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गृह मंत्री अमित शाह ने गुरदासपुर में विक्रमजीत के परिवार से की 15 मिनट मुलाकात, तीन ड्रग-पीड़ित परिवारों का दौरा

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गृह मंत्री अमित शाह ने गुरदासपुर में विक्रमजीत के परिवार से की 15 मिनट मुलाकात, तीन ड्रग-पीड़ित परिवारों का दौरा

सारांश

गृह मंत्री अमित शाह का पंजाब दौरा महज शिष्टाचार नहीं — यह केंद्र का वह सीधा संकेत है कि नशे से जुड़ी हिंसा अब राष्ट्रीय एजेंडे पर है। तीन परिवारों से मुलाकात, CBI जाँच और गृह मंत्रालय की रिपोर्ट माँग — यह सब मिलकर पंजाब के ड्रग संकट पर केंद्र की बढ़ती सक्रियता को दर्शाते हैं।

मुख्य बातें

गृह मंत्री अमित शाह ने 20 अक्टूबर 2026 को गुरदासपुर में ड्रग विरोध पर मारे गए विक्रमजीत सिंह के परिवार से करीब 15 मिनट मुलाकात की।
परिवार ने शाह को माँगों की सूची सौंपी — निष्पक्ष जाँच , सरकारी नौकरी और आर्थिक सहायता ।
शाह मानसा (परविंदर सिंह झोटा परिवार) और संगरूर (गुलजार सिंह परिवार) में भी मुलाकात करेंगे।
पंजाब सरकार ने परविंदर सिंह झोटा का मामला CBI को सौंपने की घोषणा की।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार से हालिया मौतों की विस्तृत रिपोर्ट माँगी।
पूर्व BJP अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने CBI आदेश में देरी पर राज्य सरकार की आलोचना की।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 20 अक्टूबर 2026 को पंजाब के पाकिस्तान सीमा से सटे गुरदासपुर जिले का दौरा किया और ड्रग तस्करी का विरोध करने पर कथित तौर पर गोली मारकर हत्या किए गए विक्रमजीत सिंह के परिवार से करीब 15 मिनट मुलाकात की। यह दौरा पंजाब में नशे से जुड़ी हिंसा पर बढ़ती जन चिंता और केंद्र सरकार की सक्रियता की पृष्ठभूमि में हो रहा है।

मुलाकात का विवरण और परिवार की माँगें

गृह मंत्री शाह ने विक्रमजीत सिंह के परिवार के साथ करीब 15 मिनट बिताए। रिपोर्टों के अनुसार, परिवार ने उन्हें माँगों की एक सूची सौंपी, जिसमें निष्पक्ष जाँच, सरकारी नौकरी और आर्थिक सहायता शामिल हैं। विक्रमजीत सिंह की 15 अक्टूबर को गुरदासपुर जिले के हरगोबिंदपुर साहिब के मारी पन्नवा गाँव में कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, और यह घटना नशीले पदार्थों की बिक्री के विरोध के संदर्भ में हुई थी।

तीन परिवारों का दौरा — पूरा कार्यक्रम

गृह मंत्री का यह पंजाब दौरा तीन ऐसे परिवारों से मिलने के उद्देश्य से है जिनकी मौतों ने राज्य में नशे के संकट को राष्ट्रीय चर्चा का केंद्र बनाया। गुरदासपुर के अलावा, शाह मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के परिवार और संगरूर में गुलजार सिंह के परिवार से भी मुलाकात करेंगे। इसके साथ ही वह लुधियाना के दरेसी ग्राउंड में दशहरा समारोह में भी शामिल होंगे, जहाँ नशा विरोधी संदेश प्रमुखता से दिए जाने की उम्मीद है।

केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार से हाल की मौतों के बारे में विस्तृत रिपोर्ट माँगी है। गौरतलब है कि यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग जोर पकड़ रही है। केंद्र की यह पहल पंजाब में प्रभावित परिवारों के साथ सीधी बातचीत का हिस्सा बताई जा रही है।

आप सरकार का फैसला और राजनीतिक प्रतिक्रिया

गृह मंत्री के दौरे से पहले पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने घोषणा की कि नशे के खिलाफ लड़ने वाले परमिंदर सिंह झोटा के मामले को परिवार की माँग पर केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) को सौंपा जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार सुबह एक्स पर लिखा, 'हम नशें के खिलाफ लड़ रहे परमिंदर सिंह झोटा के पिता और परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं। परिवार की मांग का सम्मान करते हुए, हम मामला सीबीआई को सौंप रहे हैं।'

हालाँकि, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व पंजाब अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने इस फैसले पर कहा कि सरकार ने CBI का आदेश जारी करने में बहुत देर कर दी। यह बयान राज्य में नशे के मुद्दे को लेकर राजनीतिक ध्रुवीकरण को रेखांकित करता है।

आगे की स्थिति

यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में नशे की समस्या वर्षों से राष्ट्रीय बहस का हिस्सा रही है और सीमावर्ती जिलों में तस्करी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। CBI जाँच और केंद्रीय गृह मंत्रालय की रिपोर्ट की माँग से आने वाले हफ्तों में इस मामले में महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

नशे के मुद्दे पर केंद्र की दृश्यता बढ़ाना BJP की स्पष्ट रणनीति लगती है। परंतु असली सवाल यह है कि क्या परिवारों से मिलना और रिपोर्ट माँगना ज़मीनी स्तर पर तस्करी नेटवर्क तोड़ने में बदलेगा। AAP सरकार ने CBI जाँच की घोषणा विरोधी दबाव के बाद की — जो दर्शाता है कि जवाबदेही अक्सर स्वेच्छा से नहीं, बल्कि राजनीतिक दबाव में आती है। पंजाब का सीमावर्ती ड्रग संकट दशकों पुराना है; एक दिन का दौरा सुर्खियाँ तो बनाता है, पर संरचनात्मक बदलाव के लिए ठोस नीतिगत निरंतरता की दरकार होती है।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमित शाह ने गुरदासपुर में विक्रमजीत सिंह के परिवार से क्यों मुलाकात की?
गृह मंत्री अमित शाह ने 20 अक्टूबर 2026 को गुरदासपुर का दौरा किया और उस परिवार से मिले जिनके सदस्य विक्रमजीत सिंह की कथित तौर पर ड्रग तस्करी का विरोध करने पर हत्या कर दी गई थी। यह दौरा पंजाब में नशे से जुड़ी हिंसा पर केंद्र सरकार की बढ़ती सक्रियता का हिस्सा है।
विक्रमजीत सिंह की हत्या कब और कहाँ हुई?
विक्रमजीत सिंह की कथित तौर पर 15 अक्टूबर को गुरदासपुर जिले के हरगोबिंदपुर साहिब के मारी पन्नवा गाँव में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह घटना नशीले पदार्थों की बिक्री के विरोध के संदर्भ में हुई बताई जाती है।
परविंदर सिंह झोटा के मामले में CBI जाँच का फैसला क्यों लिया गया?
पंजाब की AAP सरकार ने परविंदर सिंह झोटा के परिवार की माँग को स्वीकार करते हुए उनका मामला CBI को सौंपने की घोषणा की। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि परिवार की मांग का सम्मान करते हुए यह निर्णय लिया गया है।
अमित शाह के पंजाब दौरे में और कौन-कौन से परिवारों से मुलाकात शामिल है?
गृह मंत्री शाह तीन परिवारों से मिल रहे हैं — गुरदासपुर में विक्रमजीत सिंह, मानसा में परविंदर सिंह झोटा, और संगरूर में गुलजार सिंह। इन तीनों की मौतों ने राज्य में नशे के संकट को राष्ट्रीय चर्चा का केंद्र बनाया है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार से क्या माँगा है?
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार से हाल की नशे से जुड़ी मौतों के बारे में विस्तृत रिपोर्ट माँगी है। यह माँग पंजाब में नशीले पदार्थों की तस्करी और उससे जुड़ी हिंसा को लेकर बढ़ती केंद्रीय चिंता को दर्शाती है।
राष्ट्र प्रेस
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