20 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

झोटा हत्याकांड: पंजाब सरकार ने CBI जांच का किया ऐलान, CM भगवंत मान ने X पर दी जानकारी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
झोटा हत्याकांड: पंजाब सरकार ने CBI जांच का किया ऐलान, CM भगवंत मान ने X पर दी जानकारी

सारांश

नशा विरोधी कार्यकर्ता परमिंदर सिंह झोटा की मानसा में हत्या के बाद अब CBI जांच होगी — CM भगवंत मान का ऐलान। यह फैसला अमित शाह के पंजाब दौरे से ठीक पहले आया है और 2027 चुनावों से पहले नशा मुद्दे पर बढ़ते राजनीतिक दबाव का प्रतिबिंब है।

मुख्य बातें

CM भगवंत मान ने 20 अक्टूबर 2026 को ऐलान किया कि परमिंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच CBI को सौंपी जाएगी।
नशा विरोधी कार्यकर्ता झोटा की 13 अक्टूबर को मानसा में गोली मारकर हत्या की गई थी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पंजाब के एक दिवसीय दौरे पर आ रहे हैं और झोटा परिवार सहित तीन पीड़ित परिवारों से मिलेंगे।
झोटा के पिता भीम सिंह ने शाह को घर पर मिलने का निमंत्रण दिया है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार से तीन मामलों पर विस्तृत रिपोर्ट माँगी है।
यह घटना 2027 विधानसभा चुनावों से पहले पंजाब में नशे को बड़े राजनीतिक मुद्दे के रूप में उभार रही है।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 20 अक्टूबर 2026 को ऐलान किया कि नशा विरोधी कार्यकर्ता परमिंदर सिंह झोटा की हत्या की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी जाएगी। यह घोषणा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब के एक दिवसीय दौरे से ठीक पहले की गई, जो राज्य में बढ़ती नशा-संबंधी हिंसा की समीक्षा के लिए आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री का ऐलान और परिवार को समर्थन

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'हम नशीले पदार्थों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे परमिंदर सिंह झोटा के पिता और उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं। परिवार की मांग का सम्मान करते हुए हम यह मामला CBI को सौंप रहे हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि ड्रग तस्करों के खिलाफ लड़ाई पूरे दृढ़ संकल्प के साथ जारी रहेगी।

मान ने स्पष्ट किया, 'ड्रग तस्करों के खिलाफ हमारी लड़ाई निर्णायक है। पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए जो भी कड़े कदम उठाने जरूरी होंगे, हम उनसे पीछे नहीं हटेंगे।'

कौन थे परमिंदर सिंह झोटा

मानसा ज़िले के नशा विरोधी कार्यकर्ता परमिंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वे लंबे समय से नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के विरुद्ध सक्रिय रूप से लड़ रहे थे। उनकी हत्या के बाद राज्य भर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए और न्याय की माँग तेज हो गई। इस घटना ने ड्रग तस्करी के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा को लेकर व्यापक सार्वजनिक बहस छेड़ दी है।

अमित शाह का दौरा और केंद्र की भूमिका

गृह मंत्री अमित शाह पंजाब में ड्रग तस्करी और उससे जुड़ी हिंसा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच राज्य का दौरा कर रहे हैं। वे मानसा में झोटा के परिवार सहित उन तीन लोगों के परिजनों से मुलाकात करेंगे, जिनकी मौतों ने पंजाब की नशा समस्या को राष्ट्रीय सुर्खियों में ला दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय पहले ही पंजाब सरकार से इन तीनों मामलों पर विस्तृत रिपोर्ट माँग चुका है।

झोटा के पिता भीम सिंह ने गृह मंत्री के दौरे का स्वागत किया है और उन्हें घर पर मिलने का निमंत्रण दिया है। उन्होंने अपील की है कि शाह विरोध-स्थल के बजाय परिवार के आवास पर आकर मुलाकात करें।

राजनीतिक पृष्ठभूमि और चुनावी संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले पंजाब में नशीले पदार्थों की समस्या एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुकी है। गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी (AAP) ने 2022 के चुनाव में नशा मुक्त पंजाब का वादा प्रमुख मुद्दा बनाया था। झोटा जैसे कार्यकर्ताओं की हत्या उस वादे की विश्वसनीयता को सीधे चुनौती देती है। CBI जांच का फैसला इसी दबाव की प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।

आगे क्या होगा

CBI जांच शुरू होने के बाद यह मामला राज्य पुलिस के दायरे से बाहर चला जाएगा, जिससे जाँच की निष्पक्षता सुनिश्चित करने की उम्मीद जताई जा रही है। नशा विरोधी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा का सवाल अभी भी अनुत्तरित है, और आलोचकों का कहना है कि जब तक तस्करी नेटवर्क को व्यापक स्तर पर तोड़ा नहीं जाता, ऐसी हत्याओं का सिलसिला थम नहीं सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका समय — अमित शाह के दौरे से ठीक एक दिन पहले — यह सवाल खड़ा करता है कि क्या यह राजनीतिक दबाव-प्रबंधन है या वास्तविक जवाबदेही की पहल। AAP सरकार ने 2022 में नशा मुक्त पंजाब का वादा चुनावी केंद्रबिंदु बनाया था, लेकिन झोटा जैसे कार्यकर्ताओं की हत्या दर्शाती है कि जमीनी हालात अभी भी भयावह हैं। असली परीक्षा यह है कि CBI जांच न केवल हत्यारों तक, बल्कि उस तस्करी नेटवर्क तक पहुँचे जिसने इस हत्या को संभव बनाया — अन्यथा यह महज एक प्रतीकात्मक कदम बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

परमिंदर सिंह झोटा कौन थे और उनकी हत्या कैसे हुई?
परमिंदर सिंह झोटा पंजाब के मानसा जिले के नशा विरोधी कार्यकर्ता थे, जो लंबे समय से नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ सक्रिय थे। 13 अक्टूबर 2026 को उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई, जिसके बाद राज्यभर में विरोध प्रदर्शन भड़क उठे।
झोटा हत्याकांड की जांच CBI को क्यों सौंपी जा रही है?
परिवार की माँग पर CM भगवंत मान ने CBI जांच का ऐलान किया है, ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके। यह फैसला केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे और केंद्रीय गृह मंत्रालय की रिपोर्ट माँग के बाद आया है।
अमित शाह का पंजाब दौरा किस उद्देश्य से हो रहा है?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पंजाब में ड्रग तस्करी और उससे जुड़ी हिंसा की समीक्षा के लिए एक दिवसीय दौरे पर आ रहे हैं। वे मानसा में झोटा परिवार सहित उन तीन परिवारों से मिलेंगे, जिनकी मौतों ने राज्य में नशे की समस्या को राष्ट्रीय बहस का विषय बना दिया है।
पंजाब में नशे की समस्या का राजनीतिक महत्व क्या है?
2027 के विधानसभा चुनावों से पहले नशे का मुद्दा पंजाब में सबसे बड़े राजनीतिक विवादों में से एक बन गया है। AAP सरकार ने 2022 में नशा मुक्त पंजाब का वादा किया था, और झोटा जैसी हत्याएं उस वादे की पूर्ति पर सवाल उठाती हैं।
झोटा के परिवार ने अमित शाह के दौरे पर क्या कहा?
झोटा के पिता भीम सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह के दौरे का स्वागत किया है और उन्हें अपने घर पर मिलने का निमंत्रण दिया है। उन्होंने अपील की है कि शाह विरोध प्रदर्शन स्थल के बजाय परिवार के निवास पर आकर मुलाकात करें।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 दिन पहले
  2. 4 दिन पहले
  3. 4 दिन पहले
  4. 5 दिन पहले
  5. 5 दिन पहले
  6. 6 दिन पहले
  7. 6 दिन पहले
  8. 6 दिन पहले