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रविंदर शर्मा बोले: कांग्रेस का संघर्ष मतदान के अधिकार के लिए, व्यापारियों के खिलाफ नहीं

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रविंदर शर्मा बोले: कांग्रेस का संघर्ष मतदान के अधिकार के लिए, व्यापारियों के खिलाफ नहीं

सारांश

कांग्रेस प्रवक्ता रविंदर शर्मा ने साफ किया — 1 नवंबर की रामलीला मैदान रैली व्यापारियों के खिलाफ नहीं, बल्कि कथित तौर पर 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे जाने के विरोध में है। साथ ही उन्होंने जम्मू-कश्मीर में राज्य का दर्जा न मिलने और एआई फर्जी वीडियो पर सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए।

मुख्य बातें

कांग्रेस प्रवक्ता रविंदर शर्मा ने 27 अक्टूबर 2026 को जम्मू में कहा कि पार्टी का संघर्ष व्यापारियों के नहीं, नागरिकों के मतदान अधिकार की रक्षा के लिए है।
कांग्रेस का 1 नवंबर का कार्यक्रम रामलीला मैदान के अंदर होगा; सड़क पर प्रदर्शन से व्यापार बाधित नहीं होगा।
शर्मा ने कथित तौर पर लगभग 13 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने का आरोप लगाया; मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध महाभियोग प्रस्ताव पर चर्चा रोके जाने का भी दावा।
एआई-जनित फर्जी वीडियो पर सरकार की जिम्मेदारी बताई कि वह तत्काल खंडन करे; गलवान शहादत और चीन की गतिविधियों पर सतर्कता की मांग की।
जम्मू-कश्मीर में 90 सीटों का चुनाव होने के बाद भी राज्य का दर्जा न मिलने पर BJP की आलोचना; कांग्रेस ने दावा किया कि कैबिनेट में जाने का प्रस्ताव ठुकराया।

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रविंदर शर्मा ने 27 अक्टूबर 2026 को जम्मू में मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि पार्टी की लड़ाई किसी व्यापारी या वर्ग के विरुद्ध नहीं, बल्कि नागरिकों के मतदान के अधिकार और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के लिए है। उनका यह बयान दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को आयोजित होने वाले कांग्रेस कार्यक्रम से पहले आया, जब व्यापारिक समुदाय ने रैली से कारोबार प्रभावित होने की आशंका जताई थी।

रामलीला मैदान कार्यक्रम और व्यापारियों की चिंता

शर्मा ने कहा कि कांग्रेस पहले दशहरे तक अपना कार्यक्रम स्थगित कर चुकी थी और रामलीला मैदान में अनुमति मिलने के बाद ही तारीख तय की गई। उन्होंने आश्वस्त किया कि पूरा कार्यक्रम मैदान के अंदर होगा और सड़कों पर कोई ऐसा प्रदर्शन नहीं किया जाएगा जिससे व्यापार बाधित हो। शर्मा ने तीखा सवाल उठाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की यात्राओं और पदयात्राओं पर व्यापारियों के नुकसान की चिंता नहीं जताई जाती, तो केवल कांग्रेस के कार्यक्रम को लेकर यह आशंका क्यों? उन्होंने व्यापारियों और अन्य वर्गों से कांग्रेस के मताधिकार अभियान का समर्थन करने की अपील की।

मतदाता सूची विवाद और मुख्य चुनाव आयुक्त

शर्मा ने आरोप लगाया कि देशभर में मतदाता सूचियों से बड़ी संख्या में नाम हटाए जा रहे हैं। उनके अनुसार, कथित तौर पर लगभग 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे गए हैं, जबकि एक मामले में करीब 13 हजार मतदाताओं के नामों में अनियमितता की शिकायत सामने आई है। उन्होंने कहा कि नामों में गड़बड़ी के कारण नागरिकों को मतदान में परेशानी हो सकती है। कांग्रेस संसद में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध महाभियोग प्रस्ताव ला चुकी है, जिस पर चर्चा नहीं होने दिए जाने का आरोप लगाया गया। शर्मा ने बताया कि इस मामले में पार्टी सर्वोच्च न्यायालय भी गई है और याचिका लंबित है।

एआई-जनित फर्जी वीडियो पर सरकार से जवाबदेही की मांग

भारतीय सेना को कथित तौर पर निशाना बनाने वाले एआई-जनित वीडियो के मुद्दे पर शर्मा ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह ऐसी भ्रामक सामग्री का तत्काल खंडन करे। उन्होंने कहा कि आम नागरिक के लिए हर बार यह पहचान पाना संभव नहीं होता कि कौन सा वीडियो वास्तविक है और कौन सा कृत्रिम बुद्धिमत्ता से निर्मित। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी वीडियो का सोशल मीडिया पर प्रसारित होना स्वयं में यह प्रमाण नहीं है कि उसे कांग्रेस ने बनाया। शर्मा ने गलवान में भारतीय जवानों की शहादत और अरुणाचल प्रदेश तथा लद्दाख से जुड़े सुरक्षा मुद्दों का उल्लेख करते हुए चीन की गतिविधियों पर सरकार को सतर्क रहने की नसीहत दी।

जम्मू-कश्मीर: राज्य का दर्जा और कैबिनेट विस्तार

नेशनल कॉन्फ्रेंस में कैबिनेट विस्तार को लेकर असंतोष के सवाल पर शर्मा ने BJP पर जम्मू-कश्मीर की चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 90 सीटों वाली विधानसभा चुनाव के बाद भी राज्य का दर्जा बहाल नहीं किया गया, जबकि केंद्र सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में इसकी प्रतिबद्धता जताई थी। शर्मा ने दावा किया कि चुनाव-पूर्व गठबंधन के आधार पर कांग्रेस को कैबिनेट में शामिल होने का प्रस्ताव मिला था, परंतु पार्टी ने BJP को 'बेनकाब' करने के उद्देश्य से सरकार में न जाने का निर्णय लिया। उनके अनुसार, BJP की रणनीति मंत्रियों की संख्या सीमित रख कर सरकार के भीतर असंतोष पैदा करने की है।

आगे क्या

कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस दोनों की संयुक्त मांग है कि जम्मू-कश्मीर को शीघ्र पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल किया जाए। शर्मा ने कहा कि जनता ने चुनावी जनादेश दे दिया है और अब चुनी हुई सरकार को स्वतंत्र रूप से काम करने का अवसर मिलना चाहिए। 1 नवंबर के रामलीला मैदान कार्यक्रम पर सभी की नज़रें टिकी हैं, जिसे कांग्रेस मतदान के अधिकार की रक्षा का प्रतीकात्मक मंच बताती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इस दावे की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है। जम्मू-कश्मीर में राज्य के दर्जे का मुद्दा वास्तविक और न्यायालय में भी लंबित है, लेकिन कांग्रेस का कैबिनेट-प्रस्ताव ठुकराने का दावा बिना किसी दस्तावेजी पुष्टि के है। एआई फर्जी वीडियो पर सरकार की जवाबदेही की मांग जायज है, किंतु यह भी राजनीतिक बयानबाजी के साथ इस तरह गड्डमड्ड हो गई है कि असली नीतिगत बहस पीछे रह जाती है। समग्र रूप से देखें तो यह प्रेस कॉन्फ्रेंस एक बहु-मुद्दा राजनीतिक आक्रामकता है, जिसमें तथ्यात्मक दावों और आरोपों के बीच की रेखा धुंधली है।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांग्रेस का 1 नवंबर को रामलीला मैदान में क्या कार्यक्रम है?
कांग्रेस 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली आयोजित कर रही है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं के विरुद्ध आवाज उठाना है। पार्टी के अनुसार पूरा कार्यक्रम मैदान के अंदर होगा और सड़कों पर कोई प्रदर्शन नहीं किया जाएगा।
कांग्रेस ने मतदाता सूची से 13 करोड़ नाम हटाए जाने का आरोप किस आधार पर लगाया?
कांग्रेस प्रवक्ता रविंदर शर्मा ने कहा कि कथित तौर पर लगभग 13 करोड़ मतदाताओं के नाम सूचियों से काटे गए हैं और एक मामले में करीब 13 हजार मतदाताओं के नामों में अनियमितता की शिकायत दर्ज है। इस मुद्दे पर कांग्रेस सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर चुकी है, जो अभी लंबित है।
जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा कब मिलेगा?
केंद्र सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा जल्द बहाल करने की प्रतिबद्धता जताई थी, लेकिन विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद भी यह वादा अब तक पूरा नहीं हुआ है। कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस दोनों इस मांग पर एकजुट हैं।
भारतीय सेना को निशाना बनाने वाले एआई वीडियो पर कांग्रेस का क्या कहना है?
कांग्रेस प्रवक्ता शर्मा ने स्पष्ट किया कि किसी वीडियो का सोशल मीडिया पर वायरल होना यह साबित नहीं करता कि वह कांग्रेस निर्मित है। उन्होंने सरकार से माँग की कि ऐसे कथित फर्जी एआई वीडियो का तत्काल सार्वजनिक खंडन किया जाए, क्योंकि आम नागरिक के लिए असली और एआई-जनित सामग्री में अंतर करना संभव नहीं है।
कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर की कैबिनेट में शामिल होने से क्यों मना किया?
रविंदर शर्मा के दावे के अनुसार, चुनाव-पूर्व गठबंधन के कारण कांग्रेस को कैबिनेट में शामिल होने का प्रस्ताव मिला था, परंतु पार्टी ने BJP की नीतियों को 'बेनकाब' करने के उद्देश्य से सरकार में न जाने का फैसला किया। कांग्रेस फिलहाल बाहर से सरकार को समर्थन दे रही है।
राष्ट्र प्रेस
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