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सीबीआई ने नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच शुरू की, अमित शाह का वादा पूरा

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सीबीआई ने नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच शुरू की, अमित शाह का वादा पूरा

सारांश

नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में सीबीआई ने मंगलवार रात मानसा में जांच शुरू की — अमित शाह का वादा घंटों में पूरा। भाजपा ने CM भगवंत मान का इस्तीफा माँगा और पंजाब सरकार पर नशे व कानून-व्यवस्था पर विफलता का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

सीबीआई ने मंगलवार रात नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच मानसा से शुरू की।
गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को मानसा में झोटा के परिवार को दिया सीबीआई जांच का आश्वासन उसी रात पूरा हुआ।
पंजाब BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने गुलजार सिंह और बिक्रमजीत सिंह के मामले भी सीबीआई को सौंपने की माँग की।
अमित शाह का लक्ष्य — 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब को नशामुक्त बनाना — दोहराया गया।
भाजपा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की माँग की, AAP सरकार पर शासन विफलता का आरोप लगाया।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार रात मानसा में नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले की जांच अपने हाथ में ले ली। पंजाब भाजपा (BJP) अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने 21 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में पुष्टि की कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने झोटा के परिवार को दिया अपना आश्वासन पूरा किया है। सीबीआई की टीम ने उसी रात मानसा पहुँचकर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया।

मुख्य घटनाक्रम

गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को मानसा में झोटा के परिवार और संघर्ष समिति के साथ बैठक की थी, जिसमें उन्होंने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का वादा किया था। ढिल्लों के अनुसार, वह वादा महज घंटों में पूरा हो गया — केंद्रीय एजेंसी की टीम उसी रात मानसा रवाना हुई और जांच तत्काल शुरू हो गई। आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की गई।

ढिल्लों का बयान और भाजपा की माँगें

ढिल्लों ने सीबीआई की निष्पक्षता पर भरोसा जताते हुए कहा कि एजेंसी जांच शीघ्र पूरी करेगी और दोषियों को कड़ी सजा दिलवाएगी। उन्होंने झोटा के अलावा गुलजार सिंह और बिक्रमजीत सिंह के मामलों को भी सीबीआई को सौंपने की माँग पंजाब सरकार से की, यह तर्क देते हुए कि स्वतंत्र जांच से पीड़ित परिवारों को न्याय मिलेगा।

ढिल्लों ने यह भी माँग की कि मुख्यमंत्री भगवंत मान इस्तीफा दें। उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर शासन, नशाखोरी पर नियंत्रण और कानून-व्यवस्था — तीनों मोर्चों पर विफल रहने का आरोप लगाया।

पंजाब को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य

नशाखोरी के व्यापक संकट पर ढिल्लों ने कहा कि अमित शाह के 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब को नशामुक्त करने के लक्ष्य को हासिल किया जाएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पंजाब में नशे की लत से जुड़ी हिंसा और हत्याएँ राष्ट्रीय चिंता का विषय बनी हुई हैं। गौरतलब है कि परविंदर सिंह झोटा उन कार्यकर्ताओं में शामिल थे जो ज़मीनी स्तर पर नशे के खिलाफ मुहिम चला रहे थे।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह मामला भाजपा और AAP के बीच जारी राजनीतिक टकराव में एक नया मोर्चा बन गया है। भाजपा ने इस हत्याकांड को राज्य सरकार की विफलता का प्रतीक बताया है, जबकि मामले में AAP की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सीबीआई जांच का आदेश केंद्र की ओर से राज्य पुलिस की जगह एक संकेत भी है कि स्थानीय जांच पर भरोसा नहीं किया गया।

क्या होगा आगे

सीबीआई अब मानसा में जांच आगे बढ़ाएगी और आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। झोटा की संघर्ष समिति की माँगों पर भाजपा ने पंजाब सरकार से जवाब देने को कहा है। गुलजार सिंह और बिक्रमजीत सिंह के मामलों में सीबीआई जांच के लिए औपचारिक अनुरोध भी अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह असली परीक्षण नहीं है। असली सवाल यह है कि क्या केंद्रीय एजेंसी उन हत्याओं की जड़ — नशे के नेटवर्क और उनके राजनीतिक संरक्षण — तक पहुँच पाएगी, जो पंजाब में दशकों से फल-फूल रहे हैं। गुलजार सिंह और बिक्रमजीत सिंह के मामलों में सीबीआई जांच की माँग यह भी संकेत देती है कि झोटा का मामला कोई अपवाद नहीं, बल्कि एक पैटर्न है। '31 दिसंबर 2029 तक नशामुक्त पंजाब' का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, पर इसे मापने योग्य मील के पत्थरों के बिना, यह एक और राजनीतिक नारे में बदल सकता है।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

परविंदर सिंह झोटा कौन थे और उनकी हत्या क्यों हुई?
परविंदर सिंह झोटा पंजाब के मानसा जिले में सक्रिय नशा-विरोधी कार्यकर्ता थे, जो ज़मीनी स्तर पर नशे के खिलाफ मुहिम चला रहे थे। उनकी हत्या का मामला अब सीबीआई के पास है; हत्या के कारणों की जांच जारी है।
सीबीआई ने झोटा हत्याकांड की जांच कब शुरू की?
सीबीआई ने मंगलवार रात मानसा पहुँचकर जांच शुरू की और आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। यह कदम गृह मंत्री अमित शाह के उसी दिन दिए गए आश्वासन के कुछ घंटों बाद उठाया गया।
अमित शाह ने झोटा परिवार को क्या आश्वासन दिया था?
गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को मानसा में झोटा के परिवार और संघर्ष समिति के साथ बैठक में मामला सीबीआई को सौंपने का वादा किया था। पंजाब BJP अध्यक्ष ढिल्लों के अनुसार, वह वादा उसी रात पूरा हो गया।
भाजपा ने पंजाब सरकार से और क्या माँगें की हैं?
भाजपा ने पंजाब सरकार से गुलजार सिंह और बिक्रमजीत सिंह के मामले भी सीबीआई को सौंपने की माँग की है। इसके अलावा, BJP अध्यक्ष ढिल्लों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की माँग भी की है।
पंजाब को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य क्या है?
गृह मंत्री अमित शाह ने 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। BJP का कहना है कि इस लक्ष्य को हासिल किया जाएगा, हालांकि इसके लिए ठोस कार्ययोजना का ब्यौरा अभी सामने नहीं आया है।
राष्ट्र प्रेस
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