राजद का आरोप: बिहार में कानून-व्यवस्था का बुरा हाल, भाजपा का 'रिमोट कंट्रोल'
सारांश
Key Takeaways
- राजद ने विधानसभा में सरकार की कार्यशैली पर आरोप लगाया।
- विपक्ष के ध्यानाकर्षण प्रस्तावों को अनसुना किया गया।
- बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर है।
पटना, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने सोमवार को बिहार विधानसभा के बजट सत्र के संचालन और राज्य सरकार की कार्यशैली पर कड़ा हमला किया। उन्होंने विनियोग विधेयक पर चर्चा के बाद कहा कि एनडीए सरकार अब पूरी तरह से अयोग्य हो चुकी है।
राजद प्रवक्ता यादव ने यह भी कहा कि बिहार विधानसभा के इतिहास में यह पहली बार है कि इतने दिनों तक विपक्ष के किसी भी ध्यानाकर्षण प्रस्ताव को मान्यता नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि अध्यक्ष के पास विशेषाधिकार होते हैं, लेकिन जनहित के मामलों पर विपक्ष की आवाज को जानबूझकर दबाना लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि सरकार के पास विकास का कोई रोडमैप नहीं है। बजट भाषण मात्र 11 मिनट में समाप्त कर दिया गया और आज विनियोग विधेयक पर भी वित्त मंत्री ने कुछ ही मिनटों में जवाब देकर खानापूर्ति कर दी। शक्ति सिंह यादव ने आरोप लगाया कि सरकार के अधीन कार्यरत संवेदकों और कर्मियों का भुगतान रोक दिया गया है। एक करोड़ से 50 लाख और 50 लाख से 25 लाख रुपये तक के विपत्रों का भुगतान नहीं किया जा रहा है।
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में हत्याएं लगातार हो रही हैं और लॉ एंड ऑर्डर अब पूरी तरह से डिसऑर्डर में बदल चुका है। कानून व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के व्यवहार और सार्वजनिक आचरण के संदर्भ में, उनके गिरते स्वास्थ्य के बारे में और कुछ बताने की आवश्यकता नहीं है। अब भारतीय जनता पार्टी सत्ता को अपने तरीके से पीछे से संचालित कर रही है, जो बिहार के भविष्य और हितों के लिए अत्यंत खतरनाक है।