18 अगस्त 2026
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नोएडा सेक्टर-25 गैराज चोरी: ₹1.48 करोड़ कैश समेत छह आरोपी गिरफ्तार, आयकर विभाग को सूचना देगी पुलिस

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नोएडा सेक्टर-25 गैराज चोरी: ₹1.48 करोड़ कैश समेत छह आरोपी गिरफ्तार, आयकर विभाग को सूचना देगी पुलिस

सारांश

नोएडा के सेक्टर-25 गैराज से डेढ़ करोड़ की चोरी महज एक वारदात नहीं — इसके पीछे निकला एक निवेश धोखाधड़ी का जाल। मुख्य आरोपी अवनीश कुमार ने अपना ही फँसा पैसा वापस पाने के लिए चोरी की राह चुनी। अब पुलिस की जाँच आयकर विभाग तक पहुँच रही है।

मुख्य बातें

नोएडा पुलिस ने 18 अगस्त 2026 को सेक्टर-25 गैराज चोरी मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया।
आरोपियों के कब्जे से ₹1 करोड़ 48 लाख नकदी और बिना नंबर प्लेट की कार बरामद।
मुख्य आरोपी अवनीश कुमार (33 वर्ष) सीए फर्म और टीपीएफ (ट्रेडिंग प्रॉफिट फंड) के ज़रिए निवेश के नाम पर रकम जुटाता था।
आरोपी पवन के खिलाफ 2015 से 2025 के बीच मथुरा में आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट सहित कई मुकदमे दर्ज हैं।
भारी नकदी बरामदगी के बाद पुलिस आयकर विभाग से पत्राचार करेगी और निवेश नेटवर्क की जाँच जारी है।

नोएडा पुलिस ने 18 अगस्त 2026 को सेक्टर-25 स्थित एक गैराज से हुई करीब डेढ़ करोड़ रुपये की चोरी का पर्दाफाश करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से ₹1 करोड़ 48 लाख की नकदी बरामद की। बरामद रकम में ₹500 के नोटों की 296 गड्डियाँ शामिल हैं, और वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर प्लेट की कार भी पुलिस के हाथ लगी है।

मुख्य घटनाक्रम

थाना सेक्टर-20 की पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से आरोपियों को रजनीगंधा चौराहे से फिल्मसिटी की ओर जाने वाले मार्ग पर दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पवन उर्फ शिवम उर्फ कांचा (28 वर्ष), अवनीश कुमार (33 वर्ष), जितेंद्र कुमार (24 वर्ष), सुमित कुमार (22 वर्ष), अनिल कुमार (22 वर्ष) और नीशू चौहान (29 वर्ष) के रूप में हुई है।

चोरी के पीछे की कहानी

जाँच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी अवनीश कुमार एक सीए फर्म के माध्यम से निवेश के नाम पर लोगों से रकम जुटाने का काम करता था और पिछले करीब एक वर्ष से टीपीएफ (ट्रेडिंग प्रॉफिट फंड) में भी सक्रिय था। पुलिस के अनुसार, जो ₹1.48 करोड़ की रकम गैराज से चोरी हुई, वह शिकायतकर्ता से आशीष ने निवेशक उपलब्ध कराने के नाम पर ली थी। जब अवनीश को अपना लगाया हुआ पैसा वापस नहीं मिला, तो उसने अपने साथियों और रिश्तेदारों के साथ मिलकर सेक्टर-25 स्थित आशीष के गैराज को निशाना बनाने की योजना बनाई।

आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड

गिरफ्तार आरोपी पवन के खिलाफ मथुरा के राया और छाता थानों में 2015 से 2025 के बीच आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, चोरी का माल रखने, अपहरण और मारपीट सहित कई मुकदमे दर्ज हैं। अनिल कुमार पर हाथरस जिले में एनडीपीएस एक्ट और आबकारी अधिनियम के तहत मामले दर्ज हैं, जबकि जितेंद्र कुमार के खिलाफ बुलंदशहर के अरनिया थाने में एनडीपीएस एक्ट और गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे हैं।

आयकर विभाग और आगे की जाँच

भारी मात्रा में नकदी बरामद होने के बाद पुलिस आयकर विभाग से पत्राचार करने की तैयारी में है। डीसीपी नोएडा साद मियां खान के अनुसार, बरामदगी और गिरफ्तारी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी रकम का वास्तविक स्रोत क्या था, निवेश के नाम पर कितने लोगों से पैसा लिया गया और इस मामले में फरार बताए जा रहे अन्य लोगों की क्या भूमिका है। यह मामला अब महज एक चोरी की घटना नहीं, बल्कि एक संभावित निवेश धोखाधड़ी नेटवर्क की जाँच का रूप ले चुका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी परतें खुलते ही एक जटिल निवेश धोखाधड़ी नेटवर्क सामने आता है — जहाँ पीड़ित और आरोपी दोनों एक ही गोरखधंधे के हिस्से हैं। यह सवाल उठता है कि सीए फर्म और टीपीएफ जैसे 'वैध' ढाँचों की आड़ में चलने वाले ऐसे नेटवर्क की निगरानी कितनी पुख्ता है। ₹1.48 करोड़ की नकदी का स्रोत और उसका गंतव्य — दोनों अभी अनुत्तरित हैं; आयकर विभाग की भूमिका यहाँ निर्णायक होगी।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा सेक्टर-25 गैराज चोरी मामला क्या है?
18 अगस्त 2026 को नोएडा के सेक्टर-25 स्थित एक गैराज से करीब डेढ़ करोड़ रुपये की नकदी चोरी हुई थी। नोएडा पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से छह आरोपियों को गिरफ्तार कर ₹1.48 करोड़ की रकम बरामद की।
मुख्य आरोपी अवनीश कुमार ने चोरी क्यों की?
पुलिस के अनुसार, अवनीश कुमार ने निवेश के नाम पर शिकायतकर्ता आशीष को रकम दी थी, जो उसे वापस नहीं मिल रही थी। इसी रकम को वापस पाने के लिए उसने साथियों और रिश्तेदारों के साथ मिलकर गैराज में चोरी की योजना बनाई।
बरामद नकदी में आयकर विभाग की भूमिका क्यों होगी?
₹1.48 करोड़ की भारी नकदी बरामदगी के बाद पुलिस इसके स्रोत की जाँच कर रही है और आयकर विभाग से पत्राचार करने की तैयारी में है। यह पता लगाना ज़रूरी है कि इतनी बड़ी रकम कहाँ से आई और इसका वास्तविक उपयोग क्या था।
गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास क्या है?
आरोपी पवन उर्फ शिवम उर्फ कांचा के खिलाफ मथुरा में 2015 से 2025 के बीच आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और अपहरण सहित कई मुकदमे दर्ज हैं। अनिल कुमार पर हाथरस में एनडीपीएस एक्ट और जितेंद्र कुमार पर बुलंदशहर में गैंगस्टर एक्ट के मामले दर्ज हैं।
इस मामले में आगे क्या होगा?
डीसीपी नोएडा साद मियां खान के अनुसार बरामदगी और गिरफ्तारी के आधार पर कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है और निवेश के नाम पर ठगे गए लोगों की संख्या तथा पूरे नेटवर्क के विस्तार की जाँच भी की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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