नोएडा में 12 साल के भरोसेमंद चालक ने उड़ाए ₹9 लाख, 48 घंटे में गिरफ्तार; पूरी रकम बरामद
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा के थाना सेक्टर-20 पुलिस ने 20 जुलाई 2026 को मात्र 48 घंटों के भीतर ₹9 लाख की चोरी का पर्दाफाश करते हुए आरोपी चालक कपिल को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से चोरी की गई पूरी ₹9 लाख की नकद राशि और एक अवैध चाकू बरामद किया गया है।
घटनाक्रम: कैसे हुई चोरी
18 जुलाई 2026 को अलीगढ़ निवासी पीड़ित अपने परिवार के साथ नोएडा के एक मॉल में खरीदारी करने पहुँचे। उन्होंने अपनी कार और चालक कपिल को मॉल के बाहर ही छोड़ा। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान आरोपी ने कार में रखा ₹9 लाख से भरा बैग चुरा लिया और मौके से फरार हो गया।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह पिछले करीब 12 वर्षों से पीड़ित परिवार के यहाँ चालक के रूप में कार्यरत था। लंबे समय से परिवार का विश्वस्त कर्मचारी होने के बावजूद कार में बड़ी मात्रा में नकदी देखकर उसके मन में लालच आ गया और उसने चोरी का फैसला कर लिया।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
घटना की सूचना मिलते ही थाना सेक्टर-20 पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से आरोपी की तलाश शुरू की। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने आरोपी को नोएडा के लाल पैथ लैब के सामने स्थित पार्क से गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान कपिल पुत्र सत्यभान, निवासी ग्राम नादा वाजिदपुर, थाना रोरावर, जिला अलीगढ़ के रूप में हुई है। आरोपी की उम्र करीब 34 वर्ष है और वह 5वीं कक्षा तक शिक्षित है।
बरामदगी और अतिरिक्त धाराएँ
तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से चोरी की गई पूरी ₹9 लाख की नकद राशि बरामद कर ली गई। इसके अलावा उसके पास से एक अवैध चाकू भी मिला, जिसके बाद उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट की धाराएँ भी जोड़ दी गई हैं।
गौरतलब है कि यह मामला विश्वासघात की उस प्रवृत्ति को उजागर करता है जहाँ दीर्घकालिक घरेलू कर्मचारी अचानक बड़ी नकदी देखकर अपराध की राह चुन लेते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब घरेलू सहायकों और चालकों द्वारा नियोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी के मामले शहरी क्षेत्रों में बढ़ते जा रहे हैं।
आगे की कानूनी कार्रवाई
पुलिस आरोपी को न्यायालय में पेश कर रही है और मामले में आगे की विधिक प्रक्रिया जारी है। थाना सेक्टर-20 की इस त्वरित कार्रवाई से न केवल वारदात का खुलासा हुआ, बल्कि पीड़ित की पूरी धनराशि भी सुरक्षित वापस मिल गई। इस मामले में आरोपी के विरुद्ध चोरी और आर्म्स एक्ट दोनों के तहत मुकदमा दर्ज है।