रविंदर शर्मा बोले: कांग्रेस का संघर्ष मतदान के अधिकार के लिए, व्यापारियों के खिलाफ नहीं
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रविंदर शर्मा ने 27 अक्टूबर 2026 को जम्मू में मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि पार्टी की लड़ाई किसी व्यापारी या वर्ग के विरुद्ध नहीं, बल्कि नागरिकों के मतदान के अधिकार और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के लिए है। उनका यह बयान दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को आयोजित होने वाले कांग्रेस कार्यक्रम से पहले आया, जब व्यापारिक समुदाय ने रैली से कारोबार प्रभावित होने की आशंका जताई थी।
रामलीला मैदान कार्यक्रम और व्यापारियों की चिंता
शर्मा ने कहा कि कांग्रेस पहले दशहरे तक अपना कार्यक्रम स्थगित कर चुकी थी और रामलीला मैदान में अनुमति मिलने के बाद ही तारीख तय की गई। उन्होंने आश्वस्त किया कि पूरा कार्यक्रम मैदान के अंदर होगा और सड़कों पर कोई ऐसा प्रदर्शन नहीं किया जाएगा जिससे व्यापार बाधित हो। शर्मा ने तीखा सवाल उठाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की यात्राओं और पदयात्राओं पर व्यापारियों के नुकसान की चिंता नहीं जताई जाती, तो केवल कांग्रेस के कार्यक्रम को लेकर यह आशंका क्यों? उन्होंने व्यापारियों और अन्य वर्गों से कांग्रेस के मताधिकार अभियान का समर्थन करने की अपील की।
मतदाता सूची विवाद और मुख्य चुनाव आयुक्त
शर्मा ने आरोप लगाया कि देशभर में मतदाता सूचियों से बड़ी संख्या में नाम हटाए जा रहे हैं। उनके अनुसार, कथित तौर पर लगभग 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे गए हैं, जबकि एक मामले में करीब 13 हजार मतदाताओं के नामों में अनियमितता की शिकायत सामने आई है। उन्होंने कहा कि नामों में गड़बड़ी के कारण नागरिकों को मतदान में परेशानी हो सकती है। कांग्रेस संसद में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध महाभियोग प्रस्ताव ला चुकी है, जिस पर चर्चा नहीं होने दिए जाने का आरोप लगाया गया। शर्मा ने बताया कि इस मामले में पार्टी सर्वोच्च न्यायालय भी गई है और याचिका लंबित है।
एआई-जनित फर्जी वीडियो पर सरकार से जवाबदेही की मांग
भारतीय सेना को कथित तौर पर निशाना बनाने वाले एआई-जनित वीडियो के मुद्दे पर शर्मा ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह ऐसी भ्रामक सामग्री का तत्काल खंडन करे। उन्होंने कहा कि आम नागरिक के लिए हर बार यह पहचान पाना संभव नहीं होता कि कौन सा वीडियो वास्तविक है और कौन सा कृत्रिम बुद्धिमत्ता से निर्मित। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी वीडियो का सोशल मीडिया पर प्रसारित होना स्वयं में यह प्रमाण नहीं है कि उसे कांग्रेस ने बनाया। शर्मा ने गलवान में भारतीय जवानों की शहादत और अरुणाचल प्रदेश तथा लद्दाख से जुड़े सुरक्षा मुद्दों का उल्लेख करते हुए चीन की गतिविधियों पर सरकार को सतर्क रहने की नसीहत दी।
जम्मू-कश्मीर: राज्य का दर्जा और कैबिनेट विस्तार
नेशनल कॉन्फ्रेंस में कैबिनेट विस्तार को लेकर असंतोष के सवाल पर शर्मा ने BJP पर जम्मू-कश्मीर की चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 90 सीटों वाली विधानसभा चुनाव के बाद भी राज्य का दर्जा बहाल नहीं किया गया, जबकि केंद्र सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में इसकी प्रतिबद्धता जताई थी। शर्मा ने दावा किया कि चुनाव-पूर्व गठबंधन के आधार पर कांग्रेस को कैबिनेट में शामिल होने का प्रस्ताव मिला था, परंतु पार्टी ने BJP को 'बेनकाब' करने के उद्देश्य से सरकार में न जाने का निर्णय लिया। उनके अनुसार, BJP की रणनीति मंत्रियों की संख्या सीमित रख कर सरकार के भीतर असंतोष पैदा करने की है।
आगे क्या
कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस दोनों की संयुक्त मांग है कि जम्मू-कश्मीर को शीघ्र पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल किया जाए। शर्मा ने कहा कि जनता ने चुनावी जनादेश दे दिया है और अब चुनी हुई सरकार को स्वतंत्र रूप से काम करने का अवसर मिलना चाहिए। 1 नवंबर के रामलीला मैदान कार्यक्रम पर सभी की नज़रें टिकी हैं, जिसे कांग्रेस मतदान के अधिकार की रक्षा का प्रतीकात्मक मंच बताती है।