मजीठिया का भगवंत मान पर हमला: पंजाब में संकट, CM पेरिस में जन्मदिन मना रहे
सारांश
मुख्य बातें
शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने 17 अक्टूबर 2024 को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की फ्रांस यात्रा पर तीखा प्रहार किया। मजीठिया ने आरोप लगाया कि 16 अक्टूबर को फिल्लौर में आयोजित पुलिस बैठक के दौरान मान कथित तौर पर नशे की अवस्था में थे, और अब परविंदर झोटा मामले को लेकर राज्य में व्याप्त अशांति के बीच वे पेरिस में अपना जन्मदिन मना रहे हैं।
मजीठिया के आरोप: क्या कहा शिअद नेता ने
बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा, 'उनका जन्मदिन है। मैंने आज 'एन इवनिंग इन पेरिस' को लेकर पोस्ट भी किया था, जो एक मशहूर हिंदी गाना है, रंग-रंगीलियां मनाने गए हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि 16 अक्टूबर को फिल्लौर में बुलाई गई पुलिस बैठक में मुख्यमंत्री के बोलने के अंदाज़ से स्पष्ट था कि वे नशे की हालत में थे। मजीठिया ने व्यंग्य करते हुए कहा कि 'नशे के विरुद्ध मीटिंग करना और खुद नशे में होना — यह आखिर हो क्या रहा है?'
परविंदर झोटा मामला और अमरदीप ग्रेवाल का ज़िक्र
शिअद नेता ने परविंदर झोटा मामले को लेकर पंजाब में बढ़ती अशांति का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे संवेदनशील समय में मुख्यमंत्री का विदेश में रहना गंभीर सवाल खड़े करता है। मजीठिया ने अमरदीप ग्रेवाल का भी उल्लेख किया, जिन्हें उन्होंने मुख्यमंत्री की पत्नी का भाई और 'प्रभावी रूप से मुख्यमंत्री के साढू' बताया। उनके अनुसार, ग्रेवाल मुख्यमंत्री के हर पारिवारिक और निजी कार्यक्रम में शामिल होते रहे हैं और उन पर अत्यंत गंभीर आरोप हैं।
गंभीर आरोप: ₹5 करोड़ और अमेरिका भेजने का दावा
मजीठिया ने दावा किया कि एक पीड़ित लड़की के साथ दुर्व्यवहार के मामले में आरोपी से कथित तौर पर ₹5 करोड़ लेकर उसे अमेरिका भिजवा दिया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस न तो उस व्यक्ति को पकड़ रही है और न ही उसे ढूँढने की कोशिश कर रही है। उनके अनुसार, इस मामले में ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग पहले ही सार्वजनिक की जा चुकी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ित लड़की की ओर से कोर्ट में बयान दर्ज हो चुके हैं, और यह समझ से परे है कि आरोपी जेल से छूटने के दो महीने के भीतर अमेरिका कैसे पहुँच गया।
ईडी मामला और मुख्यमंत्री की चुप्पी पर सवाल
मजीठिया ने यह भी कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जिस मामले में कार्रवाई की है, वह अलग है — लेकिन झोटा-ग्रेवाल प्रकरण उससे कहीं अधिक गंभीर है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान इस पूरे मामले में चुप रहे हैं, जो स्वयं में एक बड़ा सवाल है। गौरतलब है कि पंजाब में नशे के मुद्दे पर सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) पहले से ही विपक्ष के निशाने पर रही है।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की स्थिति
यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में कानून-व्यवस्था और नशे की समस्या को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है। मजीठिया ने कहा, 'पंजाब की धरती ऐसे लोगों को कभी माफ नहीं करती।' भगवंत मान सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में यह मामला पंजाब की राजनीति में और गरमाने की संभावना है।