20 अक्टूबर 2026
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अमित शाह ने गुरदासपुर में विक्रमजीत के परिवार से मुलाकात की, CBI जांच और पेंशन का दिया आश्वासन

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अमित शाह ने गुरदासपुर में विक्रमजीत के परिवार से मुलाकात की, CBI जांच और पेंशन का दिया आश्वासन

सारांश

पंजाब के गुरदासपुर में नशे के आदी युवकों के हमले में जान गँवाने वाले विक्रमजीत सिंह के परिवार से गृह मंत्री अमित शाह ने मुलाकात की। परिवार ने CBI जांच, पेंशन और नौकरी की माँग रखी — शाह ने हर माँग पर सहायता का आश्वासन दिया और मामला CBI को सौंपने की बात कही।

मुख्य बातें

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 20 अक्टूबर 2026 को गुरदासपुर में मृतक विक्रमजीत सिंह के परिवार से मुलाकात की।
10 से 15 नशे के आदी युवकों के हमले में विक्रमजीत की मौके पर मौत, दो अन्य गंभीर रूप से घायल।
परिवार ने CBI जांच , मृतक की माँ के लिए पेंशन और भतीजी को सरकारी नौकरी की माँग रखी।
अमित शाह ने मामला CBI को सौंपने और आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया।
BJP नेता अश्वनी कुमार शर्मा भी मुलाकात के दौरान उपस्थित रहे।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 20 अक्टूबर 2026 को पंजाब के गुरदासपुर में नशे के आदी युवकों के हमले में मारे गए विक्रमजीत सिंह के परिवार से मुलाकात की और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया। परिजनों ने इस दौरान मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने, मृतक की माँ के लिए पेंशन और देखभाल करने वाली भतीजी को सरकारी नौकरी दिलाने की माँग रखी, जिस पर शाह ने सहायता का आश्वासन दिया।

घटना का विवरण

परिवार के एक सदस्य के अनुसार, विक्रमजीत सिंह केवल टहलने के लिए घर से निकले थे, जब 10 से 15 नशे के आदी युवकों ने उन पर अचानक हमला कर दिया। हाथापाई में विक्रमजीत को गंभीर चोटें आईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हमले में दो अन्य युवक भी गंभीर रूप से घायल हुए, जिनका अस्पताल में उपचार जारी है।

परिवार ने स्पष्ट किया कि विक्रमजीत और हमलावरों के बीच पहले से कोई दुश्मनी या विवाद नहीं था। यह घटना परिवार के लिए गहरे सदमे का कारण बनी है।

परिवार की माँगें

मृतक की भतीजी सरोज दीपक ने बताया कि परिवार ने गृह मंत्री के सामने तीन प्रमुख माँगें रखीं — मामले की निष्पक्ष CBI जांच, मृतक की माँ के लिए पेंशन, और देखभाल की जिम्मेदारी उठा रही भतीजी को सरकारी नौकरी। सरोज दीपक ने बताया कि उनके चाचा का तलाक हो चुका था और उनकी दादी के पास देखभाल करने वाला कोई अन्य व्यक्ति नहीं था — वे कॉलेज और घर के बीच समय निकालकर दादी से मिलने जाती थीं।

परिजनों ने यह भी माँग की कि पंजाब में नशे के बढ़ते प्रसार पर तत्काल रोक लगाई जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी त्रासदी न झेलनी पड़े।

अमित शाह का आश्वासन

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने परिवार को भरोसा दिलाया कि मामले को CBI को सौंपा जाएगा और केंद्र सरकार पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने आर्थिक सहायता, पेंशन और नौकरी की माँगों पर मदद का आश्वासन दिया। इस मुलाकात के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता अश्वनी कुमार शर्मा भी उपस्थित थे।

भाजपा नेता अश्वनी कुमार शर्मा ने कहा कि शाह ने पीड़ित परिवार के दुख में सहभागिता जताई और परिवार की सुरक्षा एवं भलाई का ध्यान रखने का संकल्प लिया।

पंजाब में नशे की समस्या की पृष्ठभूमि

यह घटना ऐसे समय में आई है जब पंजाब में नशे की समस्या लंबे समय से एक गंभीर सामाजिक और राजनीतिक मुद्दा बनी हुई है। सरोज दीपक ने चिंता जताई कि कम उम्र के बच्चों में नशे की लत तेज़ी से फैल रही है, जिससे परिवार तबाह हो रहे हैं। परिवार ने हमलावरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाने की माँग दोहराई।

आगे क्या होगा

CBI जांच की संभावना के बीच अब नजरें इस पर टिकी हैं कि केंद्र सरकार इस मामले में कितनी तेज़ी से औपचारिक कार्रवाई करती है। परिवार का कहना है कि न्याय मिलना उनकी प्राथमिक माँग है, और आर्थिक सहायता के वादे को कागज़ पर उतारा जाना बाकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

खासकर तब जब पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) और भाजपा के बीच नशे की समस्या पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर लंबे समय से जारी है। CBI जांच का आश्वासन राज्य पुलिस की जांच पर अविश्वास का संकेत देता है, जो राज्य-केंद्र सियासी टकराव को और गहरा कर सकता है। असली सवाल यह है कि मौखिक आश्वासन कब औपचारिक अधिसूचना में बदलेंगे — पेंशन और नौकरी के वादे अभी कागज़ पर नहीं उतरे हैं। पंजाब में नशे से जुड़ी हिंसा की यह कोई पहली घटना नहीं है; बिना ठोस नीतिगत बदलाव के, ऐसी मुलाकातें राहत देती हैं पर समस्या की जड़ पर चोट नहीं करतीं।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विक्रमजीत सिंह की मौत कैसे हुई?
परिवार के अनुसार, विक्रमजीत सिंह टहलने के लिए घर से निकले थे, तभी 10 से 15 नशे के आदी युवकों ने उन पर हमला कर दिया। हाथापाई में गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई और दो अन्य युवक भी घायल हुए।
अमित शाह ने विक्रमजीत के परिवार को क्या आश्वासन दिया?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने परिवार को मामला CBI को सौंपने, आर्थिक सहायता देने, मृतक की माँ के लिए पेंशन और देखभाल करने वाली भतीजी को सरकारी नौकरी दिलाने में मदद का आश्वासन दिया।
परिवार ने CBI जांच की माँग क्यों की?
परिवार को मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की चाहत है और उन्हें राज्य पुलिस की जांच पर पर्याप्त भरोसा नहीं है। मृतक की भतीजी सरोज दीपक ने स्पष्ट किया कि न्याय के लिए CBI जांच ज़रूरी है।
मृतक विक्रमजीत सिंह के परिवार की स्थिति क्या है?
विक्रमजीत का तलाक हो चुका था और उनकी बुज़ुर्ग माँ उनके साथ रहती थीं। भतीजी सरोज दीपक कॉलेज पढ़ाई के साथ-साथ दादी की देखभाल करती थीं। अब परिवार के पास आय का कोई नियमित स्रोत नहीं है।
पंजाब में नशे की समस्या और इस घटना का क्या संबंध है?
परिवार और भाजपा नेताओं ने इस हत्या को पंजाब में नशे के बढ़ते प्रकोप से सीधे जोड़ा है। हमलावर कथित तौर पर नशे में थे और उन्होंने बिना किसी पूर्व-विवाद के अंधाधुंध हमला किया। परिवार ने पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाने की माँग की है।
राष्ट्र प्रेस
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