3 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या सुखबीर सिंह बादल ने लैंड पूलिंग पॉलिसी की वापसी पर किसानों और कार्यकर्ताओं को सलाम किया?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या सुखबीर सिंह बादल ने लैंड पूलिंग पॉलिसी की वापसी पर किसानों और कार्यकर्ताओं को सलाम किया?

सारांश

पंजाब की भगवंत मान सरकार ने लैंड पूलिंग पॉलिसी को वापस ले लिया है, जिससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सुखबीर सिंह बादल ने किसानों और कार्यकर्ताओं की प्रशंसा की, जिन्होंने इस नीति के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष किया। क्या यह पंजाब की राजनीति में एक नया मोड़ है?

मुख्य बातें

लैंड पूलिंग पॉलिसी की वापसी ने राजनीतिक हलचल बढ़ाई है।
सुखबीर सिंह बादल ने किसानों की एकजुटता की तारीफ की।
भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा।
पंजाब में जनता की आवाज़ को महत्व दिया गया है।
आम आदमी पार्टी को इसका असर भुगतना पड़ा है।

चंडीगढ़, ११ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब की भगवंत मान सरकार ने सोमवार को लैंड पूलिंग पॉलिसी को वापस लेने का निर्णय लिया। इस महत्वपूर्ण जानकारी को पंजाब सरकार के हाउसिंग और अर्बन डेवलपमेंट विभाग ने प्रेस नोट के माध्यम से साझा किया। इस पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल ने आम आदमी पार्टी (आप) का घेराव किया।

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि मैं उन बहादुर अकाली कार्यकर्ताओं, किसानों, श्रमिकों और दुकानदारों को सलाम करता हूं, जिन्होंने एकजुट होकर अरविंद केजरीवाल को लैंड पूलिंग पॉलिसी को वापस लेने पर मजबूर किया। यह नीति दरअसल जमीन हड़पने का एक प्रयास था, जिसके तहत आम आदमी पार्टी देशभर में अपनी पार्टी का विस्तार करने के लिए दिल्ली के बिल्डरों से ₹३०,००० करोड़ जुटाना चाहती थी।

उन्होंने आगे कहा कि मैं पंजाबियों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि जिस तरह हमने लाखों लोगों की भागीदारी वाले जमीनी आंदोलन का नेतृत्व करके आम आदमी पार्टी को लैंड पूलिंग पॉलिसी वापस लेने पर मजबूर किया, उसी तरह हम भ्रष्ट और घोटालेबाज 'आप' सरकार को पंजाब को दिवालिया बनाने, बाहरी लोगों को नौकरियां देने, कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने और गैंगस्टरों को बढ़ावा देने के लिए जिम्मेदार ठहराएंगे। मैं पंजाबियों से अपील करता हूं कि वे शिरोमणि अकाली दल के नेतृत्व में एकजुट होकर पंजाब को फिर से पटरी पर लाएं और हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर भविष्य सुनिश्चित करें।

पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा कि जब सरकार जनता को भूल जाती है, तो लोग उन्हें याद दिलाते हैं कि असली ताकत कहां है। यह पंजाब और पंजाबियों की जीत है, लैंड पूलिंग पॉलिसी के खिलाफ लोगों की लड़ाई की जीत है। पंजाब कभी भी आपकी लोक विरोधी नीतियों के आगे नहीं झुकेगा। जिस तरह लोगों के विरोध के बावजूद अकाली दल ने तीनों काले कानूनों का समर्थन किया था, उसी तरह आम आदमी पार्टी ने पंजाब में लैंड पूलिंग पॉलिसी में किया, लेकिन अंत में उन्हें पीछे हटना पड़ा।

उन्होंने यह भी कहा कि पंजाबियों ने न तो अकालियों को माफ किया है और न ही आम आदमी पार्टी को माफ करेंगे। कांग्रेस शुरू से ही किसानों और लोगों के साथ खड़ी है और हमेशा खड़ी रहेगी। हमने एक साथ मिलकर पंजाब विरोधी टीम को हरा दिया है और अपनी धरती और हकों की लड़ाई जारी रखेंगे।

पंजाब भाजपा के महासचिव अनिल सरीन ने कहा कि 'आप' सरकार का दावा था कि वे कभी किसी के आगे नहीं झुकेंगे, लेकिन किसानों ने उनकी इतनी जोरदार पिटाई की कि उन्हें लैंड पूलिंग पॉलिसी छोड़नी पड़ी। दिल्ली के 'आप' नेता बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन पंजाबियों ने उन्हें दिखा दिया कि असली बॉस कौन है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह दर्शाता है कि जनसामान्य की आवाज़ भी महत्वपूर्ण होती है। इससे यह संकेत मिलता है कि सरकारें अगर जनता की जरूरतों का ध्यान नहीं रखेंगी तो उन्हें परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लैंड पूलिंग पॉलिसी क्या है?
लैंड पूलिंग पॉलिसी एक सरकारी योजना है, जिसके तहत जमीनों को एकत्रित कर विकास परियोजनाओं के लिए उपयोग किया जाता है।
इस नीति का विरोध क्यों हुआ?
किसानों और स्थानीय लोगों ने इसे जमीन हड़पने का एक प्रयास मानते हुए इसका विरोध किया।
क्या अब यह नीति वापस नहीं आएगी?
फिलहाल, सरकार ने इसे वापस ले लिया है, लेकिन भविष्य में इसे लागू करने का प्रयास हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 6 महीने पहले
  3. 8 महीने पहले
  4. 11 महीने पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 12 महीने पहले
  8. 1 साल पहले