम
चंडीगढ़ में पंजाब सिविल सचिवालय और चंडीगढ़-मोहाली स्थित निदेशालयों के कर्मचारियों ने सेक्टर-17 में रैली निकाली। पंजाब गवर्नमेंट एम्प्लॉइज एसोसिएशन के अध्यक्ष सुखचैन सिंह खैरा ने कहा कि झोटा नशे के खिलाफ और पंजाब के युवाओं के हित में संघर्ष कर रहे थे और नशा तस्करी में लिप्त असामाजिक तत्वों ने उनकी हत्या की। उन्होंने बताया कि कर्मचारी अगले दिन झोटा के परिवार से मिलने उनके घर जाएँगे और परिवार को हर संभव सहयोग दिया जाएगा।
जालंधर में किसानों ने जालंधर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर धरना दिया, जिससे यातायात बाधित हो गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाकर हिरासत में लिया और हाईवे खाली करवाया, जिसके बाद यातायात बहाल किया गया। एक किसान नेता ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को सुबह से ही घरों में रोकने की कोशिश की गई, लेकिन कार्यकर्ताओं की मदद से वे प्रदर्शन स्थल तक पहुँचे।
अमृतसर में पुतला दहन, CM के इस्तीफे की माँग
किसान मजदूर संघर्ष समिति के नेता सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि किसान मजदूर मोर्चा और संबद्ध संगठन पंजाब बंद के समर्थन में सड़कों पर उतरे। अमृतसर के गोल्डन गेट पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और भगवंत मान सरकार का पुतला जलाया गया। पंधेर ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने और पुलिस महानिदेशक (DGP) के पद से हटने की माँग की। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में नशा तस्करी का मुद्दा पहले से ही राजनीतिक बहस के केंद्र में है।
पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया
जालंधर के पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह ने कहा कि प्रदर्शनकारी किसानों को तुरंत सड़क के किनारे किया गया और यातायात सामान्य रूप से चल रहा है। उन्होंने बताया कि सभी संगठन पुलिस के साथ सहयोग कर रहे हैं।
अमृतसर के पुलिस कमिश्नर हरमनवीर सिंह गिल ने कहा कि बंद के दौरान किसी पर जबरदस्ती नहीं होनी चाहिए और जो दुकानदार काम जारी रखना चाहते हैं, उन्हें ऐसा करने दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई लोग प्रतिदिन ₹500 से ₹1,000 कमाकर अपने परिवार का खर्च चलाते हैं और पुलिस का प्रयास है कि बंद के दौरान किसी को अनावश्यक परेशानी न हो।
बठिंडा रेंज के DIG हरजीत सिंह मानसा में झोटा के परिवार से मिले। उन्होंने बताया कि पुलिस परिवार और संबंधित लोगों के निरंतर संपर्क में है, स्थिति शांतिपूर्ण है और समिति के सदस्यों के साथ हुई बैठक सकारात्मक रही तथा विभिन्न मांगों पर सहमति बनी है। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उन्हें जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा।
आम जनता और व्यापार पर असर
मोहाली में बंद के दौरान कुछ बाजार खुले रहे, जो बंद की आंशिक प्रकृति को दर्शाता है। गौरतलब है कि पंजाब में बंद के ऐलान के बावजूद राज्य के सभी हिस्सों में एकसमान प्रभाव नहीं रहा। व्यापारियों और छोटे दुकानदारों के लिए यह बंद आर्थिक दृष्टि से नुकसानदेह रहा।
क्या होगा आगे
पुलिस द्वारा गिरफ्तार दोनों आरोपियों को शीघ्र ही अदालत में पेश किया जाएगा। DIG हरजीत सिंह ने संकेत दिया है कि समिति के साथ हुई बैठक में उठाई गई माँगों पर आगे भी संवाद जारी रहेगा। किसान संगठनों ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने ठोस कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और तीव्र किया जाएगा।