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अमित शाह का पंजाब दौरा: नशा तस्करों का विरोध करने पर मारे गए लोगों के परिजनों से मुलाकात

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अमित शाह का पंजाब दौरा: नशा तस्करों का विरोध करने पर मारे गए लोगों के परिजनों से मुलाकात

सारांश

गृह मंत्री अमित शाह का 20 दिनों में पंजाब का दूसरा दौरा — नशा तस्करों का विरोध करने पर मारे गए विक्रमजीत सिंह, गुलजार सिंह और परविंदर सिंह झोटा के परिजनों से मुलाकात। AAP सरकार पर कथित तस्कर-संरक्षण के गंभीर आरोप, और लुधियाना में विजयादशमी कार्यक्रम में शिरकत।

मुख्य बातें

गृह मंत्री अमित शाह ने 20 अक्टूबर 2026 को पंजाब का दौरा किया और नशा तस्करों का विरोध करने पर मारे गए लोगों के परिवारों से मुलाकात की।
शाह ने गुरदासपुर के विक्रमजीत सिंह , संगरूर के गुलजार सिंह और मानसा के परविंदर सिंह झोटा के परिजनों से अलग-अलग मुलाकात की।
शाह ने AAP सरकार पर आरोप लगाया कि तस्करों को कथित तौर पर सरकारी संरक्षण प्राप्त है।
BJP नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने एक्स पर पोस्ट कर AAP की नशा नीति की आलोचना की और जनता से शाह के मिशन का समर्थन करने की अपील की।
यह 20 दिनों में शाह का पंजाब का दूसरा दौरा है; इससे पहले 30 सितंबर को उन्होंने जालंधर में नशा विरोधी रैली की थी।
शाम 4:30 बजे शाह ने लुधियाना के रामलीला मैदान में विजयादशमी समारोह में भी हिस्सा लिया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को पंजाब का दौरा किया और उन परिवारों से मुलाकात की, जिनके सदस्यों ने कथित तौर पर ड्रग तस्करों के खिलाफ आवाज उठाने के कारण अपनी जान गंवाई। यह दौरा ऐसे समय में हुआ जब पंजाब में नशीले पदार्थों की समस्या को लेकर राजनीतिक तनाव अपने चरम पर है और भारतीय जनता पार्टी (BJP) राज्य की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर लगातार हमलावर रही है।

दौरे का कार्यक्रम

गृह मंत्री अमित शाह ने दोपहर 12:15 बजे गुरदासपुर के ग्राम मारी पनवां में विक्रमजीत सिंह के परिजनों से मुलाकात की। इसके बाद दोपहर 2 बजे उन्होंने संगरूर के ग्राम तूर बंजारा में गुलजार सिंह के परिवार से भेंट की। दोपहर 3 बजे उन्होंने मानसा के वार्ड नं. 21, वाटर वर्क्स रोड पर परविंदर सिंह झोटा के परिजनों से मुलाकात की। शाम 4:30 बजे वे लुधियाना के रामलीला मैदान में विजयादशमी समारोह में शामिल हुए।

शाह ने आप सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

इस दौरे से पहले रविवार को अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि वे उन लोगों के परिवारों से मिलेंगे, 'जिनकी हत्या इसलिए कर दी गई क्योंकि उन्होंने कथित तौर पर आप सरकार के संरक्षण में काम कर रहे ड्रग तस्करों के खिलाफ आवाज उठाई थी।' शाह ने अपने पोस्ट में कहा, 'आप सरकार ने पंजाब को नशे की गर्त में धकेलने में कोई कसर नहीं छोड़ी है, जिसके चलते कई परिवारों को अपने बच्चों को खोना पड़ा है।' उन्होंने यह भी कहा कि नशीले पदार्थों के कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को चुप कराने की कोशिशें कामयाब नहीं होंगी।

BJP नेता बिट्टू की प्रतिक्रिया

भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'पंजाब ड्रग्स की गंभीर समस्या से जूझ रहा है, हमें अपने युवाओं और भविष्य को सुरक्षित करने के लिए निर्णायक कार्रवाई, मजबूत नेतृत्व और दृढ़ संकल्प की आवश्यकता है।' बिट्टू ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर आरोप लगाया कि उसने अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले ही जनता का समर्थन खो दिया है। उन्होंने राज्य की जनता से अपील की कि वे शाह के प्रयासों का समर्थन करें और पंजाब को 'नशा मुक्त' बनाने के मिशन में एकजुट हों।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि यह 20 दिनों में गृह मंत्री का पंजाब का दूसरा दौरा है। इससे पहले 30 सितंबर को उन्होंने जालंधर में एक नशा विरोधी रैली को संबोधित किया था। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में ड्रग्स की समस्या एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुकी है और AAP सरकार लगातार विपक्ष के निशाने पर है। BJP ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार की आलोचना तेज करते हुए केंद्र की ओर से सक्रिय हस्तक्षेप को रेखांकित करने की कोशिश की है। आलोचकों का कहना है कि यह दौरे विशुद्ध रूप से राजनीतिक हैं, जबकि BJP का तर्क है कि यह पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना और जवाबदेही सुनिश्चित करने की पहल है।

आगे की राह

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पंजाब में नशे की समस्या आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले एक केंद्रीय मुद्दा बनने की संभावना है। पीड़ित परिजनों से शाह की मुलाकात और लुधियाना के विजयादशमी समारोह में उपस्थिति को BJP की राज्य में पुनर्स्थापना की व्यापक रणनीति के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। पंजाब में नशे की वास्तविक तबाही से इनकार नहीं, लेकिन यह समस्या दशकों पुरानी है और किसी एक सरकार की देन नहीं — इस संदर्भ को अक्सर राजनीतिक बयानबाजी में नज़रअंदाज़ किया जाता है। असली कसौटी यह होगी कि क्या ये दौरे ठोस केंद्रीय हस्तक्षेप में तब्दील होते हैं, या सिर्फ चुनावी तैयारी बनकर रह जाते हैं।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमित शाह ने पंजाब में किन परिवारों से मुलाकात की?
गृह मंत्री अमित शाह ने 20 अक्टूबर 2026 को तीन परिवारों से मुलाकात की — गुरदासपुर के विक्रमजीत सिंह, संगरूर के गुलजार सिंह और मानसा के परविंदर सिंह झोटा के परिजन। ये वे लोग थे जिनके बारे में कहा जाता है कि उन्होंने ड्रग तस्करों के खिलाफ आवाज उठाने के कारण जान गंवाई।
अमित शाह ने AAP सरकार पर क्या आरोप लगाए?
अमित शाह ने अपने एक्स पोस्ट में आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार के कथित संरक्षण में ड्रग तस्कर फल-फूल रहे हैं और जो लोग इनके खिलाफ बोलते हैं उन्हें जान से मारा जा रहा है। शाह ने यह भी कहा कि नशे की समस्या को दबाने की कोशिशें कामयाब नहीं होंगी।
क्या यह अमित शाह का पंजाब का पहला दौरा था?
नहीं, यह 20 दिनों में उनका पंजाब का दूसरा दौरा था। इससे पहले 30 सितंबर 2026 को वे जालंधर में एक नशा विरोधी रैली को संबोधित करने के लिए राज्य आए थे।
भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने इस मामले पर क्या कहा?
बिट्टू ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि पंजाब ड्रग्स की गंभीर समस्या से जूझ रहा है और इसे हल करने के लिए निर्णायक कार्रवाई की ज़रूरत है। उन्होंने AAP सरकार पर जनसमर्थन खोने का आरोप लगाया और हर पंजाबी से अमित शाह के नशा मुक्त पंजाब के मिशन का समर्थन करने की अपील की।
पंजाब में नशे की समस्या राजनीतिक मुद्दा क्यों बन रही है?
पंजाब में ड्रग्स की समस्या लंबे समय से चली आ रही है और विभिन्न सरकारों के कार्यकाल में यह बनी रही है। फिलहाल BJP AAP सरकार पर नशे के प्रसार को रोकने में विफलता का आरोप लगा रही है, जिसे आने वाले चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है। शाह के लगातार दौरों को इसी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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