हरसिमरत कौर बादल का भगवंत मान पर हमला: फ्रांस दौरे पर उठाए सवाल, बोलीं — पंजाब संकट में, CM विदेश में
सारांश
मुख्य बातें
शिरोमणि अकाली दल (SAD) की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के फ्रांस दौरे पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जब नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या को लेकर पूरे पंजाब में विरोध-प्रदर्शनों का दौर जारी है, ऐसे संवेदनशील समय में मुख्यमंत्री ने राज्य और यहाँ के लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया है।
एक्स पर क्या कहा हरसिमरत कौर बादल ने
सांसद हरसिमरत कौर बादल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'इस नाजुक समय में फ्रांस जाकर पंजाब के मुख्यमंत्री और 'गुरु-द्रोही' भगवंत मान ने अपनी प्राथमिकताएँ दिखा दी हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के पास न तो पीड़ित परिवार से मिलने का समय था, न उन्हें कोई भरोसा देने का, और न ही दोषी पुलिस अधिकारियों को निलंबित करने का।
बादल ने यह भी कहा कि भगवंत मान अपनी विदेश यात्राओं के लिए जनता के पैसे का दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया — हालाँकि बिना साक्ष्य के — कि 'हो सकता है वह पिछले 4.5 वर्षों में भ्रष्टाचार से कमाए गए धन को ठिकाने लगाने गए हों।' यह आरोप विपक्ष की ओर से लगाया गया है और सरकार की ओर से अभी तक इसका कोई आधिकारिक खंडन नहीं आया है।
हाईकोर्ट की अनुमति, केंद्र का विरोध
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को केंद्र सरकार की राजनीतिक मंजूरी के बिना ही मुख्यमंत्री भगवंत मान को फ्रांस जाने की अनुमति दे दी। केंद्र सरकार ने सुरक्षा खतरों और फ्रांसीसी सरकार की ओर से कोई औपचारिक निमंत्रण न होने का हवाला देते हुए यह मंजूरी देने से इनकार किया था। इसके बाद पंजाब सरकार अदालत पहुँची थी।
गौरतलब है कि विदेश मंत्रालय ने 15 से 21 अक्टूबर 2026 तक की प्रस्तावित यात्रा के लिए राजनीतिक मंजूरी देने से इनकार कर दिया था। इस प्रतिनिधिमंडल में मुख्यमंत्री के अलावा मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा और प्रधान सचिव रवि भगत भी शामिल थे।
यात्रा का उद्देश्य क्या था
राज्य सरकार के अनुसार, यह दौरा SIAL पेरिस 2026 — एक अंतरराष्ट्रीय खाद्य उद्योग प्रदर्शनी — में भागीदारी के लिए था, जो 17 से 21 अक्टूबर तक पेरिस नॉर्ड विलेपिंटे में आयोजित हो रही है। पंजाब सरकार ने इसे कृषि और खाद्य-प्रसंस्करण उत्पादों के अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रचार और व्यापार के नए अवसरों की तलाश के रूप में पेश किया।
यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में परविंदर सिंह झोटा की कथित हत्या को लेकर सड़कों पर आक्रोश है। आलोचकों का कहना है कि मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति और संवेदनशील हो गई है।
बार-बार का पैटर्न — विपक्ष का आरोप
हरसिमरत कौर बादल ने यह भी कहा कि यह कोई पहली बार नहीं है। उन्होंने पिछले साल पंजाब में आई बाढ़ का हवाला देते हुए कहा कि हर बार जब पंजाब संकट में होता है, मुख्यमंत्री विदेश यात्रा पर निकल जाते हैं। यह आरोप आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के लिए राजनीतिक रूप से असहज करने वाला है, क्योंकि पार्टी खुद को 'जनता का' शासन बताती रही है।
आगे क्या
मुख्यमंत्री भगवंत मान के 21 अक्टूबर 2026 तक वापस लौटने की उम्मीद है। राज्य में परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जाँच और दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की माँग जारी है। विपक्षी दलों ने विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को उठाने की चेतावनी दी है। देखना यह होगा कि लौटने के बाद मुख्यमंत्री इस राजनीतिक दबाव से कैसे निपटते हैं।