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हरसिमरत कौर बादल का भगवंत मान पर हमला: ड्रग पीड़ित का शव जबरन उठाने का आरोप, NHRC से मांगा संज्ञान

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हरसिमरत कौर बादल का भगवंत मान पर हमला: ड्रग पीड़ित का शव जबरन उठाने का आरोप, NHRC से मांगा संज्ञान

सारांश

मानसा के भम्मे कलां में ड्रग ओवरडोज़ से युवक की मौत और पुलिस द्वारा शव जबरन उठाने के आरोप के बाद हरसिमरत कौर बादल ने भगवंत मान सरकार पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने NHRC से संज्ञान माँगा और एक दिन में चार शहरों में चार हत्याओं का हवाला देकर पंजाब की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए।

मुख्य बातें

हरसिमरत कौर बादल ने 27 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री भगवंत मान पर नशा और कानून-व्यवस्था दोनों मोर्चों पर विफलता का आरोप लगाया।
मानसा के भम्मे कलां में 35 वर्षीय दलजीत सिंह की कथित तौर पर 'चिट्टा' ओवरडोज़ से मौत; परिवार का आरोप — पुलिस ने शव जबरन उठाया।
परिवार के हवाले से आरोप: AAP सरकार ने ₹1,000-1,500 देकर मामला दबाने की कोशिश की।
हरसिमरत ने NHRC से तत्काल संज्ञान लेने की माँग की।
एक ही दिन में मोगा, अमृतसर, पटियाला और लुधियाना में 4 हत्याओं का हवाला देते हुए राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए।
AAP सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

शिरोमणि अकाली दल (SAD) सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने 27 अक्टूबर 2026 को पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में नशे के विरुद्ध लड़ने वाले परिवारों की आवाज़ें दबाई जा रही हैं। उन्होंने मानसा ज़िले के गाँव भम्मे कलां में कथित तौर पर ड्रग्स की ओवरडोज़ से हुई एक युवक की मौत और पुलिस द्वारा उसके शव को परिवार की सहमति के बिना जबरन उठाए जाने का मामला उठाया।

मानसा मामला: क्या है पूरा घटनाक्रम

मानसा के गाँव भम्मे कलां के 35 वर्षीय दलजीत सिंह की कथित तौर पर 'चिट्टा' (हेरोइन) की ओवरडोज़ से मौत हो गई। हरसिमरत के अनुसार, परिवार ने दलजीत का शव नशा-विरोधी धरना स्थल 'झोटा' पर ले जाने का फैसला किया, लेकिन प्रशासन ने उन्हें रोककर शव जबरन अपने साथ ले लिया।

पीड़ित परिवार के हवाले से हरसिमरत ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'भगवंत मान झूठा है। हमारा बेटा चिट्टा की ओवरडोज़ से मरा है। हमें आपके 1000-1500 नहीं चाहिए। हमें बस अपना बेटा वापस चाहिए। हमें यह भी नहीं पता कि पुलिस शव को कहाँ ले गई है।' हरसिमरत ने इस घटना को 'अविश्वसनीय, अस्वीकार्य, अक्षम्य' बताया।

हरसिमरत के मुख्य आरोप

हरसिमरत कौर बादल ने आरोप लगाया कि AAP सरकार के अधीन पुलिस ड्रग तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई करने के बजाय नशा-विरोधी मुहिम चलाने वाले परिवारों की आवाज़ें दबाने में लगी है। उनका दावा है कि प्रशासन दलजीत की मौत को 'आपसी रंजिश' का मामला बताकर दबाने की कोशिश कर रहा है।

उन्होंने यह भी कहा, 'ड्रग तस्करों और नशा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय पुलिस और आप सरकार नशा-विरोधी मुहिम चलाने वालों और उनके दुखी परिवारों की आवाज़ दबाने में लगी है।'

कानून-व्यवस्था पर सवाल: एक ही दिन में 4 हत्याएँ

हरसिमरत ने पंजाब की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर भी निशाना साधा। उनके अनुसार, केवल एक ही दिन में मोगा, अमृतसर, पटियाला और लुधियाना — चार अलग-अलग शहरों में चार हत्याएँ हुईं। उन्होंने कहा, 'यह कोई इकलौती घटना नहीं है। इस तरह के अपराध अब आम बात हो गए हैं।'

मुख्यमंत्री भगवंत मान को राज्य का गृह मंत्री भी बताते हुए उन्होंने कहा कि वे नशा और कानून-व्यवस्था — दोनों मोर्चों पर पूरी तरह विफल रहे हैं। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में नशा-तस्करी के विरुद्ध राज्य सरकार के दावे लगातार विवादों में रहते हैं।

NHRC से संज्ञान लेने की अपील

हरसिमरत कौर बादल ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) से तत्काल इस मामले का संज्ञान लेने की माँग की है। उनका कहना है कि पीड़ित परिवारों के मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन हो रहा है, वह भी उनके गहरे दुख के समय में।

यह मामला पंजाब में नशे की समस्या और पुलिस के कथित दुर्व्यवहार को लेकर विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच बढ़ते टकराव की ताज़ा कड़ी है। AAP सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह प्रशासनिक दुर्व्यवहार का मामला है, न केवल राजनीतिक विफलता का। NHRC की संभावित जाँच सरकार को रक्षात्मक स्थिति में डाल सकती है।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मानसा के भम्मे कलां में क्या हुआ?
मानसा के गाँव भम्मे कलां में 35 वर्षीय दलजीत सिंह की कथित तौर पर 'चिट्टा' (हेरोइन) की ओवरडोज़ से मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि जब वे शव को नशा-विरोधी धरना स्थल 'झोटा' पर ले जाना चाहते थे, तो पुलिस ने उन्हें रोककर शव जबरन अपने साथ ले लिया।
हरसिमरत कौर बादल ने NHRC से क्यों अपील की?
हरसिमरत कौर बादल ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) से तत्काल संज्ञान लेने की माँग इसलिए की, क्योंकि उनके अनुसार पुलिस ने परिवार की सहमति के बिना शव उठाकर उनके मानवाधिकारों का उल्लंघन किया। उन्होंने इसे एक संस्थागत दुर्व्यवहार बताया जिसमें स्वतंत्र जाँच ज़रूरी है।
भगवंत मान सरकार पर क्या आरोप लगाए गए?
हरसिमरत कौर बादल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर आरोप लगाया कि उनकी सरकार ड्रग तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई करने के बजाय पीड़ित परिवारों की आवाज़ें दबा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि एक ही दिन में चार शहरों में चार हत्याएँ होना राज्य में कानून-व्यवस्था के पूर्ण पतन को दर्शाता है।
AAP सरकार ने इन आरोपों पर क्या कहा?
रिपोर्टों के अनुसार, इन आरोपों पर AAP सरकार या मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पंजाब में नशे की समस्या कितनी गंभीर है?
पंजाब में नशा तस्करी और ड्रग ओवरडोज़ से होने वाली मौतें वर्षों से एक गंभीर सामाजिक संकट बनी हुई हैं। AAP ने 2022 के विधानसभा चुनाव में नशे के सफाए को प्रमुख वादा बनाया था, लेकिन विपक्ष का आरोप है कि ज़मीनी स्तर पर स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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