यूपी एमएलसी चुनाव: मेरठ की दोनों सीटें भाजपा ने जीतीं, श्रीचंद शर्मा 13,241 और दिनेश गोयल 12,855 वोटों से आगे
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की 27 अक्टूबर 2026 को हुई मतगणना में मेरठ की दोनों सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जीत दर्ज की है। मेरठ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से श्रीचंद शर्मा और मेरठ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से दिनेश गोयल ने समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रत्याशियों को निर्णायक अंतर से पराजित कर इन सीटों पर लगातार दूसरी बार पार्टी का कब्जा कायम रखा। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इन नतीजों को प्रदेश में सियासी शक्ति-परीक्षण की दृष्टि से अहम माना जा रहा है।
मेरठ की दोनों सीटों पर नतीजे
मेरठ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के श्रीचंद शर्मा ने सपा प्रत्याशी नितिन तोमर को 13,241 मतों के अंतर से हराया। शर्मा को 18,099 वोट मिले, जबकि तोमर को 4,858 वोट प्राप्त हुए। मेरठ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के दिनेश गोयल ने सपा प्रत्याशी प्रमेंद्र भाटी को 12,855 मतों के अंतर से पराजित किया। गोयल को 24,928 वोट मिले और भाटी को 12,073 मत हासिल हुए। दोनों सीटों पर शिक्षक संगठनों से जुड़े प्रत्याशी प्रमुख मुकाबले में जगह नहीं बना सके।
प्रशासन की ओर से घोषणा और जश्न
प्रशासन की ओर से जीत की औपचारिक घोषणा देर रात की गई, जबकि भाजपा के समर्थक शाम करीब सात बजे से ही जश्न मनाने लगे थे। भाजपा ने मेरठ की दोनों सीटों पर अपने मौजूदा विधान परिषद सदस्यों को ही मैदान में उतारा था, जो विश्वास की रणनीति के तौर पर सही साबित हुई।
मतगणना के दौरान हंगामे की घटनाएँ
लखनऊ के रमाबाई आंबेडकर रैली स्थल पर मंगलवार रात करीब 10 बजे उस समय हंगामा हो गया जब भाजपा प्रत्याशी के कुछ समर्थकों ने मतगणना परिसर में प्रवेश करने की कोशिश की। सपा समर्थकों ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी बिना पास की जाँच किए भाजपा कार्यकर्ताओं को अंदर जाने दे रहे हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सातवीं टेबल पर भी दोनों दलों के समर्थकों के बीच हल्की नोकझोंक हुई।
सूचना मिलने पर पुलिस के अन्य अधिकारी मौके पर पहुँचे और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद प्रवेश द्वार पर पास की जाँच का सख्त पालन कराया गया। इसी तरह इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना के दौरान भी रात करीब 10 बजे अफरातफरी की स्थिति बनी। एसपी सिटी प्रिया सिंह मौके पर पहुँचीं और उन्होंने स्थिति संभाली। उन्होंने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और मतगणना शांतिपूर्वक जारी है, हंगामे की वजह का पता लगाया जा रहा है।
अन्य निर्वाचन क्षेत्रों की स्थिति
प्रदेश की 11 विधान परिषद सीटों — पाँच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों — के लिए मतगणना मंगलवार सुबह आठ बजे से शुरू हुई। यह गणना प्रदेश के सात जिलों में कराई गई, जिनमें लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, इलाहाबाद-झांसी, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पहले दौर की मतगणना पूरी होने के बाद सपा प्रत्याशी लाल बिहारी यादव आगे चल रहे थे।
राजनीतिक महत्व
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ जोर-शोर से चल रही हैं और यह एमएलसी चुनाव दोनों प्रमुख दलों — भाजपा और सपा — के लिए जनाधार आँकने का अवसर था। मेरठ जैसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अहम क्षेत्र में भाजपा की दोहरी जीत पार्टी के लिए राजनीतिक मनोबल बढ़ाने वाली है। शेष सीटों के नतीजे आने के बाद ही प्रदेश का समग्र राजनीतिक चित्र स्पष्ट होगा।