क्या नोएडा में कार चोरी गिरोह का भंडाफोड़ हुआ?

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क्या नोएडा में कार चोरी गिरोह का भंडाफोड़ हुआ?

सारांश

नोएडा के थाना सेक्टर-113 ने एक संगठित कार चोरी गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसमें तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। यह मामला धोखाधड़ी और चोरी से जुड़ा हुआ है। पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी की गई कार और चाबी भी बरामद की है। जानिए इस मामले के पीछे की पूरी कहानी।

मुख्य बातें

नोएडा में कार चोरी गिरोह का भंडाफोड़ हुआ।
तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।
पुलिस ने चोरी की गई कार और चाबी भी बरामद की है।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी है।
पुलिस की जांच जारी है।

नोएडा, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा पुलिस ने थाना सेक्टर-113 के अंतर्गत एक संगठित कार चोरी और धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तीन वांछित अभियुक्तों को चोरी की गई कार और चाबी के साथ गिरफ्तार किया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, थाना सेक्टर-113 की टीम ने पर्थला डूब क्षेत्र कब्रिस्तान सर्विस रोड के पास से अभियुक्तों को पकड़ा। बरामद की गई कार बिना नंबर प्लेट की थी, जिसे चोरी के बाद छिपाया गया था। जांच में यह सामने आया कि अभियुक्त अरुण भारद्वाज सेकेंड हैंड कारों की खरीद-फरोख्त का कार्य करता है। उसने पीड़ित को कार बेचते समय उसकी डुप्लीकेट चाबी बनवा ली थी और कार में जीपीएस डिवाइस भी लगवा दी थी।

कार की बिक्री के बाद, ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही उसने अपने साथियों लोकेश नागर और अमित नागर के साथ मिलकर कार को चोरी करवा लिया। बताया गया है कि कार पर फाइनेंस भी चल रहा था। अभियुक्त अरुण ने पीड़ित से कार की पूरी रकम पहले ही ले ली थी और फिर उसी कार को चुराकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर किसी दूसरे व्यक्ति को बेचने की योजना बना रहा था।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लोकेश नागर (36 वर्ष), अरुण भारद्वाज (39 वर्ष) और अमित नागर (24 वर्ष) के रूप में हुई है। तीनों आरोपी हरियाणा के फरीदाबाद जिले के निवासी हैं। पुलिस ने इनके पास से एक टाटा नेक्सोन कार और एक चाबी बरामद की है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, तीनों अभियुक्तों के खिलाफ इसी मामले में बीएनएस के तहत मुकदमे दर्ज हैं। इनके अन्य आपराधिक इतिहास की जानकारी संबंधित थानों से जुटाई जा रही है। फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह घटना हमारे समाज में बढ़ते अपराध की गंभीरता को दर्शाती है। जब संगठित गिरोह इस तरह से कार्य कर रहे हैं, तो यह सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है। हमें इस पर ध्यान देना चाहिए और पुलिस प्रशासन को सहयोग करना चाहिए ताकि ऐसे अपराधों को रोका जा सके।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस गिरोह का भंडाफोड़ कब हुआ?
यह भंडाफोड़ 3 जनवरी को हुआ।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान क्या है?
गिरफ्तार आरोपियों में लोकेश नागर, अरुण भारद्वाज और अमित नागर शामिल हैं।
पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया?
पुलिस ने एक टाटा नेक्सोन कार और एक कार की चाबी बरामद की है।
क्या आरोपियों का आपराधिक इतिहास है?
हां, पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, तीनों आरोपियों के खिलाफ पहले भी मामले दर्ज हैं।
इस मामले की आगे की कार्रवाई क्या है?
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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