6 अक्टूबर 2026
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इंडी गठबंधन का चुनाव आयोग पर बड़ा आरोप: 'आयोग भाजपा के लिए काम करता दिखता है' — अखिलेश यादव

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इंडी गठबंधन का चुनाव आयोग पर बड़ा आरोप: 'आयोग भाजपा के लिए काम करता दिखता है' — अखिलेश यादव

सारांश

इंडी गठबंधन का चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा महज एक विरोध प्रदर्शन नहीं — यह आगामी राज्य चुनावों से पहले लोकतांत्रिक संस्थाओं की साख पर सीधा हमला है। अखिलेश यादव के बयान और टीएमसी के इस्तीफे की माँग मिलकर विपक्ष की एकजुट रणनीति का संकेत देते हैं।

मुख्य बातें

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने 6 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा के पक्ष में कार्य कर रहा है।
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग की।
यादव ने पश्चिम बंगाल , उत्तर प्रदेश के कुंदरकी और मीरापुर उपचुनावों में कथित धांधली का आरोप लगाया।
भाजपा के 'एक देश, एक चुनाव' प्रस्ताव को यादव ने लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरा बताया।
लद्दाख सांसद मोहम्मद हनीफा ने गृह मंत्री से बैठक के कारण विरोध मार्च से दूरी बनाई।

समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव 6 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली पहुँचे, जहाँ इंडी गठबंधन के सांसदों ने चुनाव आयोग के खिलाफ प्रस्तावित विरोध मार्च से पहले एकजुटता का प्रदर्शन किया। यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग संविधानसम्मत निष्पक्षता से भटककर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पक्ष में झुकता दिखाई दे रहा है।

मुख्य आरोप और बयान

पत्रकारों से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा, 'चुनाव आयोग और उसके कामकाज के तरीके को लेकर शिकायतें और आपत्तियाँ पहली बार नहीं उठाई जा रही हैं। ऐसा लगता है कि चुनाव आयोग का मानना है कि सिर्फ भाजपा के सदस्य ही भारतीय नागरिक हैं। कई मौकों पर ऐसा भी लगता है कि आयोग मानता है कि सिर्फ भाजपा के सदस्य ही वोट देने के हकदार हैं।'

यादव ने भाजपा पर चुनावी प्रक्रिया में धनबल और संसाधनों के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोग लंबे समय से भाजपा को 'इलेक्शन मशीन' के रूप में देखते आए हैं, जो केवल चुनावी प्रक्रिया से नहीं, बल्कि भारी मात्रा में धन और संसाधनों के दम पर चुनाव जीतती है।

राज्य-विशेष अनियमितताओं के आरोप

सपा प्रमुख ने पश्चिम बंगाल में बूथ कब्जाने की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि बल-प्रयोग से बूथों पर कब्जा किए जाने की खबरें सामने आई हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस प्रकार की स्थिति उत्तर प्रदेश में भी पहले देखी जा चुकी है।

यादव ने उत्तर प्रदेश के कुंदरकी और मीरापुर विधानसभा उपचुनावों में कथित धांधली का हवाला दिया और अयोध्या तथा अंबेडकर नगर के उपचुनावों पर भी सवाल उठाए। गौरतलब है कि इन क्षेत्रों में हुए उपचुनाव पहले भी विपक्ष की आपत्तियों का विषय रहे हैं।

'एक देश, एक चुनाव' पर विरोध

अखिलेश यादव ने भाजपा के 'एक देश, एक चुनाव' प्रस्ताव पर भी आपत्ति जताई। उनका तर्क था कि यह प्रस्ताव केवल प्रशासनिक दक्षता के लिए नहीं है, बल्कि इसके पीछे चुनावी व्यवस्था को प्रभावित करने की रणनीति हो सकती है। यादव ने कहा कि यदि एक बार धांधली कर दी जाए और उसके बाद पाँच वर्षों तक चुनावी जाँच-पड़ताल की आवश्यकता न हो, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय बन जाएगा।

टीएमसी और अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया

तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद कल्याण बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ तीखे आरोप लगाए। बनर्जी ने दावा किया कि 'वोट चोर' कहे जा रहे ज्ञानेश कुमार को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि 2024 के लोकसभा चुनाव सहित हरियाणा, महाराष्ट्र, बिहार और पश्चिम बंगाल के चुनाव कथित 'वोट चोरी' के जरिए जीते गए।

वहीं, लद्दाख के सांसद मोहम्मद हनीफा ने स्पष्ट किया कि वे इस विरोध मार्च में शामिल नहीं होंगे, क्योंकि उनकी केंद्रीय गृह मंत्री के साथ एक अलग बैठक निर्धारित है और उन्हें इसके बाद लद्दाख लौटना है।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल चुनाव आयोग की स्वायत्तता को लेकर पहले से ही आवाज़ उठाते रहे हैं। इंडी गठबंधन का यह विरोध मार्च चुनाव आयोग को औपचारिक ज्ञापन सौंपने और सुधार की माँग को जन-मंच पर लाने के इरादे से आयोजित किया जा रहा है। विपक्ष की एकजुटता और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए, आगामी राज्य चुनावों से पहले यह विवाद और गहरा होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वही आज आयोग की निष्पक्षता के सबसे मुखर आलोचक हैं। बिना ठोस साक्ष्य और कानूनी कार्रवाई के, ये बयान संस्थागत सुधार की माँग कम और चुनावी कथा-निर्माण का हिस्सा अधिक लगते हैं।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडी गठबंधन ने चुनाव आयोग के खिलाफ मार्च क्यों निकाला?
इंडी गठबंधन के सांसदों ने चुनाव आयोग पर भाजपा-पक्षपात और चुनावी अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए विरोध मार्च का आयोजन किया। गठबंधन का मानना है कि आयोग संविधानसम्मत निष्पक्षता के बजाय सत्तारूढ़ दल के हित में कार्य कर रहा है।
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाए?
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद से चुनाव आयोग का रवैया बदला है और आयोग भाजपा के लिए काम करता दिखाई देता है। उन्होंने पश्चिम बंगाल, कुंदरकी और मीरापुर उपचुनावों में कथित धांधली और बूथ कब्जाने की घटनाओं का भी उल्लेख किया।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के बारे में क्या आरोप लगे?
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 'वोट चोर' कहते हुए उनका तत्काल इस्तीफा माँगा। बनर्जी ने दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव सहित हरियाणा, महाराष्ट्र, बिहार और पश्चिम बंगाल के चुनाव कथित 'वोट चोरी' से जीते गए।
'एक देश, एक चुनाव' पर विपक्ष की आपत्ति क्या है?
अखिलेश यादव ने कहा कि 'एक देश, एक चुनाव' केवल प्रशासनिक सुधार नहीं है, बल्कि इसके पीछे चुनावी व्यवस्था को प्रभावित करने की रणनीति हो सकती है। उनका तर्क है कि यदि एक बार धांधली हो और पाँच वर्षों तक जाँच-पड़ताल की गुंजाइश न रहे, तो यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक होगा।
लद्दाख के सांसद मोहम्मद हनीफा इस मार्च में क्यों शामिल नहीं हुए?
लद्दाख के सांसद मोहम्मद हनीफा ने स्पष्ट किया कि वे केंद्रीय गृह मंत्री के साथ एक निर्धारित बैठक के कारण विरोध मार्च में शामिल नहीं हो सके और बैठक के बाद उन्हें लद्दाख लौटना था।
राष्ट्र प्रेस
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