17 अक्टूबर 2026
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सिरसा का पंजाब सरकार पर निशाना: नशा विरोधी कार्यकर्ताओं की हत्या पर गृह मंत्रालय के नोटिस का स्वागत

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सिरसा का पंजाब सरकार पर निशाना: नशा विरोधी कार्यकर्ताओं की हत्या पर गृह मंत्रालय के नोटिस का स्वागत

सारांश

दिल्ली मंत्री सिरसा का बड़ा आरोप — पंजाब देश का अकेला राज्य है जहाँ नशा तस्करों की नहीं, उनके विरोधियों की हत्या हो रही है। कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद परिवार ने अंतिम संस्कार तक रोका; गृह मंत्रालय ने डीजीपी से जवाब माँगा।

मुख्य बातें

दिल्ली मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने 17 अक्टूबर 2026 को पंजाब सरकार पर नशा विरोधी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पंजाब के डीजीपी से कार्यकर्ताओं की हत्या के मामले में जवाब तलब किया।
प्रमुख नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद उनके परिवार ने अंतिम संस्कार नहीं होने दिया; परिवार ने डीजीपी और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की माँग की।
सिरसा ने कहा कि पंजाब देश का इकलौता ऐसा राज्य है जहाँ नशा तस्करों की बजाय नशा विरोधी कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई हो रही है।
दिल्ली-एनसीआर प्रदूषण पर 'इनोवेशन चैलेंज' बैठक में श्मशान उत्सर्जन को 95% से अधिक घटाने और 'हाइपर-सेंसर' तकनीक अपनाने पर चर्चा हुई।

दिल्ली के कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने 17 अक्टूबर 2026 को पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में नशे के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले कार्यकर्ताओं को व्यवस्थित रूप से निशाना बनाया जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा पंजाब के डीजीपी से जवाब तलब किए जाने के बाद सिरसा ने कहा कि यह नोटिस देश के एकमात्र ऐसे राज्य की स्थिति को उजागर करता है जहाँ नशा-तस्करों की जगह नशा विरोधी कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई हो रही है।

गृह मंत्रालय के नोटिस पर सिरसा की प्रतिक्रिया

मंत्री सिरसा ने कहा, 'गृह मंत्रालय का यह नोटिस बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि पंजाब देश का इकलौता ऐसा राज्य है जहाँ नशे की समस्या को रोकने की कोशिश करने वालों की हत्या की जा रही है।' उन्होंने आरोप लगाया कि नशा विरोधी कार्यकर्ताओं की हत्याएँ की जा रही हैं, उन्हें जेल भेजा जा रहा है, उन पर एफआईआर दर्ज की जा रही है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

सिरसा ने यह भी कहा कि अन्य राज्यों में जहाँ नशीले पदार्थों की समस्या है, वहाँ नशा तस्करों या ड्रग माफिया के खिलाफ कार्रवाई होती है — लेकिन नशा विरोधी कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई पहली बार पंजाब में देखी जा रही है।

कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या का मामला

इस संदर्भ में सिरसा ने प्रमुख नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या का विशेष उल्लेख किया। उनके अनुसार, झोटा के परिवार ने अब तक अंतिम संस्कार नहीं होने दिया है, क्योंकि उनका मानना है कि इसमें सरकार का प्रत्यक्ष हाथ है। सिरसा ने कहा कि परिवार की माँग है कि पंजाब के डीजीपी और मुख्यमंत्री इस्तीफा दें।

यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में नशे की समस्या राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील मुद्दा बनी हुई है और कथित तौर पर सत्तारूढ़ सरकार पर नशा माफिया से सांठगांठ के आरोप लगते रहे हैं।

दिल्ली में वायु प्रदूषण से निपटने की पहल

सिरसा ने यह भी बताया कि शनिवार को दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण से जुड़े एक 'इनोवेशन चैलेंज' को लेकर संबंधित विशेषज्ञों और अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। इसमें श्मशान घाटों पर होने वाले प्रदूषण को शून्य तक लाने अथवा उत्सर्जन को 95 प्रतिशत से अधिक कम करने के उपायों पर विचार किया गया।

उन्होंने बताया कि इस बैठक में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ भी चर्चा हुई और 'हाइपर-सेंसर' तकनीक के ज़रिए स्थानीय स्तर पर प्रदूषण के स्रोतों की सटीक पहचान करने के सस्ते और व्यावहारिक विकल्पों पर भी बात की गई। गौरतलब है कि सरकारी प्रणालियों के साथ-साथ अब किफ़ायती सेंसर भी उपलब्ध हैं, जो हाइपर-लोकल प्रदूषण डेटा देने में सक्षम हैं।

क्या होगा आगे

केंद्रीय गृह मंत्रालय के नोटिस के बाद पंजाब सरकार से जवाब की प्रतीक्षा है। झोटा हत्याकांड में परिवार की माँगें और राजनीतिक दबाव को देखते हुए मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है। दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए इनोवेशन चैलेंज से आए सुझावों पर नीतिगत कदम उठाए जाने की उम्मीद भी जताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनका केंद्र एक गंभीर तथ्यात्मक सवाल है — क्या पंजाब में राज्य तंत्र नशा माफिया के खिलाफ लड़ने वालों को दबा रहा है? झोटा हत्याकांड में परिवार का अंतिम संस्कार रोकना और सीधे सरकार पर उंगली उठाना इसे महज़ राजनीतिक बयानबाजी से अलग करता है। गृह मंत्रालय का हस्तक्षेप संकेत देता है कि केंद्र इसे गंभीरता से ले रहा है — लेकिन यह भी ध्यान देने योग्य है कि यह नोटिस ऐसे समय में आया है जब भाजपा और आप के बीच दिल्ली और पंजाब दोनों में राजनीतिक तनाव चरम पर है। असली जाँच यह होगी कि क्या गृह मंत्रालय की कार्रवाई नतीजों तक पहुँचती है, या यह सियासी दबाव में दबकर रह जाती है।
RashtraPress
17 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनजिंदर सिंह सिरसा ने पंजाब सरकार पर क्या आरोप लगाए?
दिल्ली मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आरोप लगाया कि पंजाब देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहाँ नशे के खिलाफ लड़ने वाले कार्यकर्ताओं की हत्या की जा रही है, उन पर एफआईआर दर्ज की जा रही है और उन्हें जेल भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में नशा तस्करों पर कार्रवाई होती है, पंजाब में उल्टा हो रहा है।
परविंदर सिंह झोटा कौन थे और उनके मामले में क्या हुआ?
परविंदर सिंह झोटा पंजाब में नशे के खिलाफ सक्रिय एक प्रमुख कार्यकर्ता थे, जिनकी हत्या कर दी गई। उनके परिवार ने सरकार पर सीधा हाथ होने का आरोप लगाते हुए अब तक अंतिम संस्कार नहीं होने दिया है और पंजाब के डीजीपी व मुख्यमंत्री के इस्तीफे की माँग की है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पंजाब पर क्या कार्रवाई की?
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पंजाब में नशा विरोधी कार्यकर्ताओं की हत्याओं के मामले में पंजाब के डीजीपी से जवाब माँगा है। मंत्री सिरसा ने इस नोटिस को बेहद अहम बताया और कहा कि यह राज्य में हो रही गंभीर स्थिति को राष्ट्रीय स्तर पर रेखांकित करता है।
दिल्ली-एनसीआर प्रदूषण पर इनोवेशन चैलेंज बैठक में क्या हुआ?
सिरसा के अनुसार इस बैठक में श्मशान घाटों के उत्सर्जन को 95 प्रतिशत से अधिक कम करने और 'हाइपर-सेंसर' तकनीक के ज़रिए स्थानीय स्तर पर प्रदूषण स्रोतों की पहचान करने पर चर्चा हुई। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ भी इस विषय पर विचार-विमर्श किया गया।
पंजाब में नशा विरोधी कार्यकर्ताओं का मुद्दा इतना संवेदनशील क्यों है?
पंजाब लंबे समय से देश में नशे की सबसे गंभीर समस्या से जूझता रहा है और यह मुद्दा वहाँ राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील रहा है। कार्यकर्ताओं के खिलाफ कथित सरकारी कार्रवाई और हत्याओं ने इसे और उग्र बना दिया है, जिससे गृह मंत्रालय को हस्तक्षेप करना पड़ा।
राष्ट्र प्रेस
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