अखिलेश यादव का गठबंधन स्वार्थ से प्रेरित, जनता देगी जवाब: भाजपा नेता दिनेश प्रताप सिंह
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता दिनेश प्रताप सिंह ने 30 सितंबर 2026 को लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव की पीडीए यात्रा, दिल्ली में इंडिया ब्लॉक की बैठक और चुनाव आयोग पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी गठबंधन जनहित के लिए नहीं, बल्कि दलों के अपने-अपने स्वार्थ के लिए बनते हैं और उत्तर प्रदेश की जनता इस राजनीति को भलीभाँति समझती है।
गठबंधन की राजनीति पर सवाल
दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश यादव के गठबंधन संबंधी रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर गठबंधन की बात की जाती है, जबकि दूसरी ओर राहुल गांधी के घर से युद्ध का शंखनाद किया जाता है। उन्होंने कहा, यह समझना मुश्किल है कि उत्तर प्रदेश की जनता इस गठबंधन की पवित्रता को किस रूप में महसूस करेगी।
उनके अनुसार विपक्षी दलों के गठबंधन अपने-अपने हित और स्वार्थ के लिए बनते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता इन गठबंधनों की राजनीति को समझती है और समय आने पर इसका जवाब देगी।
रंगों की राजनीति पर भाजपा का पलटवार
अखिलेश यादव के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने हरे रंग को हरियाली और लाल रंग को दूसरी क्रांति का प्रतीक बताया था, भाजपा नेता ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारतीय संस्कार और संस्कृति में रंगों का अपना महत्व है।
दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि राजनीति और जनसेवा में रंग से ज़्यादा महत्वपूर्ण यह है कि कौन जनता की बेहतर सेवा कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई सफेद, हरा या लाल कपड़ा पहनकर भी जनसेवा कर सकता है और कोई भगवा झंडा लेकर भी — असली कसौटी सेवा है, रंग नहीं।
भाजपा और मोदी सरकार की तारीफ
दिनेश प्रताप सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और BJP के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि देश सुरक्षित है, देशवासियों की मेहनत की कमाई सुरक्षित है और देश का सम्मान सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि BJP 'सबका साथ, सबका विकास' की अवधारणा के साथ काम कर रही है।
चुनाव आयोग पर विपक्ष की आलोचना को खारिज किया
इंडिया ब्लॉक की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से रखी गई छह प्रमुख माँगों — जिनमें ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से मतदान कराने और चुनाव आयोग की जवाबदेही सुनिश्चित करने की माँग शामिल थी — पर दिनेश प्रताप सिंह ने पलटवार किया।
उन्होंने कहा कि जब भी चुनाव में हार होती है, विपक्ष ईवीएम और चुनाव आयोग को ज़िम्मेदार ठहराता है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से सवाल किया कि जिस चुनाव आयोग से उनके नेताओं को सांसद चुने जाने का प्रमाण पत्र मिला, उसी आयोग पर सवाल उठाने से पहले उन प्रमाण पत्रों को वापस करना चाहिए।
राहुल गांधी पर तीखी टिप्पणी
इंडिया ब्लॉक की बैठक के बाद राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर कठपुतली की तरह काम करने का आरोप लगाया था और कहा था कि 'वोट चोरी' के मुद्दे को चुपचाप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दिनेश प्रताप सिंह ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी को 'परजीवी सांसद और परजीवी आंदोलनकारी' बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब छात्र या अन्य समूह आंदोलन करते हैं, तो राहुल गांधी उनके साथ खड़े होकर उस आंदोलन का हिस्सा बनने की कोशिश करते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश की अपेक्षा विदेशों में अधिक समय बिताते हैं। गौरतलब है कि यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब इंडिया ब्लॉक की एकजुटता और उसकी रणनीति पर पहले से ही सवाल उठाए जा रहे हैं।