परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड: अमित शाह ने CBI जांच का दिया आश्वासन, बुधवार दोपहर तक पहुंचेगी टीम
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को मानसा में नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया। झोटा की हत्या नशे के खिलाफ आवाज उठाने के कारण हुई थी। शाह ने घोषणा की कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की एक टीम बुधवार दोपहर 12 बजे तक झोटा के घर पहुंचकर मामले की जांच शुरू करेगी।
गृह मंत्री का मानसा दौरा और परिवार से मुलाकात
करीब 20 मिनट तक चली इस मुलाकात में अमित शाह ने झोटा के पिता भीम सिंह और अन्य परिजनों से संवेदना जताई। परिवार के सदस्यों के अनुसार, शाह ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे इस मामले की CBI जांच सुनिश्चित करेंगे और केंद्र सरकार पूरी तरह से उनके साथ खड़ी है।
यह मुलाकात गृह मंत्री के पंजाब के एक दिवसीय दौरे का हिस्सा थी। वे अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे और वहाँ से गुरदासपुर, फिर संगरूर और अंततः मानसा पहुंचे।
तीन पीड़ित परिवारों से की मुलाकात
अमित शाह ने इस दौरे में तीन अलग-अलग स्थानों पर नशे की भेंट चढ़े लोगों के परिजनों से मुलाकात की। गुरदासपुर जिले के मारी पन्नू गांव में उन्होंने विक्रमजीत सिंह के परिजनों से करीब 15 मिनट मुलाकात की, जिनकी कथित तौर पर ड्रग माफिया द्वारा हत्या की गई थी। इस मौके पर परिवार ने गृह मंत्री को एक ज्ञापन भी सौंपा।
संगरूर जिले के तूर बंजारा गांव में शाह ने गुलजार सिंह के परिवार से मुलाकात की। बताया जाता है कि 'चिट्टा' तस्करों के खिलाफ आवाज उठाने के कारण गुलजार सिंह को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा था। इन मुलाकातों के दौरान राज्य भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों, पूर्व राज्य अध्यक्ष अश्वनी शर्मा, विजय सांपला और फतेहजंग बाजवा भी उपस्थित रहे।
सोशल मीडिया पर राज्य सरकार की आलोचना
अपनी यात्रा के दौरान अमित शाह ने सोशल मीडिया पर पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि राज्य में नशीले पदार्थों का कारोबार बेकाबू हो गया है। गौरतलब है कि पिछले 20 दिनों में यह उनका पंजाब का दूसरा दौरा है, जो दर्शाता है कि केंद्र इस मुद्दे को लेकर राज्य सरकार पर लगातार दबाव बनाए हुए है।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राज्य इकाई के पूर्व प्रमुख सुनील जाखड़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, 'मेरी बात याद रखिएगा! गृह मंत्री अमित शाह की आज की यह यात्रा पंजाब की राजनीति में एक बड़ा मोड़ साबित होगी। पंजाब को लेकर उनकी चिंता ने पंजाब के लोगों के दिलों में उम्मीद की एक नई किरण जगा दी है।'
AAP सरकार की पलटवार
गृह मंत्री के दौरे से पूर्व ही राज्य की AAP सरकार ने परिवार की मांग मानते हुए घोषणा की थी कि झोटा हत्याकांड की जांच CBI को सौंपी जाएगी। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पंजाब की बार-बार की अपीलों के बावजूद BJP और कांग्रेस शासित राज्यों में चल रही दवा निर्माता कंपनियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
चीमा ने कहा, 'पंजाब में बड़ी मात्रा में आ रहे सिंथेटिक और फार्मास्यूटिकल नशीले पदार्थों के मुख्य स्रोत उन राज्यों में हैं, जहां भाजपा और कांग्रेस की सरकारें हैं। इसके बावजूद, केंद्र सरकार इन पदार्थों को बनाने और सप्लाई करने वालों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई करने में नाकाम रही है।' मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने स्पष्ट किया कि वह नशे के खिलाफ लड़ाई में किसी भी राजनीतिक दबाव के आगे नहीं झुकेगी।
आगे की राह
CBI टीम के बुधवार को झोटा परिवार से मिलने और जांच शुरू करने की उम्मीद है। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में नशे की समस्या और उससे जुड़ी हिंसा केंद्र-राज्य राजनीति का केंद्रबिंदु बन गई है। अब सबकी नज़रें इस बात पर हैं कि CBI की जांच में क्या निष्कर्ष निकलते हैं और क्या इससे पीड़ित परिवारों को वास्तविक न्याय मिल पाता है।