एशियन गेम्स 2026: भारतीय महिला कबड्डी टीम ने जापान को 50-25 से रौंदा, ग्रुप-ए में अजेय रहकर सेमीफाइनल में
सारांश
मुख्य बातें
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने 24 सितंबर को आइची में जापान को 50-25 से करारी शिकस्त देकर ग्रुप-ए के सभी तीन मुकाबले जीत लिए और सेमीफाइनल में प्रवेश किया। गत चैंपियन भारत ने यह जीत हाफ-टाइम में ही 32-13 की बड़ी बढ़त के साथ व्यावहारिक रूप से सुनिश्चित कर ली थी।
मुख्य घटनाक्रम
कप्तान पुष्पा राणा की अगुवाई में भारतीय महिला टीम ने पहले हाफ में 23 आउट पॉइंट्स और 5 बोनस पॉइंट्स के साथ जापान को दो बार 'ऑल आउट' कर 19 पॉइंट्स की बढ़त बना ली। दूसरे हाफ में जापान की यूरी ने स्कोरिंग की शुरुआत की और मेजबान टीम ने कुल 12 पॉइंट्स — जिसमें 8 आउट, 2 बोनस पॉइंट्स और 1 सुपर टैकल शामिल थे — जोड़े। हालांकि, भारत ने तत्काल जवाब देते हुए 14 आउट, 2 बोनस पॉइंट्स और एक 'ऑल आउट' से 18 पॉइंट्स जोड़े।
भारत के तीसरे 'ऑल आउट' ने बढ़त को निर्णायक बना दिया। जापान ने अपनी आखिरी रेड में एक बोनस पॉइंट जरूर हासिल किया, लेकिन डिफेंडिंग चैंपियन की जीत अंततः 50-25 से पक्की हुई।
ग्रुप-ए में भारत का अभियान
भारत ने इस टूर्नामेंट में अपनी शुरुआत बांग्लादेश पर 42-21 की जीत के साथ की थी, जिसके बाद ईरान को 37-23 से हराया गया। जापान पर 50-25 की जीत के साथ टीम ने ग्रुप-ए में तीनों मैच जीतकर सेमीफाइनल की राह बेरोक-टोक तय की। गौरतलब है कि भारत ने यह जीत अजेय रहते हुए हासिल की, जो उनके रक्षात्मक और आक्रामक दोनों पहलुओं की बेहतरीन परीक्षा थी।
पुरुष टीम का प्रदर्शन
महिला टीम से पहले इसी दिन भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने भी ग्रुप-ए के अपने अंतिम मैच में चीनी ताइपे को 37-21 से हराकर अपना अजेय रिकॉर्ड बरकरार रखा। इस जीत में भारत ने 3 बोनस पॉइंट्स और 6 ऑल-आउट पॉइंट्स हासिल किए, जबकि चीनी ताइपे के खाते में 9 बोनस पॉइंट्स और 2 सुपर टैकल रहे। पुरुष टीम ने बुधवार को बांग्लादेश को हराकर पहले ही सेमीफाइनल में जगह और मेडल सुनिश्चित कर लिया था।
आगे क्या होगा
भारतीय पुरुष टीम 25 सितंबर को अपना सेमीफाइनल मुकाबला खेलेगी। महिला टीम का सेमीफाइनल भी आइची में निर्धारित है। यदि दोनों टीमें अपने-अपने सेमीफाइनल जीत लेती हैं, तो एशियन गेम्स कबड्डी में भारत का स्वर्ण पदक का सिलसिला जारी रह सकता है। एशियन गेम्स में भारतीय कबड्डी टीमों का ऐतिहासिक प्रदर्शन अत्यंत मजबूत रहा है और इस बार की शुरुआत उसी परंपरा के अनुरूप है।