19 अक्टूबर 2026
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हरसिमरत कौर बादल का भगवंत मान पर हमला: फ्रांस दौरे पर उठाए सवाल, बोलीं — पंजाब संकट में, CM विदेश में

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हरसिमरत कौर बादल का भगवंत मान पर हमला: फ्रांस दौरे पर उठाए सवाल, बोलीं — पंजाब संकट में, CM विदेश में

सारांश

झोटा हत्याकांड पर पंजाब में विरोध-प्रदर्शनों के बीच CM भगवंत मान फ्रांस में हैं — और अकाली दल सांसद हरसिमरत कौर बादल ने इसे 'प्राथमिकताओं का खुलासा' करार दिया। केंद्र ने मंजूरी से इनकार किया था, पर हाईकोर्ट ने अनुमति दी।

मुख्य बातें

हरसिमरत कौर बादल ने 19 अक्टूबर 2026 को एक्स पर पोस्ट कर CM भगवंत मान के फ्रांस दौरे की आलोचना की।
नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या को लेकर पंजाब में विरोध-प्रदर्शन जारी हैं।
विदेश मंत्रालय ने सुरक्षा खतरों और औपचारिक निमंत्रण न होने का हवाला देते हुए राजनीतिक मंजूरी से इनकार कर दिया था।
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने फिर भी CM को फ्रांस जाने की अनुमति दी।
यात्रा का उद्देश्य SIAL पेरिस 2026 (17–21 अक्टूबर) में पंजाब के कृषि और खाद्य-प्रसंस्करण उत्पादों का प्रचार था।
प्रतिनिधिमंडल में CM के साथ मुख्य सचिव के.ए.पी.
सिन्हा और प्रधान सचिव रवि भगत शामिल थे।

शिरोमणि अकाली दल (SAD) की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के फ्रांस दौरे पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जब नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या को लेकर पूरे पंजाब में विरोध-प्रदर्शनों का दौर जारी है, ऐसे संवेदनशील समय में मुख्यमंत्री ने राज्य और यहाँ के लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया है।

एक्स पर क्या कहा हरसिमरत कौर बादल ने

सांसद हरसिमरत कौर बादल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'इस नाजुक समय में फ्रांस जाकर पंजाब के मुख्यमंत्री और 'गुरु-द्रोही' भगवंत मान ने अपनी प्राथमिकताएँ दिखा दी हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के पास न तो पीड़ित परिवार से मिलने का समय था, न उन्हें कोई भरोसा देने का, और न ही दोषी पुलिस अधिकारियों को निलंबित करने का।

बादल ने यह भी कहा कि भगवंत मान अपनी विदेश यात्राओं के लिए जनता के पैसे का दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया — हालाँकि बिना साक्ष्य के — कि 'हो सकता है वह पिछले 4.5 वर्षों में भ्रष्टाचार से कमाए गए धन को ठिकाने लगाने गए हों।' यह आरोप विपक्ष की ओर से लगाया गया है और सरकार की ओर से अभी तक इसका कोई आधिकारिक खंडन नहीं आया है।

हाईकोर्ट की अनुमति, केंद्र का विरोध

पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को केंद्र सरकार की राजनीतिक मंजूरी के बिना ही मुख्यमंत्री भगवंत मान को फ्रांस जाने की अनुमति दे दी। केंद्र सरकार ने सुरक्षा खतरों और फ्रांसीसी सरकार की ओर से कोई औपचारिक निमंत्रण न होने का हवाला देते हुए यह मंजूरी देने से इनकार किया था। इसके बाद पंजाब सरकार अदालत पहुँची थी।

गौरतलब है कि विदेश मंत्रालय ने 15 से 21 अक्टूबर 2026 तक की प्रस्तावित यात्रा के लिए राजनीतिक मंजूरी देने से इनकार कर दिया था। इस प्रतिनिधिमंडल में मुख्यमंत्री के अलावा मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा और प्रधान सचिव रवि भगत भी शामिल थे।

यात्रा का उद्देश्य क्या था

राज्य सरकार के अनुसार, यह दौरा SIAL पेरिस 2026 — एक अंतरराष्ट्रीय खाद्य उद्योग प्रदर्शनी — में भागीदारी के लिए था, जो 17 से 21 अक्टूबर तक पेरिस नॉर्ड विलेपिंटे में आयोजित हो रही है। पंजाब सरकार ने इसे कृषि और खाद्य-प्रसंस्करण उत्पादों के अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रचार और व्यापार के नए अवसरों की तलाश के रूप में पेश किया।

यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में परविंदर सिंह झोटा की कथित हत्या को लेकर सड़कों पर आक्रोश है। आलोचकों का कहना है कि मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति और संवेदनशील हो गई है।

बार-बार का पैटर्न — विपक्ष का आरोप

हरसिमरत कौर बादल ने यह भी कहा कि यह कोई पहली बार नहीं है। उन्होंने पिछले साल पंजाब में आई बाढ़ का हवाला देते हुए कहा कि हर बार जब पंजाब संकट में होता है, मुख्यमंत्री विदेश यात्रा पर निकल जाते हैं। यह आरोप आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के लिए राजनीतिक रूप से असहज करने वाला है, क्योंकि पार्टी खुद को 'जनता का' शासन बताती रही है।

आगे क्या

मुख्यमंत्री भगवंत मान के 21 अक्टूबर 2026 तक वापस लौटने की उम्मीद है। राज्य में परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जाँच और दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की माँग जारी है। विपक्षी दलों ने विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को उठाने की चेतावनी दी है। देखना यह होगा कि लौटने के बाद मुख्यमंत्री इस राजनीतिक दबाव से कैसे निपटते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरसिमरत कौर बादल ने भगवंत मान के फ्रांस दौरे पर क्या आरोप लगाए?
हरसिमरत कौर बादल ने आरोप लगाया कि झोटा हत्याकांड पर पंजाब में विरोध-प्रदर्शन जारी रहने के बावजूद CM भगवंत मान फ्रांस चले गए और न तो पीड़ित परिवार से मिले, न दोषी पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया। उन्होंने इसे मुख्यमंत्री की 'गलत प्राथमिकताओं' का प्रमाण बताया।
भगवंत मान को फ्रांस जाने की अनुमति कैसे मिली जबकि केंद्र ने मंजूरी से इनकार कर दिया था?
केंद्र सरकार ने सुरक्षा खतरों और फ्रांसीसी सरकार के औपचारिक निमंत्रण के अभाव का हवाला देते हुए राजनीतिक मंजूरी देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद पंजाब सरकार पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय पहुँची, जिसने शुक्रवार को CM को फ्रांस जाने की अनुमति दे दी।
भगवंत मान के फ्रांस दौरे का मकसद क्या था?
यह दौरा SIAL पेरिस 2026 — अंतरराष्ट्रीय खाद्य उद्योग प्रदर्शनी (17–21 अक्टूबर, पेरिस नॉर्ड विलेपिंटे) — में भागीदारी के लिए था। पंजाब सरकार का उद्देश्य राज्य के कृषि और खाद्य-प्रसंस्करण उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में बढ़ावा देना और नए व्यापार अवसर तलाशना था।
परविंदर सिंह झोटा कौन थे और उनकी हत्या से पंजाब में क्यों हंगामा मचा है?
परविंदर सिंह झोटा एक नशा-विरोधी कार्यकर्ता थे, जिनकी हत्या को लेकर पंजाब में व्यापक विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अभी तक पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई है, जो इस आक्रोश की बड़ी वजह बनी हुई है।
क्या भगवंत मान पहले भी पंजाब संकट के दौरान विदेश में रहे हैं?
हरसिमरत कौर बादल के अनुसार, पिछले साल पंजाब में बाढ़ आने के दौरान भी CM भगवंत मान विदेश में थे। उन्होंने इसे एक 'पैटर्न' बताया, हालाँकि सरकार की तरफ से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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