कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप 2026: भारत ने तंजानिया को 48-20 से रौंदा, सेमीफाइनल में एंट्री
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने 27 अक्टूबर 2026 को अहमदाबाद के वीर सावरकर स्टेडियम में तंजानिया को 48-20 के एकतरफा अंतर से परास्त कर कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप 2026 के सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। यह टूर्नामेंट के इतिहास में भारत की पहली कॉमनवेल्थ कबड्डी सेमीफाइनल उपस्थिति है, और पूरे मैच में भारतीय टीम ने दमदार ऑलराउंड प्रदर्शन किया।
मुख्य घटनाक्रम
भारतीय टीम ने मैच में 30 रेड प्वाइंट्स और 10 टैकल प्वाइंट्स हासिल किए। सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि भारत ने तंजानिया को छह बार 'ऑल-आउट' किया, जबकि तंजानिया एक बार भी भारत को 'ऑल-आउट' करने में कामयाब नहीं हो सकी। तंजानिया की टीम पूरे मुकाबले में केवल 15 रेड प्वाइंट्स और 5 टैकल प्वाइंट्स ही जुटा सकी।
स्टार प्रदर्शन: नीरज नरवाल की रेडिंग की बादशाहत
भारत की रेडिंग की कमान नीरज नरवाल ने संभाली। उन्होंने 16 रेड में 12 प्वाइंट्स अर्जित किए, जिनमें 6 बोनस प्वाइंट्स शामिल थे। नवीन कुमार और शिवम पटारे ने भी अपना दम दिखाया — दोनों ने 11-11 रेड में 9-9 रेड प्वाइंट्स लेकर टीम की जीत में बराबर का योगदान दिया।
डिफेंस में शुभम शिंदे सर्वश्रेष्ठ रहे और उन्होंने 5 टैकल प्वाइंट्स अपने नाम किए। दीपक ने 3 टैकल प्वाइंट्स जोड़े, जबकि प्रवेश मलिक ने 2 टैकल प्वाइंट्स हासिल किए। यह संयुक्त रक्षा प्रयास ही भारत की विशाल जीत का असली आधार रहा।
तंजानिया का प्रदर्शन
तंजानिया के लिए जुमा सुल्तानिया सबसे प्रभावी खिलाड़ी साबित हुए। उन्होंने 20 रेड में 13 प्वाइंट्स बनाए, जिसमें 9 बोनस प्वाइंट्स शामिल थे। हालाँकि, भारतीय टीम के सामूहिक वर्चस्व के सामने तंजानिया का एकल प्रयास पर्याप्त नहीं रहा।
आगे का कार्यक्रम
ग्रुप स्टेज में भारत का अगला मुकाबला 29 अक्टूबर को रात 8:30 बजे श्रीलंका के विरुद्ध होगा। सेमीफाइनल मुकाबला 30 अक्टूबर को रात 8:30 बजे निर्धारित है।
अन्य मैचों का हाल
टूर्नामेंट के अन्य मुकाबलों में मलेशिया ने पुरुष और महिला दोनों वर्गों में जीत दर्ज की। पुरुष वर्ग में बांग्लादेश ने सिंगापुर को 60-28 से हराया, जबकि कनाडा ने भी अपने मैच में जीत दर्ज की। महिला वर्ग में केन्या ने स्कॉटलैंड को 61-16 से रौंदकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पहले ही पक्की कर ली है। मलेशिया महिला टीम ने सिंगापुर को 62-17 से हराकर अंतिम चार में पहुँचने की अपनी दावेदारी बनाए रखी है।
गौरतलब है कि यह टूर्नामेंट कबड्डी को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भारत, जो इस खेल का जन्मदाता है, के लिए इस पहली कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप में खिताब जीतना राष्ट्रीय प्रतिष्ठा का सवाल भी है। टीम का खिताबी सफर अब निर्णायक मोड़ पर है।