परमिंदर सिंह झोटा हत्याकांड: प्रवेश वर्मा बोले — भगवंत मान तुरंत इस्तीफा दें
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने 13 अक्टूबर 2026 को पंजाब के मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परमिंदर सिंह झोटा की कथित हत्या को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखा हमला बोला। वर्मा ने माँग की कि यदि भगवंत मान में थोड़ी भी नैतिक जिम्मेदारी बची है, तो उन्हें आज ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। यह घटना पंजाब में नशे के खिलाफ लड़ने वाले कार्यकर्ताओं की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है।
मंत्री प्रवेश वर्मा का आरोप
प्रवेश वर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि मानसा में ड्रग्स के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले परमिंदर सिंह झोटा की माफिया ने हत्या कर दी। उन्होंने कहा कि पूरे देश ने इस घटना से जुड़ा वीडियो देखा है और भगवंत मान तथा अरविंद केजरीवाल ने भी इसे अवश्य देखा होगा।
वर्मा ने कहा, 'अगर थोड़ी भी शर्म बची है तो भगवंत मान को आज ही इस्तीफा दे देना चाहिए।' उन्होंने केजरीवाल को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि दिल्ली में 'जेन-जी' और युवा राजनीति की बात करने वाले नेताओं को पंजाब जाकर वहाँ के युवाओं के लिए नशे के खिलाफ लड़ना चाहिए।
पीड़ित के पिता के आरोप
प्रवेश वर्मा ने दावा किया कि परमिंदर सिंह झोटा के पिता ने भी इस मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, पिता का कहना है कि मानसा के स्थानीय विधायक, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल इस हत्या के लिए जिम्मेदार हैं। हालाँकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
वर्मा ने कहा, 'भगवान इन्हें इंसाफ देगा ही, लेकिन उससे पहले पंजाब की जनता भी इंसाफ करेगी।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब पंजाब में कानून-व्यवस्था और नशा विरोधी अभियान की प्रभावशीलता पर बहस तेज़ हो गई है।
परमिंदर सिंह झोटा की हत्या का मामला
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, परमिंदर सिंह झोटा पंजाब के मानसा जिले में नशा विरोधी टास्क फोर्स से जुड़े हुए थे और कथित ड्रग तस्करी तथा नशीले पदार्थों की बिक्री के खिलाफ सक्रिय रूप से अभियान चला रहे थे। कथित तौर पर एक मेडिकल स्टोर संचालक ने नशा विरोधी गतिविधियों को लेकर हुए विवाद के बाद उन पर गोली चलाई, जिससे उनकी मौत हो गई। यह घटना पंजाब में नशे के खिलाफ काम करने वालों की असुरक्षा को उजागर करती है।
विपक्ष की एकजुट प्रतिक्रिया
इस मामले पर भारतीय जनता पार्टी (BJP), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और शिरोमणि अकाली दल सहित कई विपक्षी दलों ने भगवंत मान सरकार की आलोचना की। BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने इसे कानून-व्यवस्था की बड़ी विफलता करार देते हुए कहा कि जब नशे के खिलाफ लड़ने वाले ही सुरक्षित नहीं, तो पंजाब में कोई भी सुरक्षित नहीं है।
कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी घटना की कड़ी निंदा करते हुए राज्य सरकार से जवाब माँगा है। गौरतलब है कि पंजाब में ड्रग्स का मुद्दा सालों से राजनीतिक बहस का केंद्र रहा है और यह हत्या उस बहस को एक बार फिर सुर्खियों में ले आई है।
आगे की स्थिति
फिलहाल भगवंत मान सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की जाँच जारी है और पुलिस कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि राज्य सरकार इस राजनीतिक दबाव का सामना कैसे करती है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए क्या कदम उठाती है।