हरसिमरत कौर बादल का AAP सरकार पर हमला: सुनाम में विरोध करने वाले युवक को पुलिस ने हिरासत में लेकर पीटा
सारांश
मुख्य बातें
शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने 3 सितंबर को पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं — कि राज्य में असहमति की आवाज़ों को व्यवस्थित रूप से दबाया जा रहा है। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर सीधा निशाना साधा।
मुख्य घटनाक्रम: सुनाम के शेरो गांव की वारदात
हरसिमरत के अनुसार, यह घटना सुनाम के शेरो गांव की है, जहाँ मुख्यमंत्री की एक सरकारी 'मिलनी' कार्यक्रम आयोजित था। कथित तौर पर इसी दौरान एक स्थानीय युवक ने छत पर चढ़कर AAP सरकार के खिलाफ खुलकर विरोध जताया। वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ ही मिनटों के भीतर पुलिसकर्मी छत पर पहुँचे और युवक को हिरासत में ले लिया। हरसिमरत का आरोप है कि युवक के साथ बेरहमी से मारपीट भी की गई।
हरसिमरत ने एक्स पर क्या लिखा
हरसिमरत कौर बादल ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, 'आम आदमी पार्टी के राज में पंजाबियों की आवाज इस तरह दबाई जा रही है। इस वीडियो को ध्यान से देखिए। यह है तरीका जिससे भगवंत मान और उनके 'मास्टर' अरविंद केजरीवाल पंजाबियों को चुप करा रहे हैं।' उन्होंने आगे कहा कि चार साल की सत्ता ने सरकार को 'तानाशाही' रवैये की ओर धकेल दिया है।
उन्होंने यह भी जोड़ा, 'आज आम आदमी पार्टी के राज में कोई भी पंजाबी जो अपनी आवाज उठाता है या जवाबदेही मांगता है, उसे दबा दिया जाता है। पंजाब सब कुछ ध्यान से देख रहा है। और पंजाब इन सभी अन्यायों का बदला लेगा।' पोस्ट के साथ उन्होंने 'पंजाब विरोधी आप' हैशटैग का भी उपयोग किया।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब शिरोमणि अकाली दल और AAP के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है। गौरतलब है कि 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में AAP ने ऐतिहासिक बहुमत हासिल किया था, जिसमें अकाली दल को करारी हार का सामना करना पड़ा था। तब से विपक्ष लगातार भगवंत मान सरकार पर प्रशासनिक विफलताओं और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश के आरोप लगाता रहा है।
हरसिमरत कौर बादल बठिंडा से लोकसभा सांसद हैं और शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता सुखबीर सिंह बादल की पत्नी हैं। वे पंजाब की राजनीति में एक प्रमुख विपक्षी चेहरा मानी जाती हैं।
AAP सरकार की प्रतिक्रिया
इस मामले में पंजाब सरकार या मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पुलिस की कार्रवाई और युवक की वर्तमान स्थिति के बारे में भी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
आगे क्या
यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैल रहा है और विपक्षी दलों ने इसे AAP सरकार के खिलाफ प्रचार का हथियार बनाया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की घटनाएँ आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले पंजाब की राजनीतिक जमीन को प्रभावित कर सकती हैं।