सीबीआई ने नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच शुरू की, अमित शाह का वादा पूरा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार रात मानसा में नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले की जांच अपने हाथ में ले ली। पंजाब भाजपा (BJP) अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने 21 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में पुष्टि की कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने झोटा के परिवार को दिया अपना आश्वासन पूरा किया है। सीबीआई की टीम ने उसी रात मानसा पहुँचकर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
मुख्य घटनाक्रम
गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को मानसा में झोटा के परिवार और संघर्ष समिति के साथ बैठक की थी, जिसमें उन्होंने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का वादा किया था। ढिल्लों के अनुसार, वह वादा महज घंटों में पूरा हो गया — केंद्रीय एजेंसी की टीम उसी रात मानसा रवाना हुई और जांच तत्काल शुरू हो गई। आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की गई।
ढिल्लों का बयान और भाजपा की माँगें
ढिल्लों ने सीबीआई की निष्पक्षता पर भरोसा जताते हुए कहा कि एजेंसी जांच शीघ्र पूरी करेगी और दोषियों को कड़ी सजा दिलवाएगी। उन्होंने झोटा के अलावा गुलजार सिंह और बिक्रमजीत सिंह के मामलों को भी सीबीआई को सौंपने की माँग पंजाब सरकार से की, यह तर्क देते हुए कि स्वतंत्र जांच से पीड़ित परिवारों को न्याय मिलेगा।
ढिल्लों ने यह भी माँग की कि मुख्यमंत्री भगवंत मान इस्तीफा दें। उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर शासन, नशाखोरी पर नियंत्रण और कानून-व्यवस्था — तीनों मोर्चों पर विफल रहने का आरोप लगाया।
पंजाब को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य
नशाखोरी के व्यापक संकट पर ढिल्लों ने कहा कि अमित शाह के 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब को नशामुक्त करने के लक्ष्य को हासिल किया जाएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पंजाब में नशे की लत से जुड़ी हिंसा और हत्याएँ राष्ट्रीय चिंता का विषय बनी हुई हैं। गौरतलब है कि परविंदर सिंह झोटा उन कार्यकर्ताओं में शामिल थे जो ज़मीनी स्तर पर नशे के खिलाफ मुहिम चला रहे थे।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह मामला भाजपा और AAP के बीच जारी राजनीतिक टकराव में एक नया मोर्चा बन गया है। भाजपा ने इस हत्याकांड को राज्य सरकार की विफलता का प्रतीक बताया है, जबकि मामले में AAP की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सीबीआई जांच का आदेश केंद्र की ओर से राज्य पुलिस की जगह एक संकेत भी है कि स्थानीय जांच पर भरोसा नहीं किया गया।
क्या होगा आगे
सीबीआई अब मानसा में जांच आगे बढ़ाएगी और आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। झोटा की संघर्ष समिति की माँगों पर भाजपा ने पंजाब सरकार से जवाब देने को कहा है। गुलजार सिंह और बिक्रमजीत सिंह के मामलों में सीबीआई जांच के लिए औपचारिक अनुरोध भी अपेक्षित है।