20 अक्टूबर 2026
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पंजाब में चिट्टा तस्करी पर अमित शाह का AAP पर हमला: 'राजनीतिक संरक्षण के बिना युवाओं तक नहीं पहुँच सकता नशा'

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पंजाब में चिट्टा तस्करी पर अमित शाह का AAP पर हमला: 'राजनीतिक संरक्षण के बिना युवाओं तक नहीं पहुँच सकता नशा'

सारांश

विजयादशमी पर लुधियाना पहुँचे गृह मंत्री अमित शाह ने चिट्टा-पीड़ित तीन परिवारों से मुलाकात के बाद AAP सरकार पर सीधा हमला बोला — पाँच साल बाद भी नशे का वादा खोखला, PIT-NDPS में एक भी गिरफ्तारी नहीं, और राजनीतिक संरक्षण का गंभीर आरोप।

मुख्य बातें

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 20 अक्टूबर 2026 को लुधियाना में AAP सरकार पर पंजाब में चिट्टा तस्करी को राजनीतिक संरक्षण देने का आरोप लगाया।
शाह ने गुरदासपुर , संगरूर और मानसा में नशे के खिलाफ लड़ने वाले तीन व्यक्तियों — विक्रमजीत सिंह , गुलजार सिंह और परविंदर सिंह झोटा — के परिवारों से मुलाकात की।
गुजरात और महाराष्ट्र के बंदरगाहों पर ₹20,000 करोड़ के नशीले पदार्थ जब्त होने के बावजूद खेपें पंजाब पहुँच रही हैं — शाह का आरोप।
PIT-NDPS कानून के तहत देशभर में पिछले एक वर्ष में 929 मामले दर्ज, लेकिन पंजाब में एक भी गिरफ्तारी नहीं — शाह का दावा।
AAP ने सत्ता में आने पर तीन महीने में नशा खत्म करने का वादा किया था; पाँच साल बाद भी समस्या जारी — शाह का आरोप।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 20 अक्टूबर 2026 को लुधियाना में मीडिया से बातचीत के दौरान पंजाब में नशे के बढ़ते कारोबार को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक संरक्षण के बिना चिट्टा जैसे नशीले पदार्थों की छोटी-छोटी खेपें राज्य के युवाओं तक पहुँचना असंभव है। शाह ने कहा कि नशे के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले लोगों को या तो जान से हाथ धोना पड़ रहा है या आत्महत्या करने पर मजबूर होना पड़ रहा है।

शोकाकुल परिवारों से मुलाकात

गृह मंत्री शाह ने बताया कि उन्होंने मंगलवार को गुरदासपुर, संगरूर और मानसा जिलों का दौरा किया और नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले तीन व्यक्तियों के परिवारों से मुलाकात की। इनमें गुरदासपुर के 40 वर्षीय विक्रमजीत सिंह, संगरूर के गुलजार सिंह और मानसा जिले के परविंदर सिंह झोटा शामिल हैं। शाह के अनुसार इनमें से कुछ की हत्या कर दी गई, जबकि कुछ को आत्महत्या करनी पड़ी।

गृह मंत्री ने कहा, 'मैं पिछले 30 वर्षों से विधानसभा और लोकसभा के लिए निर्वाचित होता रहा हूँ और कई दुखद परिवारों से मिल चुका हूँ, लेकिन इन तीन परिवारों से मिलने के बाद जितना दुख हुआ, उतना पहले कभी नहीं हुआ।' उन्होंने यह भी कहा कि दौरे के दौरान आसपास के इलाकों से ऐसे लोग भी आ गए जो चिट्टा कारोबार से परेशान हैं — और उनकी बातें दिल्ली में मिलने वाली रिपोर्टों से कहीं अधिक चिंताजनक थीं।

राजनीतिक संरक्षण का आरोप

शाह ने सवाल किया कि जब गुजरात और महाराष्ट्र के बंदरगाहों पर ₹20,000 करोड़ के नशीले पदार्थ जब्त किए जा चुके हैं, तो भी ये खेपें छोटे पैकेटों में पंजाब के युवाओं तक कैसे पहुँच रही हैं। उन्होंने दावा किया कि यह बिना राजनीतिक संरक्षण के संभव नहीं। गृह मंत्री ने पुलिसकर्मियों के पास से 10 से 12 किलोग्राम हेरोइन बरामद होने की घटनाओं का भी उल्लेख किया।

शाह ने AAP पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने सत्ता में आने से पहले तीन महीने के भीतर नशे का कारोबार खत्म करने का वादा किया था, लेकिन पाँच साल बीत जाने के बाद भी न केवल यह समस्या बरकरार है, बल्कि बढ़ भी रही है।

PIT-NDPS कानून पर सरकार से सवाल

गृह मंत्री ने नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी को रोकने के लिए बनाए गए PIT-NDPS कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि इस कानून के तहत पिछले एक वर्ष में देशभर में 929 मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि नशे की समस्या के बावजूद पंजाब में इस कानून के तहत एक भी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं किया गया। शाह ने पंजाब सरकार से माँग की कि वह इस मुद्दे पर राज्य की जनता को जवाब दे।

AAP सरकार को सीधी चुनौती

शाह ने कहा, 'आज मैं शोकाकुल परिवारों को सांत्वना देने आया हूँ। मेरा कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं था, लेकिन मेरे खिलाफ अपशब्द कहे गए। मुझे गाली देने से कोई फर्क नहीं पड़ता — लेकिन कम से कम चिट्टे के खतरे को तो खत्म कीजिए।' उन्होंने कहा कि दिल्ली में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बात करने वाले लोग पंजाब में किसी व्यक्ति को इस हद तक परेशान करते हैं कि घर के बाहर काला झंडा लगाने पर भी उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ता है।

गृह मंत्री ने विजयादशमी के अवसर पर पंजाब की धरती से राज्य और देश को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि वह यह विजयादशमी जीवन भर नहीं भूलेंगे। पंजाब में नशे के खिलाफ लड़ाई का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि राज्य सरकार इन गंभीर आरोपों पर क्या कदम उठाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन PIT-NDPS में 'एक भी गिरफ्तारी नहीं' जैसे दावों की स्वतंत्र जाँच ज़रूरी है। गौरतलब है कि BJP खुद पंजाब में विपक्ष की भूमिका में है और ये आरोप बिना राज्य सत्ता की जवाबदेही के नहीं लगाए जा सकते। असली सवाल यह है कि केंद्रीय एजेंसियाँ — NCB, BSF, और सीमा-शुल्क विभाग — जिनका नियंत्रण केंद्र के पास है, सीमापार तस्करी रोकने में कितनी सफल रही हैं।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमित शाह ने पंजाब में AAP सरकार पर क्या आरोप लगाए?
गृह मंत्री अमित शाह ने आरोप लगाया कि राजनीतिक संरक्षण के बिना चिट्टा जैसे नशीले पदार्थ पंजाब के युवाओं तक छोटी-छोटी खेपों में नहीं पहुँच सकते। उन्होंने यह भी कहा कि नशे के खिलाफ आवाज़ उठाने वालों की हत्या हो रही है या उन्हें आत्महत्या करने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
शाह ने किन परिवारों से मुलाकात की और क्यों?
शाह ने 20 अक्टूबर 2026 को गुरदासपुर के विक्रमजीत सिंह (40 वर्ष), संगरूर के गुलजार सिंह और मानसा के परविंदर सिंह झोटा के परिवारों से मुलाकात की। ये तीनों व्यक्ति पंजाब में नशे के खिलाफ संघर्ष कर रहे थे — कुछ की हत्या हुई, कुछ ने आत्महत्या की।
PIT-NDPS कानून क्या है और पंजाब में इसका उपयोग क्यों नहीं हुआ?
PIT-NDPS (Prevention of Illicit Traffic in Narcotic Drugs and Psychotropic Substances) कानून नशीली दवाओं की अवैध तस्करी रोकने और निवारक हिरासत के लिए बना है। शाह के अनुसार देशभर में पिछले एक वर्ष में इस कानून के तहत 929 मामले दर्ज हुए, लेकिन नशे की गंभीर समस्या के बावजूद पंजाब में एक भी गिरफ्तारी नहीं हुई।
AAP ने पंजाब में नशे को लेकर क्या वादा किया था?
AAP ने 2022 में सत्ता में आने से पहले तीन महीने के भीतर पंजाब में नशे का कारोबार समाप्त करने का वादा किया था। शाह का आरोप है कि पाँच साल बाद भी न केवल समस्या बरकरार है, बल्कि बढ़ भी रही है।
गुजरात और महाराष्ट्र के बंदरगाहों पर नशे की ज़ब्ती का पंजाब से क्या संबंध है?
शाह ने बताया कि गुजरात और महाराष्ट्र के बंदरगाहों पर ₹20,000 करोड़ के नशीले पदार्थ जब्त किए जा चुके हैं। इसके बावजूद छोटी खेपें पंजाब तक पहुँच रही हैं, जिसे शाह ने राज्य स्तर पर राजनीतिक संरक्षण का सबूत बताया।
राष्ट्र प्रेस
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