24 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

परमिंदर झोटा मृत्यु मामला: अकाली दल ने CM भगवंत मान से माँगा इस्तीफा, पंजाब में कानून-व्यवस्था पर सवाल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
परमिंदर झोटा मृत्यु मामला: अकाली दल ने CM भगवंत मान से माँगा इस्तीफा, पंजाब में कानून-व्यवस्था पर सवाल

सारांश

नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परमिंदर झोटा की कथित संदिग्ध मृत्यु अब पंजाब में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गई है। अकाली दल ने CM भगवंत मान से इस्तीफे की माँग करते हुए 2027 चुनाव की तैयारियाँ शुरू कर दी हैं — घोषणापत्र निर्माण से लेकर गठबंधन विकल्पों तक।

मुख्य बातें

अकाली दल प्रवक्ता अर्शदीप सिंह कलेर ने 24 अक्टूबर 2026 को CM भगवंत मान से नैतिक आधार पर इस्तीफे की माँग की।
नशा विरोधी कार्यकर्ता परमिंदर झोटा ने 2023 में आवाज उठाई थी; बाद में उन पर कथित तौर पर कई मुकदमे दर्ज हुए।
कलेर ने AAP पर एसआईआर (SIR) मुद्दे पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया।
घोषणापत्र समिति के अध्यक्ष बलविंदर सिंह भूंदड़ की अगुवाई में 2027 चुनाव के लिए तैयारियाँ जारी हैं।
2027 में गठबंधन का अंतिम फैसला सुखबीर सिंह बादल और कोर कमेटी करेगी।

शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने 24 अक्टूबर 2026 को नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता परमिंदर झोटा की कथित संदिग्ध मृत्यु और उनके परिवार पर कथित दबाव के मद्देनज़र मुख्यमंत्री भगवंत मान से नैतिक आधार पर इस्तीफे की माँग की। पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता अर्शदीप सिंह कलेर ने चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह मामला पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था का प्रमाण है।

परमिंदर झोटा मामला — मुख्य आरोप

कलेर ने आरोप लगाया कि परमिंदर झोटा ने 2023 में एक व्यक्ति के खिलाफ नशे के कारोबार को लेकर आवाज उठाई थी, जिसके बाद उन पर कई मुकदमे दर्ज किए गए। उनके अनुसार, परमिंदर के पिता ने सार्वजनिक रूप से यह बयान दिया है कि उनके परिवार पर कथित तौर पर दबाव डाला जा रहा था।

कलेर ने सवाल उठाया कि जब आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार नशे के खिलाफ अभियान चलाने का दावा करती है, तब नशे के विरुद्ध आवाज उठाने वाले व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित क्यों नहीं हो सकी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नशे के कारोबार से जुड़े लोगों को कथित तौर पर संरक्षण मिल रहा है।

कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल

अकाली दल प्रवक्ता ने कहा कि सरकार के दावों और ज़मीनी हकीकत के बीच गहरा अंतर है। उन्होंने कहा कि अदालत की टिप्पणियाँ भी इस मामले में गंभीर प्रश्न खड़े करती हैं। कलेर ने कई अन्य मामलों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि नशे की समस्या उठाने वाले लोगों के साथ कथित तौर पर पुलिस दुर्व्यवहार हुआ है। गौरतलब है कि ये सभी आरोप विपक्ष की ओर से हैं और सरकार का आधिकारिक पक्ष अलग हो सकता है।

एसआईआर विवाद पर AAP को घेरा

विशेष पहचान रजिस्टर (एसआईआर) के मुद्दे पर कलेर ने आम आदमी पार्टी पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया। उनके अनुसार, एसआईआर से संबंधित बैठकों में AAP के प्रतिनिधि शामिल थे और उस समय किसी आपत्ति का उल्लेख नहीं किया गया था। कलेर ने पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की भूमिका की सराहना करते हुए दावा किया कि एसआईआर प्रक्रिया पारदर्शी रही। उन्होंने आरोप लगाया कि परमिंदर झोटा की मृत्यु से जुड़े सवालों से ध्यान भटकाने के लिए एसआईआर का मुद्दा उछाला जा रहा है।

घोषणापत्र और 2027 चुनाव की रणनीति

इसी बीच अकाली दल ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों को भी तेज कर दिया है। घोषणापत्र समिति के अध्यक्ष वरिष्ठ नेता बलविंदर सिंह भूंदड़ के नेतृत्व में वकीलों, सरकारी कर्मचारियों और विभिन्न वर्गों के लोगों से बातचीत जारी है।

कलेर ने बताया कि सरकारी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (DA) भुगतान एक बड़ा मुद्दा है और कर्मचारियों को अपनी माँगों के लिए धरने देने पड़ रहे हैं। पंजाब में उद्योगों के राज्य से बाहर जाने की चिंता को भी घोषणापत्र में जगह दी जाएगी।

गठबंधन के सवाल पर कलेर ने स्पष्ट किया कि चुनाव अकेले लड़ना है या किसी के साथ, यह निर्णय पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और कोर कमेटी की चर्चा के आधार पर होगा। उन्होंने कहा कि सीटों के बंटवारे पर अभी चर्चा करना समय से पहले होगा।

परमिंदर झोटा मामले में न्यायिक जाँच की माँग और 2027 चुनाव की रणनीति — दोनों मोर्चों पर अकाली दल के अगले कदम पर सभी की नज़र बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मृतक के पिता का सार्वजनिक बयान इस मामले को सिर्फ राजनीतिक नहीं रहने देता। एसआईआर विवाद को परमिंदर झोटा मामले से जोड़ने की कोशिश दोनों मुद्दों को एक-दूसरे में उलझाने का जोखिम भी उठाती है। असली जवाबदेही तब होगी जब इस मामले की न्यायिक जाँच पारदर्शी तरीके से हो और परिणाम सार्वजनिक किए जाएँ।
RashtraPress
24 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

परमिंदर झोटा कौन थे और उनकी मृत्यु का मामला क्या है?
परमिंदर झोटा पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक कार्यकर्ता थे। अकाली दल के आरोपों के अनुसार, उन्होंने 2023 में नशे के कारोबार के खिलाफ बोला था जिसके बाद उन पर कथित तौर पर कई मुकदमे दर्ज किए गए; उनकी मृत्यु की परिस्थितियाँ विवाद का विषय हैं।
अकाली दल ने CM भगवंत मान से इस्तीफा क्यों माँगा?
अकाली दल का आरोप है कि परमिंदर झोटा की मृत्यु और उनके परिवार पर कथित दबाव पंजाब में कानून-व्यवस्था की विफलता दर्शाते हैं। पार्टी का कहना है कि नशे के खिलाफ अभियान के सरकारी दावे और ज़मीनी हकीकत में गहरा अंतर है, इसलिए मुख्यमंत्री को नैतिक आधार पर पद छोड़ना चाहिए।
अकाली दल ने AAP पर एसआईआर को लेकर क्या आरोप लगाए?
अकाली दल प्रवक्ता कलेर का आरोप है कि AAP के प्रतिनिधि एसआईआर संबंधी बैठकों में शामिल थे और उस समय कोई आपत्ति नहीं जताई गई। उनके अनुसार, अब विधानसभा में प्रस्ताव लाना महज राजनीतिक प्रदर्शन है और परमिंदर झोटा मामले से ध्यान भटकाने की कोशिश है।
2027 पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए अकाली दल की तैयारी क्या है?
अकाली दल ने घोषणापत्र समिति के अध्यक्ष बलविंदर सिंह भूंदड़ के नेतृत्व में वकीलों, सरकारी कर्मचारियों और विभिन्न वर्गों से बातचीत शुरू कर दी है। गठबंधन या अकेले चुनाव लड़ने का अंतिम निर्णय पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और कोर कमेटी करेगी।
सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते पर अकाली दल का क्या रुख है?
कलेर ने कहा कि महंगाई भत्ते (DA) का भुगतान एक बड़ा मुद्दा है और कर्मचारियों को अपनी माँगों के लिए धरने देने पड़ रहे हैं। अकाली दल का घोषणापत्र इस मुद्दे को प्रमुखता से शामिल करेगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 2 दिन पहले
  3. 4 दिन पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 1 सप्ताह पहले
  8. 1 सप्ताह पहले