मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह की हत्या, BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने AAP सरकार को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के मानसा में मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 की सुबह नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने राज्य में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार पर तीखा हमला बोला और इसे शासन की गंभीर विफलता करार दिया। झोटा एक नशा विरोधी टास्क फोर्स से जुड़े थे और ड्रग तस्करी तथा अवैध मादक पदार्थों की कथित बिक्री के विरुद्ध सक्रिय अभियान चला रहे थे।
घटनाक्रम: कैसे हुई हत्या
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, एक मेडिकल स्टोर संचालक ने कथित तौर पर नशा विरोधी गतिविधियों को लेकर हुए विवाद के बाद झोटा पर गोली चला दी। बताया जा रहा है कि झोटा उस मेडिकल स्टोर पर कथित रूप से 'चिट्टा' की बिक्री का लाइव प्रसारण कर रहे थे। झोटा लंबे समय से नशा बेचने के संदेह वाले लोगों का विरोध करते आए थे और स्थानीय समुदाय को भी नशे के खिलाफ एकजुट करने में सक्रिय भूमिका निभाते थे।
इस घटना ने नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है।
BJP का हमला: नितिन नवीन की प्रतिक्रिया
BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या बेहद चौंकाने वाली है। यह पंजाब में AAP सरकार के दौरान कानून व्यवस्था की चिंताजनक स्थिति को उजागर करती है।'
उन्होंने आगे कहा, 'आम आदमी पार्टी नशामुक्त पंजाब का वादा करके सत्ता में आई थी। आज हालात यह हैं कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोग ही सुरक्षित नहीं हैं। यह प्रशासन की गंभीर विफलता है। अगर ड्रग माफिया के खिलाफ लड़ने वाले लोग सुरक्षित नहीं हैं, तो पंजाब में कौन सुरक्षित है?' नवीन ने स्पष्ट किया कि पंजाब की जनता इस मामले में जवाबदेही की हकदार है।
विपक्षी दलों की एकजुट निंदा
पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा, 'परविंदर सिंह झोटा की दिनदहाड़े हत्या भगवंत मान सरकार की विफल कानून व्यवस्था और "युद्ध नशे विरुद्ध" अभियान की असफलता का सीधा परिणाम है।'
शिरोमणि अकाली दल के महासचिव बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी इस हत्या की कड़ी निंदा की। एक्स पर पोस्ट करते हुए मजीठिया ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से सीधे सवाल पूछा, 'क्या अब जो भी आवाज उठाएगा उसे मार दिया जाएगा?' उन्होंने राज्य सरकार से इस्तीफे की माँग की और पंजाब की जनता से एकजुट होकर जवाब माँगने का आह्वान किया।
आम जनता और कार्यकर्ताओं पर असर
यह घटना ऐसे समय में आई है जब पंजाब में नशे की समस्या एक दशक से अधिक समय से सामाजिक और राजनीतिक बहस का केंद्र रही है। गौरतलब है कि AAP ने 2022 के विधानसभा चुनाव में 'युद्ध नशे विरुद्ध' अभियान को प्रमुख वादे के रूप में पेश किया था। जमीनी स्तर पर काम करने वाले नशा विरोधी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर यह मामला एक गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
झोटा जैसे कार्यकर्ता, जो राज्य तंत्र से इतर स्वतंत्र रूप से ड्रग तस्करों का पर्दाफाश करते हैं, अब खुद को असुरक्षित महसूस करने लगे हैं — यह प्रवृत्ति नशा विरोधी सामाजिक आंदोलन के लिए एक बड़ा झटका है।
आगे क्या होगा
विपक्षी दलों ने मामले में त्वरित न्यायिक जाँच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है। AAP सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इस मामले में राज्य पुलिस की जाँच और सरकार का रुख आने वाले दिनों में राजनीतिक रूप से निर्णायक साबित हो सकता है।