इंडी गठबंधन की रामलीला मैदान महारैली: अखिलेश बोले — 'डबल इंजन डबल जीरो हो गया'
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को आयोजित इंडी गठबंधन की महारैली में विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और चुनाव आयोग पर तीखे हमले बोले। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत, कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने मंच से लोकतंत्र, मतदाता सूची में कथित छेड़छाड़ और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए।
मुख्य घटनाक्रम
रैली तब और महत्त्वपूर्ण हो गई जब संजय राउत ने बताया कि जंतर-मंतर पर विपक्ष के प्रस्तावित प्रदर्शन को पुलिस ने रोक दिया था, जिसके बाद रामलीला मैदान में इस महारैली का आयोजन तय किया गया। दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने आरोप लगाया कि रैली में आने वाले लोगों को रोकने के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई और यातायात की गति जानबूझकर धीमी की गई।
अखिलेश यादव का हमला
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने स्वयं स्वीकार किया है कि मतदाता सूची से 1 करोड़ 27 लाख वोट कम हो गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यह आंकड़ा मुख्यमंत्री को किस स्रोत से प्राप्त हुआ, यह देखते हुए कि ऐसे विशिष्ट डेटा तक सामान्य पहुँच संभव नहीं है।
अखिलेश ने व्यंग्यपूर्ण लहजे में कहा, 'जो लोग डबल इंजन की बात करते थे, वे अब डबल जीरो हो गए हैं। इतना ही नहीं, वे अपनी हार भी स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने चुनाव आयोग के साथ मिलकर दूसरी बार वोटों की गिनती करवाई। इस तरह एक ही चुनाव में डबल इंजन की सरकार को दोहरी हार का सामना करना पड़ा।' उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री अब यह दावा कर रहे हैं कि 1 करोड़ 27 लाख वोट हिंदुओं के नहीं हैं — और इस दावे के स्रोत पर सवाल उठाया।
संजय राउत और कांग्रेस की प्रतिक्रिया
संजय राउत ने रैली को 'मेगा रैली' बताते हुए कहा कि लोकतंत्र बचाने के लिए पूरा देश रामलीला मैदान में एकजुट हो रहा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी एकता मज़बूत है और यह आंदोलन तब तक नहीं रुकेगा जब तक चुनाव आयोग के मौजूदा नेतृत्व में बदलाव नहीं होता। राउत ने कहा, 'अगर उन्हें लगता है कि सब कुछ खत्म हो गया है, तो वे गलत हैं। यह आंदोलन तब तक नहीं रुकेगा, जब तक हम ज्ञानेश कुमार को बाहर नहीं निकाल देते।'
दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि हरियाणा से बड़ी संख्या में लोग रैली में पहुँचे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के साथ मिलकर मतदाता सूची से नाम काटे गए, जो जन-आक्रोश की प्रमुख वजह है।
भूपेंद्र हुड्डा और अन्य नेताओं के बयान
हरियाणा के नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि राहुल गांधी के आह्वान पर लाखों लोग रैली में शामिल होने पहुँचे। उन्होंने कहा कि यह जनता की आवाज़ है और रैली शांतिपूर्ण रहेगी। व्यापारियों को होने वाले नुकसान की आशंका पर उन्होंने कहा कि रैली में आए लोग खरीदारी भी करेंगे।
सपा सांसद नारायण दास अहिरवार ने कहा कि व्यापारी, मध्यम वर्ग, मजदूर और किसान समेत समाज का हर तबका मौजूदा सरकार की नीतियों से परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल के नेताओं को झूठ बोलने की आदत हो गई है।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी तेज़ है और विपक्षी एकता की परीक्षा हो रही है। गौरतलब है कि इंडी गठबंधन का यह जमावड़ा चुनाव आयोग की कार्यशैली और मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर केंद्रित रहा — जो आने वाले चुनावों से पहले एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है।